अनीश गवांडे का केंद्र पर हमला: यूसीसी, राम मंदिर ट्रस्ट विवाद और टीईटी पेपर लीक पर जवाबदेही की मांग
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के नेता अनीश गवांडे ने 28 जून 2025 को केंद्र सरकार पर कई मोर्चों पर तीखा हमला बोला — समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के असमान क्रियान्वयन से लेकर राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं और महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक तक। गवांडे ने प्रत्येक मुद्दे पर स्वतंत्र जांच और जवाबदेही की मांग दोहराई।
यूसीसी पर गवांडे का रुख
पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता लागू करने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए गवांडे ने कहा कि यदि यूसीसी लागू करना है तो उसे पूरे देश में एकसमान रूप से लागू किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, राज्य-दर-राज्य अलग-अलग प्रकार का यूसीसी लागू होने से इस कानून का मूल उद्देश्य ही नष्ट हो जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि इस विषय पर सभी राज्यों और हितधारकों के साथ व्यापक संवाद आवश्यक है — केवल कानून बना देने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
राम मंदिर ट्रस्ट विवाद और स्वतंत्र जांच की मांग
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे के मुद्दे पर गवांडे ने कहा कि कथित चढ़ावा, चंदा, चांदी और अन्य वित्तीय अनियमितताओं को लेकर लगातार आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ट्रस्ट एक स्वतंत्र संस्था है, तो सरकारी दबाव में इस्तीफों की चर्चा क्यों हो रही है। साथ ही उन्होंने पूछा कि ट्रस्ट सदस्यों की नियुक्ति किस प्रक्रिया के तहत हुई और क्या नियुक्ति से पूर्व उनका समुचित परीक्षण किया गया था।
अखिलेश यादव के 'नेशन फर्स्ट' से 'डोनेशन फर्स्ट' वाले बयान का समर्थन करते हुए गवांडे ने कहा कि कथित रूप से जुटाए गए चंदे और धन के उपयोग पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने इस पूरे मामले में निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच की मांग की।
ट्रंप के भारत दौरे और व्यापार समझौते पर पारदर्शिता की मांग
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संभावित भारत दौरे पर गवांडे ने कहा कि भारत 'अतिथि देवो भव:' की परंपरा का सम्मान करता है और ट्रंप का स्वागत होगा। हालांकि, उन्होंने प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सरकार से पारदर्शिता की मांग की। उनके अनुसार, ऐतिहासिक व्यापार समझौते की बात कही गई थी, लेकिन अब तक उसके प्रमुख प्रावधान सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। सोयाबीन, मक्का (कॉर्न) आयात और व्यापारिक संतुलन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए।
टीईटी पेपर लीक और शिक्षा तंत्र पर सवाल
महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले पर गवांडे ने कहा कि देश में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं। पहले नीट और अब टीईटी परीक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनाएं नहीं रुकेंगी। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री और महाराष्ट्र के शिक्षा विभाग की जवाबदेही तय करने की मांग की।
राजनीतिक दलों की तोड़-फोड़ और टीएमसी विवाद
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम के कथित दुरुपयोग को लेकर बागी नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के सवाल पर गवांडे ने आरोप लगाया कि देश में लगातार राजनीतिक दलों को तोड़ने की राजनीति हो रही है। उनके अनुसार, पहले आम आदमी पार्टी (AAP), फिर तृणमूल कांग्रेस और उसके बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को तोड़ा गया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी एक संघर्षशील नेता हैं और आगामी 'शहीद दिवस' कार्यक्रम में उनके गुट की ताकत स्पष्ट दिखाई देगी।
गवांडे ने यह भी कहा कि देश की राजनीति को हिंदू-मुस्लिम बहस तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए और विपक्ष का उद्देश्य धार्मिक विवाद नहीं, बल्कि जनहित और जवाबदेही से जुड़े मुद्दे उठाना है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर विपक्षी दलों का दबाव और बढ़ने की संभावना है।