ट्विशा शर्मा केस: सीबीआई चार्जशीट में उजागर हुए आखिरी 90 मिनट, 'मुझे शांति से मरने दो' का दर्दनाक संदेश
सारांश
मुख्य बातें
सीबीआई ने 14 अगस्त 2026 को दाखिल 600 पन्नों की चार्जशीट में ट्विशा शर्मा की मृत्यु से पहले के आखिरी 90 मिनट का मिनट-दर-मिनट विवरण प्रस्तुत किया है। चार्जशीट में उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर लगातार मानसिक प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। यह मामला भोपाल का है, जहाँ 12 मई की रात ट्विशा की मौत हुई थी।
आखिरी 90 मिनट का घटनाक्रम
12 मई की रात 9 बजकर 20 मिनट पर ट्विशा कथित तौर पर अपनी ननद राशि अब्रोल से फोन पर बात कर रही थीं और लगातार रो रही थीं। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पीठ दर्द के कारण बेडरूम में सोने की अनुमति माँगी, तो समर्थ आक्रामक और हिंसक हो गए।
रात 9 बजकर 36 मिनट पर ट्विशा ने राशि को व्हाट्सऐप पर संदेश भेजा — "उससे कहो कि अपनी पत्नी का बचा-खुचा सामान ले जाए। लेकिन कल। अभी मुझे शांति से मरने दो।" सीबीआई के अनुसार, ठीक चार मिनट बाद सीसीटीवी फुटेज में ट्विशा को अपने घर के ग्राउंड फ्लोर से छत की ओर अकेले जाते हुए देखा गया।
रात 9 बजकर 41 मिनट पर उन्होंने रोते हुए अपने पिता को फोन किया और कहा कि समर्थ 'बहुत आक्रामक और हिंसक' हो गए हैं, वह डरी हुई हैं और माता-पिता को तुरंत आने को कहा। रात करीब 10 बजकर 5 मिनट पर उन्होंने अपनी माँ से बात की और कथित तौर पर वही बातें दोहराईं।
रात 10 बजकर 23 मिनट पर सीसीटीवी फुटेज में गिरिबाला और फिर समर्थ को छत की ओर जाते हुए देखा गया। इसके बाद ट्विशा को नीचे लाया गया और एम्स भोपाल ले जाया गया, जहाँ रात करीब 10 बजकर 55 मिनट पर उन्हें 'ब्रॉट डेड' घोषित कर दिया गया।
शादी से मृत्यु तक: रिश्ते का दर्दनाक सफर
चार्जशीट के अनुसार, ट्विशा — जो पहले 'मिस पुणे' रह चुकी थीं और कॉर्पोरेट सेक्टर में आने से पहले अभिनय करती थीं — समर्थ से फरवरी 2025 में एक ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए मिली थीं। 9 दिसंबर 2025 को उनकी शादी हुई।
सीबीआई का आरोप है कि शादी के बाद समर्थ ने ट्विशा को बार-बार मानसिक रूप से परेशान किया, जिसमें यौन रूप से अपमानजनक बातें कहना और विवाह-पूर्व संबंधों पर आरोप लगाना शामिल था। जब ट्विशा ने आपत्ति जताई, तो गिरिबाला ने कथित तौर पर बार-बार अपने बेटे का पक्ष लिया।
मार्च और अप्रैल 2026 में रिश्ते और बिगड़े। जब ट्विशा हार्ट अटैक के बाद अपने पिता के इलाज के दौरान उनके साथ रह रही थीं, तो दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर उन पर भोपाल लौटने का दबाव डाला। वह 24 मार्च को वापस लौटीं।
16 अप्रैल को ट्विशा को पता चला कि वह गर्भवती हैं। 17 अप्रैल को बहस के बाद वह ससुराल छोड़कर चली गईं।
वित्तीय विवाद और दबाव के आरोप
सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया है कि पैसों से जुड़े झगड़ों ने रिश्ते को और बिगाड़ा। ट्विशा ने डीमैट अकाउंट के जरिए शेयरों में करीब ₹20 लाख का निवेश किया था। एजेंसी का आरोप है कि समर्थ और गिरिबाला ने उन पर यह निवेश उस जॉइंट अकाउंट में ट्रांसफर करने का दबाव डाला जो 7 अप्रैल को खोला गया था। ट्विशा ने इनकार करते हुए कहा कि यह पैसा उनके पिता का है।
12 मई की शाम करीब 7 बजकर 51 मिनट पर ट्विशा ने अपनी भाभी को बताया कि समर्थ उन पर निवेश ट्रांसफर करने का दबाव डाल रहे हैं। उन्होंने उसी दिन राजस्थान के नसीराबाद जाने के लिए ट्रेन टिकट बुक किया था। सीबीआई दहेज से जुड़े आरोपों की अलग से जाँच कर रही है।
मेडिकल और फोरेंसिक निष्कर्ष
एम्स भोपाल की शुरुआती रिपोर्ट में मौत की वजह 'एंटी-मॉर्टम हैंगिंग' बताई गई थी। परिवार की माँग पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने दूसरे पोस्टमार्टम का आदेश दिया। एम्स दिल्ली के एक मेडिकल बोर्ड ने 24 मई को शव की जाँच की और निष्कर्ष निकाला कि मौत एंटी-मॉर्टम हैंगिंग से दम घुटने के कारण हुई और इसे आत्महत्या माना। बोर्ड को मृत्यु से पूर्व मारपीट का संकेत देने वाली कोई अन्य महत्वपूर्ण चोट नहीं मिली।
सीबीआई ने बताया कि ट्विशा की डायरी, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर किए गए फोरेंसिक मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन से लंबे समय तक मानसिक नुकसान, निराशा और समर्थन की कमी का पता चला।
जाँच की स्थिति और आगे की कार्रवाई
सीबीआई ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 85, 108 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। एजेंसी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 193(9) के तहत दहेज माँग और दहेज-मृत्यु से जुड़े आरोपों की जाँच जारी रखने की अनुमति भी माँगी है।
जाँच अभी पूरी नहीं हुई है। ट्विशा के मुख्य आईफोन से फोरेंसिक डेटा निकालने का काम जारी है। आरोपी के घर से बरामद डीवीआर को नई दिल्ली स्थित केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है ताकि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की निरंतरता और किसी भी छेड़छाड़ की जाँच हो सके। समर्थ और गिरिबाला के वॉयस सैंपल भी फोरेंसिक मिलान के लिए भेजे गए हैं।