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यूपी में गोमूत्र खरीद योजना: ₹10 प्रति लीटर पर खरीद, 300 महिलाएँ बनेंगी शेयरहोल्डर — मंत्री धर्मपाल सिंह

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यूपी में गोमूत्र खरीद योजना: ₹10 प्रति लीटर पर खरीद, 300 महिलाएँ बनेंगी शेयरहोल्डर — मंत्री धर्मपाल सिंह

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार बुलंदशहर में ₹10 प्रति लीटर की दर पर गोमूत्र खरीदने की योजना पर काम कर रही है, जिसमें 300 महिलाएँ शेयरहोल्डर बनेंगी। मंत्री धर्मपाल सिंह ने इसे गौ-कल्याण और महिला सशक्तिकरण से जोड़ा, जबकि सपा सांसद रुचि वीरा ने इसे असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश सरकार बुलंदशहर में ₹10 प्रति लीटर की दर पर गोमूत्र खरीदने की योजना पर काम कर रही है।
खरीदे गए गोमूत्र का उपयोग दवाइयाँ बनाने और अन्य व्यावसायिक कार्यों में किया जाएगा।
योजना के तहत 300 महिलाओं को शेयरहोल्डर बनाया जाएगा और प्रत्येक को ₹2 प्रति लीटर मुनाफा मिलेगा।
कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने 11 अगस्त को इस योजना की जानकारी दी।
सपा सांसद रुचि वीरा ने योजना को 'असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश' बताते हुए आलोचना की।

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने 11 अगस्त को जानकारी दी कि राज्य सरकार दवाइयाँ बनाने और अन्य उपयोगों के लिए गोमूत्र की सरकारी खरीद की योजना पर काम कर रही है। बुलंदशहर में शुरू होने वाली इस पायलट योजना के तहत गोमूत्र को ₹10 प्रति लीटर की दर पर खरीदा जाएगा और इससे 300 महिलाओं को शेयरहोल्डर बनाया जाएगा।

योजना का ब्यौरा

मंत्री धर्मपाल सिंह के अनुसार, इस योजना में भाग लेने वाली महिलाओं को ₹2 प्रति लीटर का मुनाफा मिलेगा। उन्होंने कहा कि देसी गाय का दूध अमृत के समान है और सरकार गाय के गोबर एवं गोमूत्र दोनों पर काम कर रही है। खरीदे गए गोमूत्र का उपयोग दवाइयाँ बनाने के साथ-साथ अन्य व्यावसायिक कामों में भी किया जाएगा।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार गौ-संरक्षण और पशु-कल्याण को अपनी नीतिगत प्राथमिकताओं में शामिल कर चुकी है। गौरतलब है कि राज्य में पहले से गौशालाओं के लिए बजट आवंटन और आवारा पशु प्रबंधन पर काम जारी है।

'हर घर तिरंगा' अभियान पर मंत्री का बयान

मंत्री धर्मपाल सिंह ने गोमूत्र योजना के साथ-साथ 'हर घर तिरंगा यात्रा' का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'हर घर तिरंगा, घर-घर तिरंगा। देश अब दुनिया में सबसे बेहतर बनने की ओर बढ़ रहा है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है और यह यात्रा 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' तथा 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को साकार करने में सहायक होगी।

विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद रुचि वीरा ने इस योजना पर उत्तर प्रदेश सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, 'मुझे यह कहते हुए शर्म आती है कि एक तरफ हम विश्व गुरु बनने की बात कर रहे हैं और दूसरी तरफ सभी सामान व मशीनरी की खरीद चीन और विदेशों से कर रहे हैं। वहीं, हमारी सरकार गौमूत्र योजना पर अटकी हुई है।'

रुचि वीरा ने आरोप लगाया कि यह योजना असल मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास है। उन्होंने माँग की कि सत्ता पक्ष को छात्रों की पढ़ाई, युवाओं के रोज़गार, स्वास्थ्य और देश की सुरक्षा जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

आम जनता और महिलाओं पर असर

यदि यह योजना लागू होती है, तो बुलंदशहर की 300 महिलाएँ सीधे तौर पर इससे जुड़ेंगी और उन्हें एक नियमित आय का स्रोत मिल सकता है। हालाँकि, गोमूत्र से बनी दवाइयों की वैज्ञानिक प्रभावशीलता को लेकर विशेषज्ञों और चिकित्सा समुदाय में अभी भी बहस जारी है। योजना की व्यावसायिक व्यवहार्यता और बाज़ार माँग का स्वतंत्र आकलन अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

आगे क्या होगा

फिलहाल यह योजना बुलंदशहर में पायलट स्तर पर प्रस्तावित है। राज्य सरकार की ओर से इसके विस्तार या क्रियान्वयन की समय-सीमा की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। विपक्ष के विरोध को देखते हुए यह योजना आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर ₹2 प्रति लीटर मुनाफे की व्यावसायिक टिकाऊपन पर स्वतंत्र आकलन अभी सार्वजनिक नहीं हुआ। विपक्ष की आलोचना राजनीतिक है, लेकिन यह सवाल वैध है कि क्या यह योजना रोज़गार और स्वास्थ्य के बड़े एजेंडे को आगे बढ़ाती है या उससे ध्यान हटाती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी सरकार की गोमूत्र खरीद योजना क्या है?
उत्तर प्रदेश सरकार बुलंदशहर में ₹10 प्रति लीटर की दर पर गोमूत्र खरीदने की योजना पर काम कर रही है। इस गोमूत्र का उपयोग दवाइयाँ बनाने और अन्य व्यावसायिक कार्यों में किया जाएगा।
इस योजना से महिलाओं को क्या फायदा होगा?
योजना के तहत 300 महिलाओं को शेयरहोल्डर बनाया जाएगा और उन्हें ₹2 प्रति लीटर का मुनाफा मिलेगा। यह उनके लिए एक अतिरिक्त आय का स्रोत बन सकता है।
मंत्री धर्मपाल सिंह ने यह घोषणा कब और कहाँ की?
कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने 11 अगस्त को यह जानकारी दी। उन्होंने गाय के दूध, गोबर और गोमूत्र तीनों पर राज्य सरकार के काम का उल्लेख किया।
विपक्ष ने इस योजना पर क्या कहा?
समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा ने इस योजना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह असल मुद्दों — रोज़गार, शिक्षा और स्वास्थ्य — से ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने यह भी कहा कि एक तरफ विश्व गुरु बनने की बात होती है और दूसरी तरफ मशीनरी चीन से खरीदी जाती है।
क्या गोमूत्र से दवाइयाँ बनाने का वैज्ञानिक आधार है?
गोमूत्र के औषधीय उपयोग को लेकर भारत में पारंपरिक दावे हैं, लेकिन मुख्यधारा की चिकित्सा विज्ञान में इसकी प्रभावशीलता पर सहमति नहीं है। इस योजना के तहत बनने वाली दवाइयों के वैज्ञानिक परीक्षण या नियामक अनुमोदन का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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