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वेदारण्यम के नमक उत्पादकों ने 85% लक्ष्य पूरा किया, गर्मी से 1.75 लाख टन उत्पादन की उम्मीद

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वेदारण्यम के नमक उत्पादकों ने 85% लक्ष्य पूरा किया, गर्मी से 1.75 लाख टन उत्पादन की उम्मीद

सारांश

पिछले साल भारी बारिश ने उत्पादन 40% तक सीमित कर दिया था — इस बार वेदारण्यम के 800 से अधिक लघु नमक उत्पादकों ने मई की भीषण गर्मी का फायदा उठाकर 1.75 लाख टन के लक्ष्य का 85% हासिल कर लिया है। मानसून से पहले का यह सीजन उद्योग के लिए राहत की खबर है।

मुख्य बातें

वेदारण्यम के नमक उत्पादकों ने 1.75 लाख टन के वार्षिक लक्ष्य का लगभग 85 प्रतिशत पूरा कर लिया है।
उद्योग में करीब 800 लघु स्तरीय निर्माता शामिल हैं जो 3,000 एकड़ में नमक का उत्पादन करते हैं।
पिछले वर्ष भारी वर्षा के कारण उत्पादन सामान्य लक्ष्य के केवल 40 प्रतिशत तक सीमित रहा था।
श्रमिक गर्मी से बचने के लिए सुबह 3 बजे से काम शुरू कर रहे हैं।
नमक का औसत बिक्री मूल्य लगभग ₹1,000 प्रति टन ; उत्पाद आंध्र प्रदेश , कर्नाटक और केरल में भेजा जाता है।
मानसून के अक्टूबर तक आने की उम्मीद; शुष्क मौसम रहा तो लक्ष्य पूरा होना तय।

तमिलनाडु के नागपट्टिनम जिले के वेदारण्यम क्षेत्र के नमक उत्पादकों ने इस सीजन का लगभग 85 प्रतिशत उत्पादन पूरा कर लिया है और वे 1.75 लाख टन के वार्षिक लक्ष्य को हासिल करने को लेकर आश्वस्त हैं। मई से जारी भीषण गर्मी ने सीजन की शुरुआत में बेमौसम बारिश से हुई देरी की भरपाई कर दी है, जिससे वाष्पीकरण तेज हुआ और नमक के क्रिस्टल तेजी से बनने लगे।

मुख्य उत्पादन केंद्र और उद्योग का आकार

वेदारण्यम के अगस्थियामपल्ली, कोडियाक्कडु और कडिनलवायल तीन प्रमुख उत्पादन केंद्रों में कुल मिलाकर लगभग 3,000 एकड़ में नमक का निर्माण होता है। इस उद्योग में करीब 800 लघु स्तरीय निर्माता कार्यरत हैं, जो बड़ी संख्या में श्रमिकों को मौसमी रोजगार देते हैं। उत्पादन का मौसम सामान्यतः फरवरी में शुरू होता है और अक्टूबर में उत्तर-पूर्वी मानसून के आगमन तक चलता है।

इस सीजन की चुनौतियाँ और सुधार

सीजन की शुरुआत में रुक-रुक कर हुई बारिश ने नमक के खेतों में काम को बार-बार बाधित किया। उत्पादकों के अनुसार, बारिश के बाद नमक का सही क्रिस्टलीकरण दोबारा शुरू होने के लिए कम से कम एक सप्ताह की लगातार धूप जरूरी होती है। मई में लगातार गर्म मौसम शुरू होते ही उत्पादन में जबरदस्त सुधार देखा गया। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भारी वर्षा ने उत्पादन को सामान्य लक्ष्य के केवल 40 प्रतिशत तक सीमित कर दिया था — इस बार की स्थिति उससे कहीं बेहतर है।

श्रमिकों ने बदला काम का तरीका

दिन की भीषण गर्मी से बचने के लिए श्रमिकों ने अपने कार्य-समय में बदलाव किया है। वे सुबह 3 बजे से ही काम शुरू कर देते हैं और अपेक्षाकृत ठंडे सुबह के घंटों में नमक की कटाई, संग्रहण और ढेर लगाने का काम पूरा कर लेते हैं। यह व्यावहारिक अनुकूलन उत्पादकता बनाए रखने में सहायक रहा है।

उत्पाद, बाज़ार और कीमत

वेदारण्यम में खाद्य और औद्योगिक दोनों प्रकार के नमक का उत्पादन होता है। कुल उत्पादन में खाद्य नमक की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत और औद्योगिक नमक की 40 प्रतिशत है। यह नमक तमिलनाडु के साथ-साथ आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल के बाजारों में भेजा जाता है। मांग और आपूर्ति के अनुसार कीमतें प्रतिदिन बदलती रहती हैं, और औसत बिक्री मूल्य लगभग ₹1,000 प्रति टन है। अनुकूल मौसम में प्रति एकड़ प्रतिवर्ष लगभग 150 टन नमक उत्पादन का अनुमान लगाया जाता है।

आगे क्या

मानसून के अक्टूबर के आसपास आने की उम्मीद है और सीजन का अभी एक महीने से अधिक समय शेष है। उत्पादकों का मानना है कि यदि शुष्क मौसम जारी रहा तो बचा हुआ लक्ष्य आसानी से पूरा हो जाएगा। हालाँकि, किसी भी अतिरिक्त बारिश से उत्पादन में देरी हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि जलवायु की अनिश्चितता पर निर्भर एक पूरे लघु उद्योग की कमज़ोरी की है — पिछले साल 40% और इस साल 85%, सिर्फ मौसम के मिजाज़ के आधार पर। ₹1,000 प्रति टन की औसत कीमत पर 800 उत्पादकों की आजीविका टिकी है, जो किसी भी मूल्य-समर्थन तंत्र या बीमा कवच के बिना काम कर रहे हैं। जब तक सरकार इस क्षेत्र के लिए मौसम-आधारित फसल बीमा जैसी योजनाएँ नहीं लाती, यह उद्योग हर साल मानसून की दया पर निर्भर रहेगा।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वेदारण्यम में नमक उत्पादन का वार्षिक लक्ष्य क्या है?
इस वर्ष वेदारण्यम के नमक उत्पादकों का लक्ष्य 1.75 लाख टन है। सामान्य वर्षों में यह उद्योग 1.7 लाख से 2 लाख टन के बीच उत्पादन करता है।
इस सीजन में उत्पादन क्यों बढ़ा?
मई से जारी भीषण और लगातार गर्मी ने वाष्पीकरण की दर बढ़ा दी, जिससे नमक के क्रिस्टल तेजी से बनने लगे। सीजन की शुरुआत में बेमौसम बारिश से हुई देरी की इस प्रकार भरपाई हो गई।
पिछले साल वेदारण्यम में नमक उत्पादन का क्या हाल था?
पिछले वर्ष भारी वर्षा के कारण उत्पादन सामान्य लक्ष्य के केवल 40 प्रतिशत तक ही सीमित रह गया था, जो उद्योग के लिए एक बड़ा झटका था।
वेदारण्यम का नमक कहाँ-कहाँ बिकता है और कीमत क्या है?
यह नमक तमिलनाडु के अलावा आंध्र प्रदेश , कर्नाटक और केरल के बाजारों में जाता है। औसत बिक्री मूल्य लगभग ₹1,000 प्रति टन है, जो मांग और आपूर्ति के अनुसार प्रतिदिन बदलता रहता है।
वेदारण्यम में नमक उत्पादन का मौसम कब तक चलता है?
उत्पादन का मौसम सामान्यतः फरवरी में शुरू होता है और अक्टूबर में उत्तर-पूर्वी मानसून के आगमन तक चलता है। इस वर्ष मानसून के अक्टूबर के आसपास आने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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