विक्रमादित्य सिंह ने मनोहर लाल से की भेंट, अर्बन चैलेंज फंड की ₹1,200 करोड़ परियोजनाओं को मंजूरी की माँग
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने 7 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात में उन्होंने अर्बन चैलेंज फंड के तहत प्रस्तुत ₹1,200 करोड़ की परियोजनाओं को शीघ्र वित्तीय स्वीकृति दिलाने की माँग रखी।
मुख्य माँगें और एजेंडा
विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय मंत्री के सामने कई अहम मुद्दे उठाए। उन्होंने राज्य के शहरों पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम करने के लिए नए शहर विकसित करने हेतु वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग और नियोजन रूपरेखा उपलब्ध कराने का आग्रह किया। इसके साथ ही उन्होंने अमृत योजना के तहत शेष ₹64.45 करोड़ की राशि शीघ्र जारी करने की भी माँग की, ताकि राज्य में जारी परियोजनाएँ बाधित न हों।
प्रस्तावित नए शहर की रूपरेखा
विक्रमादित्य सिंह ने चंडीगढ़ और पंचकूला की सीमा से सटे क्षेत्र में एक नए शहर के विकास का प्रस्ताव रखा। उन्होंने चंडीगढ़ मॉडल की तर्ज पर साझा आधारभूत ढाँचे के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) प्रस्तुत करने को कहा और सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया।
स्वच्छ भारत मिशन और स्थानीय निकायों का मुद्दा
लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के यूज्ड वाटर मैनेजमेंट कंपोनेंट में हिमाचल प्रदेश के 76 शहरी स्थानीय निकायों में से केवल 31 को ही शामिल किया गया है। उन्होंने शेष निकायों के लिए प्रस्तुत अतिरिक्त परियोजनाओं को भी स्वीकृति दिलाने का आग्रह किया। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई शहरी क्षेत्र बुनियादी जल प्रबंधन सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं।
स्ट्रीट फूड हब और अन्य प्रस्ताव
विक्रमादित्य सिंह ने नादौन, मनाली, डलहौजी और रामपुर में प्रस्तावित स्ट्रीट फूड हब की अंतिम विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पर शीघ्र कार्रवाई का अनुरोध भी किया। ये हब पर्यटन और स्थानीय आजीविका दोनों के लिहाज से महत्त्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
केंद्र का आश्वासन और आगे की राह
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य सरकार को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने विक्रमादित्य सिंह का शिमला और धर्मशाला दौरे का निमंत्रण स्वीकार करते हुए शीघ्र ही दोनों स्थलों का दौरा करने की बात कही। DPR प्रस्तुत होने के बाद परियोजनाओं पर आगे की कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है।