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विदिशा में निशुल्क कैंसर शिविर: शिवराज सिंह चौहान ने नशा मुक्ति को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया

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विदिशा में निशुल्क कैंसर शिविर: शिवराज सिंह चौहान ने नशा मुक्ति को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया

सारांश

विदिशा में निशुल्क कैंसर शिविर केवल जांच का आयोजन नहीं था — शिवराज सिंह चौहान ने नशे को कैंसर की जड़ बताते हुए समाज को एकजुट होने का आह्वान किया और टाटा मेमोरियल की इकाई विदिशा में लाने का संकल्प जताया, ताकि मरीजों को मुंबई न जाना पड़े।

मुख्य बातें

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 6 जून को विदिशा मेडिकल कॉलेज में दो दिवसीय निशुल्क कैंसर जांच शिविर का उद्घाटन किया।
शिविर में विदिशा, रायसेन, सीहोर और खातेगांव सहित मध्य प्रदेश के कई जिलों के मरीज पहुँचे।
चौहान ने गुटखा, तंबाकू, बीड़ी और शराब को कैंसर का प्रमुख कारण बताते हुए नशा मुक्ति को जन आंदोलन बनाने की अपील की।
प्रत्येक मरीज के लिए स्क्रीनिंग के बाद व्यक्तिगत उपचार योजना — कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी या सर्जरी — तैयार की जाएगी।
टाटा मेमोरियल अस्पताल की एक इकाई विदिशा में स्थापित होगी; डे-केयर सुविधा 15 अगस्त के बाद शुरू करने का लक्ष्य।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 6 जून 2026 को विदिशा के मेडिकल कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय निशुल्क कैंसर जांच शिविर का उद्घाटन करते हुए नशा मुक्ति अभियान को व्यापक जन आंदोलन का रूप देने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैंसर का उपचार उतना ही आवश्यक है जितना उन मूल कारणों को समाप्त करना, जो इस बीमारी को जन्म देते हैं।

नशे की आदतें और कैंसर का सीधा संबंध

चौहान ने कहा कि गुटखा, तंबाकू, बीड़ी और शराब जैसी नशे की लतें कैंसर सहित अनेक गंभीर बीमारियों की प्रमुख वजह हैं। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि देश में मुंह के कैंसर के सर्वाधिक मामले इन्हीं कारणों से सामने आते हैं। उनके अनुसार, गुटखा और तंबाकू धीरे-धीरे मनुष्य के जीवन के लिए घातक सिद्ध होते हैं।

मंत्री ने यह भी चेताया कि आज नई किस्म के नशे और मादक पदार्थ युवाओं तक पहुँच रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन्हें रोकने की जिम्मेदारी केवल पुलिस और प्रशासन की नहीं, बल्कि समूचे समाज की है।

महिलाओं और समाज की भागीदारी पर जोर

चौहान ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को नहीं, पूरे परिवार को तबाह कर देता है। उन्होंने माता-पिता, जनप्रतिनिधियों और समाज के हर वर्ग से आग्रह किया कि वे युवाओं को नशे से दूर रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उनका मानना है कि महिलाओं की भागीदारी इस अभियान को और अधिक प्रभावशाली बना सकती है। साथ ही उन्होंने अवैध शराब की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने की बात कही।

शिविर का दायरा और उपचार की योजना

यह शिविर मूल रूप से विदिशा, रायसेन, सीहोर और खातेगांव क्षेत्र के निवासियों के लिए आयोजित किया गया था, परंतु मध्य प्रदेश के अनेक जिलों से मरीज जांच कराने पहुँचे। चौहान ने आश्वासन दिया कि केवल जांच तक सीमित न रहते हुए प्रत्येक मरीज के लिए व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार की जाएगी।

उन्होंने बताया कि स्क्रीनिंग के पश्चात चिकित्सक तय करेंगे कि किस मरीज का इलाज दवाइयों, कीमोथेरेपी या रेडियोथेरेपी से होगा और किसे सर्जरी की आवश्यकता पड़ेगी।

टाटा मेमोरियल की इकाई विदिशा में स्थापित करने की योजना

शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि देश के प्रतिष्ठित टाटा मेमोरियल अस्पताल की एक इकाई विदिशा में स्थापित करने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। यह परियोजना चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ेगी और डे-केयर सुविधा का संचालन 15 अगस्त के बाद शुरू करने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कैंसर मरीजों को इलाज के लिए मुंबई या अन्य बड़े शहरों की ओर न जाना पड़े, क्योंकि बाहर उपचार कराने में यात्रा, आवास और अन्य खर्चों का भारी बोझ परिवारों पर पड़ता है। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला भी उपस्थित रहे।

यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब देशभर में कैंसर के मामलों में वृद्धि की रिपोर्टें सामने आ रही हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। आने वाले समय में इस पहल का विस्तार और अन्य जिलों में इसी तरह के शिविरों के आयोजन की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और तंबाकू-गुटखे से जुड़े मुंह के कैंसर के मामलों में भारत की स्थिति चिंताजनक है। परंतु 'जन आंदोलन' की अपील तब तक प्रतीकात्मक रहती है जब तक गुटखे और तंबाकू उत्पादों पर नीतिगत कार्रवाई — जैसे सख्त विज्ञापन प्रतिबंध और बिक्री नियमन — ज़मीन पर नहीं उतरती। टाटा मेमोरियल की विदिशा इकाई एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इसकी समयसीमा और वित्त पोषण का विवरण अभी स्पष्ट नहीं है। ग्रामीण कैंसर देखभाल की असली परीक्षा घोषणाओं में नहीं, बल्कि क्रियान्वयन की गति में होगी।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विदिशा में निशुल्क कैंसर जांच शिविर क्या है?
यह 6 जून 2026 को विदिशा मेडिकल कॉलेज में शुरू हुआ दो दिवसीय निशुल्क कैंसर स्क्रीनिंग शिविर है, जिसका उद्घाटन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। इसमें विदिशा, रायसेन, सीहोर और खातेगांव सहित कई जिलों के मरीजों की जांच की जा रही है और प्रत्येक मरीज के लिए व्यक्तिगत उपचार योजना बनाई जाएगी।
शिवराज सिंह चौहान ने नशा मुक्ति अभियान की अपील क्यों की?
चौहान ने कहा कि गुटखा, तंबाकू, बीड़ी और शराब देश में कैंसर — विशेषकर मुंह के कैंसर — के सबसे बड़े कारण हैं। उनका तर्क है कि बीमारी के उपचार के साथ-साथ उसकी जड़ को खत्म करना ज़रूरी है, और इसके लिए समाज के हर वर्ग को एकजुट होना होगा।
विदिशा में टाटा मेमोरियल अस्पताल की इकाई कब तक स्थापित होगी?
चौहान के अनुसार टाटा मेमोरियल अस्पताल की एक इकाई विदिशा में स्थापित करने का काम चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है। डे-केयर सुविधा का संचालन 15 अगस्त के बाद शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, हालांकि पूर्ण इकाई की विस्तृत समयसीमा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
इस शिविर में कैंसर मरीजों का इलाज कैसे होगा?
स्क्रीनिंग के बाद चिकित्सक प्रत्येक मरीज की स्थिति के अनुसार उपचार तय करेंगे — जिसमें दवाइयाँ, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी या सर्जरी शामिल हो सकती है। चौहान ने स्पष्ट किया कि शिविर केवल जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर मरीज के लिए अलग उपचार योजना बनाई जाएगी।
इस पहल से आम मरीजों को क्या फायदा होगा?
यदि विदिशा में टाटा मेमोरियल की इकाई स्थापित होती है, तो मध्य प्रदेश के कैंसर मरीजों को इलाज के लिए मुंबई या अन्य बड़े शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। इससे यात्रा, आवास और अन्य खर्चों का भारी बोझ कम होगा और ग्रामीण व अर्ध-शहरी परिवारों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर मिल सकेगी।
राष्ट्र प्रेस
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