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विदिशा में 586 कैंसर मरीजों के इलाज के लिए समन्वय समिति गठित, शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर कदम

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विदिशा में 586 कैंसर मरीजों के इलाज के लिए समन्वय समिति गठित, शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर कदम

सारांश

विदिशा में दो दिवसीय निशुल्क शिविर में 586 कैंसर पॉजीटिव और 254 संदिग्ध मरीज मिले। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर गठित समन्वय समिति अब हर मरीज की ग्रेडिंग कर उन्हें उपयुक्त अस्पताल में इलाज दिलाएगी — ग्रामीण कैंसर देखभाल की दिशा में एक ठोस कदम।

मुख्य बातें

विदिशा मेडिकल कॉलेज में 6-7 जून 2026 को आयोजित निशुल्क शिविर में 586 कैंसर पॉजीटिव और 254 संदिग्ध मरीज पाए गए।
शिविर में टाटा मेमोरियल अस्पताल, मुंबई और एम्स भोपाल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने जांच की।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर औपचारिक समन्वय समिति गठित की गई।
समिति में तोरण सिंह दांगी , डॉ.
राजेन्द्र राय और डॉ.
एमके सोनी सहित अन्य सदस्य शामिल।
समिति मरीजों की ग्रेडिंग कर उन्हें उचित अस्पताल में भेजेगी और उपचार की निरंतर निगरानी करेगी।

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर आयोजित दो दिवसीय निशुल्क कैंसर जांच शिविर के बाद 8 जून 2026 को एक औपचारिक समन्वय समिति का गठन किया गया है। यह समिति 586 कैंसर पॉजीटिव और 254 संदिग्ध मरीजों की ग्रेडिंग कर उनके उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। विदिशा मेडिकल कॉलेज में 6 और 7 जून को आयोजित इस शिविर में टाटा मेमोरियल अस्पताल, मुंबई और एम्स भोपाल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने जांच की।

शिविर का विवरण और मरीजों की संख्या

विदिशा मेडिकल कॉलेज में आयोजित इस दो दिवसीय शिविर में विदिशा संसदीय क्षेत्र सहित मध्य प्रदेश के अन्य जिलों से बड़ी संख्या में मरीज जांच के लिए पहुंचे। जांच में 586 मरीज कैंसर पॉजीटिव पाए गए, जबकि 254 मरीज संदिग्ध श्रेणी में रखे गए। शिविर में टाटा मेमोरियल अस्पताल और एम्स भोपाल के विशेषज्ञों की उपस्थिति ने इसे एक विश्वसनीय चिकित्सा पहल का रूप दिया।

समन्वय समिति का गठन

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के विशेष निर्देश पर गठित इस समन्वय समिति में तोरण सिंह दांगी, डॉ. राजेन्द्र राय और डॉ. एमके सोनी सहित अन्य जिम्मेदार सदस्य शामिल हैं। जिला प्रशासन, विदिशा मेडिकल कॉलेज और टाटा मेमोरियल अस्पताल के सहयोग से यह समिति मरीजों की स्थिति के अनुसार उन्हें उपयुक्त अस्पताल में भेजने का निर्णय करेगी। समिति संबंधित अस्पतालों के साथ समन्वय स्थापित कर उपचार की पूरी प्रक्रिया की निरंतर निगरानी भी करेगी।

केंद्रीय मंत्री की अपील और आश्वासन

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैंसर पॉजीटिव पाए गए मरीजों को आश्वस्त करते हुए कहा, 'किसी भी मरीज को घबराने की आवश्यकता नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल जांच कराना ही उद्देश्य नहीं, बल्कि प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। चौहान ने कहा कि समिति हर मरीज की चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार निर्णय लेकर उन्हें स्वयं सूचित करेगी कि किस अस्पताल में जाकर इलाज कराना है।

आगे की योजना और उपचार प्रक्रिया

समन्वय समिति मरीजों की बीमारी की गंभीरता के आधार पर उनकी ग्रेडिंग करेगी और यह तय करेगी कि किस मरीज का उपचार किस संस्थान में होगा। सरकार, चिकित्सकीय संस्थान और जिला प्रशासन मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी मरीज इलाज के लिए भटके नहीं और उसे समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिल सके। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में कैंसर की पहचान और उपचार तक पहुंच एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है — जब 586 पॉजीटिव मरीजों को वास्तव में समय पर और निर्बाध उपचार मिले। ग्रामीण मध्य प्रदेश में कैंसर की पहचान के बाद इलाज तक की यात्रा अक्सर आर्थिक और लॉजिस्टिक बाधाओं में उलझ जाती है। समन्वय समिति का गठन एक ढांचागत कदम है, परंतु इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या जिला प्रशासन, टाटा मेमोरियल और एम्स के बीच समन्वय कागज़ से आगे ज़मीन पर उतरता है। मरीजों की ग्रेडिंग और रेफरल प्रणाली की पारदर्शी निगरानी ज़रूरी है, ताकि यह पहल एक बार के आयोजन तक सीमित न रह जाए।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विदिशा में कैंसर जांच शिविर कब और कहाँ आयोजित हुआ?
यह निशुल्क कैंसर जांच शिविर 6 और 7 जून 2026 को विदिशा मेडिकल कॉलेज में आयोजित किया गया। शिविर में टाटा मेमोरियल अस्पताल, मुंबई और एम्स भोपाल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने जांच की।
शिविर में कितने मरीज कैंसर पॉजीटिव पाए गए?
शिविर में 586 मरीज कैंसर पॉजीटिव पाए गए और 254 मरीज संदिग्ध श्रेणी में रखे गए। विदिशा संसदीय क्षेत्र सहित प्रदेश के अन्य जिलों से भी मरीज जांच के लिए पहुंचे थे।
समन्वय समिति क्या काम करेगी?
यह समिति मरीजों की बीमारी की गंभीरता के अनुसार ग्रेडिंग करेगी और तय करेगी कि किस मरीज का इलाज किस अस्पताल में होगा। समिति संबंधित अस्पतालों से समन्वय कर उपचार प्रक्रिया की निरंतर निगरानी भी करेगी।
समन्वय समिति में कौन-कौन शामिल हैं?
समिति में तोरण सिंह दांगी , डॉ. राजेन्द्र राय और डॉ. एमके सोनी सहित अन्य सदस्य शामिल हैं। जिला प्रशासन, विदिशा मेडिकल कॉलेज और टाटा मेमोरियल अस्पताल मिलकर इस समिति को सहयोग देंगे।
कैंसर पॉजीटिव मरीजों को इलाज कैसे मिलेगा?
समन्वय समिति प्रत्येक मरीज की चिकित्सकीय स्थिति का आकलन कर उन्हें स्वयं सूचित करेगी कि किस अस्पताल में जाकर उपचार कराना है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आश्वासन दिया है कि किसी भी मरीज को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
राष्ट्र प्रेस
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