ट्विशा शर्मा मौत मामला: सीबीआई की 636 पन्नों की चार्जशीट, पति समर्थ और सास गिरिबाला पर दहेज व आत्महत्या उकसाने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार, 17 अगस्त को भोपाल की मॉडल-अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसमें ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज की मांग और आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दोनों आरोपी 2 जून से भोपाल सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।
चार्जशीट में क्या है
सीबीआई की जांच में ट्विशा शर्मा की मौत को आत्महत्या माना गया है। दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी मौत के कारण के संदर्भ में इसी निष्कर्ष की ओर इशारा करती है। जांच एजेंसी ने पहले कहा था कि एम्स दिल्ली के मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, जिम्नास्टिक बेल्ट पर मिले त्वचा के ऊतक ट्विशा की गर्दन पर पाए गए चोट के निशानों से मेल खाते हैं — यह बेल्ट कथित तौर पर फंदे के रूप में इस्तेमाल की गई थी। चार्जशीट के आधार पर अब अदालत में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
परिवार की आपत्तियाँ और दूसरा पोस्टमार्टम
ट्विशा के परिजनों ने पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठाए थे। परिवार का आरोप था कि जांच और पोस्टमार्टम के दौरान तथ्यों से छेड़छाड़ हुई और ससुराल पक्ष के प्रभाव के कारण निष्पक्ष जांच नहीं हो सकी। परिजनों ने ट्विशा की हत्या की आशंका जताते हुए दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की थी।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देश पर दिल्ली एम्स के डॉक्टरों की टीम ने 24 मई को भोपाल एम्स में ट्विशा का दूसरा पोस्टमार्टम किया। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। उच्च न्यायालय के इसी आदेश के बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।
जांच के दौरान विवाद
जांच के क्रम में सीबीआई ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के वॉइस सैंपल लेने का प्रयास किया। आरोपियों ने जांच एजेंसी के उस दावे का विरोध किया कि उन्होंने नमूने देने में सहयोग नहीं किया। बचाव पक्ष ने सैंपल लेने की प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों के व्यवहार पर अदालत में आपत्ति भी दर्ज कराई। इसके अतिरिक्त, सीबीआई ने घटना के बाद समर्थ सिंह के संपर्क में आए लोगों से पूछताछ की और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की।
आगे क्या होगा
चार्जशीट दाखिल होने के साथ ही सीबीआई ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज संबंधी धाराओं के तहत अभियोजन आगे बढ़ाने की तैयारी पूरी कर ली है। यह मामला अब अदालत में साक्ष्यों की जांच और सुनवाई के अगले चरण में प्रवेश करेगा। ट्विशा के परिवार की न्याय की लड़ाई अब न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है।