उषा देवी की आत्मनिर्भरता की कहानी: NRLM और स्वयं सहायता समूह ने बदली गोरखपुर की 130 महिलाओं की जिंदगी
सारांश
मुख्य बातें
गोरखपुर के चरगांवा ब्लॉक के नाहरपुर गांव की उषा देवी आज उन हजारों ग्रामीण महिलाओं की प्रतीक बन चुकी हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और स्वयं सहायता समूहों के जरिए आर्थिक स्वावलंबन की राह पकड़ी। करीब चार वर्ष पहले जो परिवार रोज़मर्रा के खर्चों के लिए जूझता था, वह आज एक सफल किराने की दुकान और 9 सक्रिय स्वयं सहायता समूहों के नेतृत्व के बल पर खड़ा है।
कैसे शुरू हुई बदलाव की यात्रा
उषा देवी के अनुसार, लगभग चार वर्ष पहले उनके घर की आर्थिक स्थिति बेहद कमज़ोर थी और आय का कोई स्थायी साधन नहीं था। पड़ोसी गांव की महिलाओं से स्वयं सहायता समूह की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इस अवसर को थामा और समूह से जुड़ गईं। समूह ने उन्हें बचत, बैंकिंग और स्वरोजगार की बारीकियाँ सिखाईं, जिससे उनका आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा।
₹1.50 लाख के ऋण ने पलटी किस्मत
जुलाई 2022 में उषा देवी को स्वयं सहायता समूह के माध्यम से ₹1.50 लाख का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि से उन्होंने अपनी किराने की दुकान को सुदृढ़ किया और व्यवसाय का विस्तार किया। आज यह दुकान न केवल गांव की ज़रूरतें पूरी करती है, बल्कि परिवार की नियमित आय का मुख्य स्रोत भी बन चुकी है। पिछले चार वर्षों में उनकी मेहनत ने परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है।
समूह सखी बनकर 130 महिलाओं को दी नई दिशा
उषा देवी अब समूह सखी के रूप में भी कार्यरत हैं। उनके नेतृत्व में 9 स्वयं सहायता समूह संचालित हो रहे हैं, जिनसे लगभग 130 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन महिलाओं ने बकरी पालन, गाय पालन, मुर्गी पालन, सिलाई, कढ़ाई और छोटे व्यापार जैसे विविध स्वरोजगार अपनाए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण महिला सशक्तिकरण को अपनी प्राथमिकताओं में रख रही है।
NRLM की भूमिका और व्यापक प्रभाव
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) का मूल उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों के ज़रिए बचत, ऋण, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। उषा देवी का कहना है कि इन योजनाओं ने महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता नहीं दी, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी दिया — 'पहले जो महिलाएं घर की चारदीवारी तक सीमित थीं, वे आज परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।'
आगे की राह
उषा देवी का मानना है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं। नाहरपुर गांव की यह कहानी उत्तर प्रदेश के उन अनगिनत गांवों के लिए एक मॉडल बन सकती है, जहाँ NRLM अभी अपनी पहुँच बढ़ा रहा है।