अखिलेश के '403 सीट' दावे पर यूपी के मंत्रियों का तीखा पलटवार, बोले- सपा की राजनीति सिर्फ भ्रम और नफरत की
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर जोरदार पलटवार किया और कहा कि उनका एकमात्र एजेंडा जनता को भ्रमित करना तथा उन्हें अंधेरे में रखना है। मंत्रियों की यह प्रतिक्रिया तब आई जब अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अब उनकी नजर तीन सीटों पर नहीं, बल्कि 403 सीटों पर है — जो उत्तर प्रदेश विधानसभा की कुल सीटें हैं।
उपमुख्यमंत्रियों का सीधा हमला
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि समाजवादी पार्टी जब भी अपनी हार के लिए किसी को दोषी ठहराना चाहती है, तो वह संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाती है। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) 2027 में भारी बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगी और विपक्ष यह बात भली-भांति समझ चुका है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तंज कसते हुए कहा कि BJP विधान परिषद की 11 सीटें और राज्यसभा की 8 सीटें जीतने जा रही है। उन्होंने कहा, 'अखिलेश यादव 403 की बात कर रहे हैं, लेकिन वे पहले 100 सीटें पार करने के लिए भी संघर्ष करते थे। 2022 में उनकी हालत सबने देखी। इस बार देखते हैं कि उनकी साइकिल अर्धशतक भी लगा पाती है या नहीं।'
अन्य मंत्रियों की प्रतिक्रियाएँ
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि अखिलेश यादव जो भी कहते हैं, उसका उल्टा ही होता है और वे 2014 से यही देख रहे हैं। मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने दावा किया कि अखिलेश यादव और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक-दूसरे को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले दोनों को आपस में लड़ने दिया जाए, फिर जो भी जीते, BJP उससे निपट लेगी।
मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने आरोप लगाया कि सपा नेता पहले बड़े-बड़े दावे करते थे कि वे अपने दम पर उम्मीदवार उतारेंगे और सबको चौंका देंगे, लेकिन जब असर दिखाने का समय आया तो उनके 'पटाखे फुस्स' हो गए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की पूरी राजनीति 'भ्रम' और 'नफरत' के इर्द-गिर्द घूमती है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने उत्तर प्रदेश की बेहतरी के लिए काम किया है।
PDA पर भी उठे सवाल
मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी और पूरे विपक्ष का एजेंडा सिर्फ भ्रम फैलाना है। उनके अनुसार, सपा के पास न तो पर्याप्त संख्या बल है और जहाँ है भी, वहाँ विधायकों के बीच आपसी मतभेद बहुत अधिक हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा अपने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन के साथ धोखा कर रही है और उनके लिए इसका अर्थ केवल 'परिवार का विकास' है।
राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि विपक्ष लगातार अपने ही बयानों से पीछे हटता दिख रहा है और अपनी जमीन खो रहा है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में BJP ने 403 में से 255 सीटें जीती थीं, जबकि सपा 111 सीटों पर सिमट गई थी। अखिलेश यादव का '403' का दावा इसी पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है — एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य जो BJP के लिए चुनावी मुकाबले को तेज करने का संकेत देता है। आने वाले महीनों में दोनों दलों के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।