उपराष्ट्रपति का अल्बर्ट एक्का को श्रद्धांजलि: 1971 के युद्ध में बलिदान की गाथा
सारांश
मुख्य बातें
अगरतला, ८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर त्रिपुरा के अगरतला में स्थित अल्बर्ट एक्का युद्ध स्मारक पर परमवीर चक्र विजेता लांस नायक अल्बर्ट एक्का को श्रद्धांजलि अर्पित की। उपराष्ट्रपति द्वारा अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर साझा की गई पोस्ट में इस भावुक क्षण को रिकॉर्ड किया गया है।
श्रद्धांजलि देते समय उपराष्ट्रपति ने १९७१ के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान गंगासागर की लड़ाई में लांस नायक अल्बर्ट एक्का के असाधारण साहस और बलिदान को याद किया। उन्होंने इसे भारतीय सशस्त्र बलों की अदम्य भावना और निस्वार्थ समर्पण का एक सजीव उदाहरण बताया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि अल्बर्ट एक्का का बलिदान आज भी देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
उन्होंने अपने झारखंड के राज्यपाल कार्यकाल के दौरान गुमला जिले में अल्बर्ट एक्का की जन्मभूमि की यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस यात्रा ने उन्हें इस बहादुर सैनिक की वीरता और निस्वार्थ सेवा से गहराई से प्रभावित किया। देश आज भी उनकी वीरता से प्रेरणा लेता है और उनके बलिदान को सदैव सम्मानित करता है।
लांस नायक अल्बर्ट एक्का को १९७१ के युद्ध में उनके अद्वितीय साहस के लिए परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। गंगासागर की लड़ाई में उन्होंने अकेले ही पाकिस्तानी हमले का मजबूती से सामना किया और अपने साथियों की जान बचाई। इस दौरान उन्होंने तीन गोलियां सहते हुए भी दुश्मन को पीछे हटाया और अपनी अंतिम सांस तक ड्यूटी निभाई। उनकी वीरता भारतीय सेना के इतिहास में अमर रहेगी।
यह श्रद्धांजलि उस समय में दी गई है जब देश पूरे सप्ताह भर महिला सशक्तिकरण और विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भूमिका को याद कर रहा है। हालांकि उपराष्ट्रपति का यह दौरा मुख्य रूप से महिला दिवस कार्यक्रमों के लिए था, लेकिन उन्होंने वीर सैनिक अल्बर्ट एक्का को श्रद्धांजलि देकर राष्ट्र की एकता, बलिदान और सैन्य परंपरा को भी सम्मानित किया।