विकसित भारत 2047: WTC चेयरमैन विजय कलंत्री बोले — उद्योग, कृषि और AI का तालमेल अनिवार्य
सारांश
मुख्य बातें
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (WTC) के चेयरमैन विजय कलंत्री ने 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए उद्योग, एमएसएमई, कृषि और तकनीक के बीच ठोस तालमेल अनिवार्य है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन को दिशा-निर्धारक बताते हुए कहा कि पीएम ने देश को पीछे मुड़ने के बजाय आगे बढ़ने का स्पष्ट संदेश दिया।
पीएम के संबोधन की मुख्य प्राथमिकताएँ
कलंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में ऊर्जा सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, ग्रीन एनर्जी, ब्लू इकोनॉमी और गति शक्ति मॉडल को विशेष महत्व दिया। उन्होंने कहा कि भारत की विकास दर और तकनीकी क्षमता लगातार बढ़ रही है, और इसका सबसे बड़ा लाभार्थी वर्ग उद्योग, एमएसएमई, कृषि और एग्रो-फूड सेक्टर होना चाहिए।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है और घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहन देने की नीतियाँ तेज़ की जा रही हैं।
ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति की चुनौती
कलंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के संदर्भ में ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल और यूरिया की आपूर्ति को लेकर जो आशंकाएँ थीं, वे निराधार साबित हुईं — देश में इन आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति बनी रही और उद्योग ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी कामकाज जारी रखा।
सौर ऊर्जा और ग्रीन ट्रांज़िशन
WTC चेयरमैन ने सोलर ऊर्जा के विस्तार को विकसित भारत की यात्रा का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के संबोधन में घरों तक सौर ऊर्जा पहुँचाने और किसानों सहित आम नागरिकों को स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ने के प्रयासों का विशेष उल्लेख था। सरकार का लक्ष्य सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की क्षमता को और तेज़ी से बढ़ाना है।
AI और तकनीकी प्रतिस्पर्धा
कलंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भविष्य की अर्थव्यवस्था का केंद्रीय आधार बताया। उनका कहना था कि साइबर सुरक्षा और तकनीकी उन्नयन के साथ भारत को वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में अग्रणी स्थान पर रखना होगा। गौरतलब है कि भारत वर्तमान में AI नीति और डेटा गवर्नेंस के क्षेत्र में व्यापक सुधारों की दिशा में काम कर रहा है।
तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
कलंत्री ने दावा किया कि भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और आने वाले वर्षों में तीसरे स्थान पर पहुँचने का लक्ष्य रखता है। 2047 तक एक विकसित और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सरकार ने विकास, आत्मनिर्भरता और तकनीकी क्षमता को केंद्र में रखने का संकेत दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस लक्ष्य की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नीतिगत घोषणाएँ ज़मीनी क्रियान्वयन में कितनी तेज़ी से बदलती हैं।