केशव प्रसाद मौर्य ने मानसून सत्र से पहले UP की कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा की, अधिकारियों को कड़े निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 3 अगस्त 2026 को मानसून सत्र-2026 से पहले राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे उत्तर प्रदेश में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मौर्य ने साफ कहा कि नागरिकों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही या उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में क्या हुआ
लखनऊ के विधान भवन में आयोजित इस बैठक में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कानून और व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्र प्रदर्शनकारियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए, क्योंकि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन एक लोकतांत्रिक अधिकार है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग छात्र आंदोलनों का दुरुपयोग आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने या सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने के लिए करते हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा
उपमुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और संबंधित विभागों को श्रद्धालुओं के लिए सुचारू, सुरक्षित और सुविधाजनक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने का आह्वान करते हुए स्पष्ट किया कि तीर्थयात्रा प्रबंधन में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
साइबर अपराध और सोशल मीडिया पर सख्ती
मौर्य ने साइबर अपराध नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आह्वान करते हुए साइबर पुलिस इकाइयों और तकनीकी टीमों को मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी के पीड़ितों को समय पर सहायता मिल सके। उन्होंने अफवाहों, गलत सूचनाओं और सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने वाली सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों की निगरानी बढ़ाने का भी आदेश दिया। गौरतलब है कि यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब राज्य में मानसून सत्र के आसपास विभिन्न संगठनों के विरोध प्रदर्शनों की संभावना बनी रहती है।
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा, अतिरिक्त महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश, एडीजी लॉजिस्टिक्स संजीव गुप्ता, एडीजी मानवाधिकार राज कुमार सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में जन शिकायतों, ऑनलाइन ट्रैफिक चालानों और अयोध्या से संबंधित मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
आगे क्या होगा
उपमुख्यमंत्री ने दोहराया कि उत्तर प्रदेश सरकार अपराध और अराजकता के विरुद्ध शून्य-सहिष्णुता नीति के प्रति प्रतिबद्ध है और प्रवर्तन कार्रवाई पारदर्शी, निष्पक्ष तथा जनहित पर केंद्रित होनी चाहिए। मानसून सत्र शुरू होने से पहले इन निर्देशों के क्रियान्वयन की निगरानी की जाएगी।