उलुबेरिया दक्षिण में TMC के पुलक रॉय की चौथी जीत, 17,187 मतों से BJP के स्वामी मंगलानन्द पुरी को हराया
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पुलक रॉय ने 4 मई 2026 को घोषित पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में उलुबेरिया दक्षिण सीट पर लगातार चौथी बार जीत दर्ज की। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी स्वामी मंगलानन्द पुरी को 17,187 मतों के अंतर से पराजित किया।
मतगणना के प्रमुख आंकड़े
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पुलक रॉय को 1,09,649 वोट प्राप्त हुए, जबकि BJP के स्वामी मंगलानन्द पुरी को 92,462 वोट मिले। तीसरे स्थान पर वाम मोर्चे के घटक दल ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के अमीरुल इस्लाम खान रहे। कांग्रेस प्रत्याशी इंताज अली शाह का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। इस सीट पर 29 अप्रैल 2026 को दूसरे चरण में मतदान हुआ था, जिसमें 95 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया।
सीट का राजनीतिक इतिहास
उलुबेरिया दक्षिण विधानसभा सीट का गठन 1951 में हुआ था और 2006 की परिसीमन प्रक्रिया के बाद इसकी वर्तमान सीमाएं निर्धारित हुईं। 1977 से 2006 तक इस सीट पर ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक का मजबूत दबदबा रहा। 2011 के बाद से TMC ने यहाँ अपनी पकड़ मजबूत कर ली और पुलक रॉय ने 2011, 2016 और 2021 में लगातार तीन बार विधायक पद जीता। यह उनकी लगातार चौथी जीत है।
2021 से तुलना और TMC की बढ़त
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में पुलक रॉय ने 1,01,880 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी, जबकि BJP की पापिया डे (अधिकारी) को 73,442 वोट मिले थे। उस चुनाव में TMC का वोट शेयर 50.37 प्रतिशत रहा था। 2026 में पुलक रॉय के वोट 1,09,649 तक पहुँचे और जीत का अंतर भी बढ़कर 17,187 हो गया, जो TMC की मजबूत होती पकड़ को दर्शाता है।
सीट की राजनीतिक अहमियत
उलुबेरिया दक्षिण सीट हावड़ा जिले की अहम ग्रामीण-राजनीतिक सीटों में गिनी जाती है। यह सीट ग्रामीण सामाजिक समीकरण, अल्पसंख्यक मतदाताओं और दक्षिण हावड़ा के स्थानीय मुद्दों के कारण राजनीतिक रूप से विशेष महत्व रखती है। यह सीट उलुबेरिया लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जहाँ से फिलहाल TMC की सजदा अहमद सांसद हैं।
आगे की राह
इस जीत के साथ पुलक रॉय उलुबेरिया दक्षिण के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले TMC विधायक बन गए हैं। BJP के लिए यह परिणाम इस सीट पर पार्टी की पकड़ मजबूत करने की चुनौती को रेखांकित करता है, जबकि वाम दल और कांग्रेस यहाँ हाशिये पर बने हुए हैं।