कांग्रेस नेता उदित राज का महाकाल स्टैंडर्ड टाइम पर बयान: आस्था पर नहीं चलती कोई चीज
सारांश
Key Takeaways
- उदित राज ने महाकाल स्टैंडर्ड टाइम पर वैज्ञानिक सिद्धांत की आवश्यकता पर जोर दिया।
- भाजपा नेताओं की बयानबाजी पर उन्होंने आलोचना की।
- 370 हटने के बाद एससी-एसटी वर्ग के साथ भेदभाव बढ़ा है।
नई दिल्ली, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस नेता उदित राज ने महाकाल स्टैंडर्ड टाइम (एमएसटी) की परिकल्पना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोई भी चीज आस्था पर नहीं चलती है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक इसे वैज्ञानिक और तार्किक तरीके से सिद्ध नहीं किया जाता, तब तक समर्थन करने का सवाल ही नहीं उठता।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अब समय आ गया है कि ग्रीनविच मीन टाइम (जीएमटी) के स्थान पर महाकाल स्टैंडर्ड टाइम की तार्किक स्थापना की जाए।
इस पर उदित राज ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "महाकाल स्टैंडर्ड टाइम जैसी बातों पर वैश्विक सहमति जरूरी है। भाजपा के नेता समय-समय पर ऐसे शिगूफे छोड़ते हैं। कोई भी चीज आस्था पर नहीं चलती है। यदि इसे वैज्ञानिक और तार्किक रूप से सिद्ध किया जाए, तो हम समर्थन कर सकते हैं।"
उन्होंने यह भी कहा, "यहां विश्वगुरु बनने का दावा किया जाता है कि पूरी दुनिया हमारे ज्ञान से चल रही है, जबकि प्राचीन भारत में प्लास्टिक सर्जरी का ज्ञान था, लेकिन आज यह ज्ञान कहीं नहीं दिखाई देता। हम यूरोप के बनाए स्कूलिंग सिस्टम का उपयोग कर रहे हैं।"
उदित राज ने ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख उमर अहमद इलियासी के पीओके वाले बयान पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा, "एक नैरेटिव बनाया जाता है और सबको पता है कि इसके पीछे क्या कारण हैं। पहले एससी-एसटी का कल्याण होता था, लेकिन 370 के हटने के बाद भेदभाव बहुत बढ़ गया है। उत्तरी भारत के अधिकारी जा चुके हैं और वहां गवर्नर सिस्टम का विस्तार हुआ है।"
कांग्रेस नेता ने आगे कहा, "वहां के लोगों की फीडबैक है कि 370 हटने से पहले स्थितियां बेहतर थीं। अब वे बहुत शोषित और अपमानित महसूस कर रहे हैं।"