पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों पर ब्रजेश पाठक का वार: हार के बाद चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाना विपक्ष की पुरानी आदत
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 5 मई 2026 को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद उठ रहे विवाद पर उन्होंने कहा कि हार के बाद चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाना विपक्ष की पुरानी आदत बन चुकी है। उनके अनुसार, जब विपक्ष जीतता है तो चुनाव आयोग (ECI) या प्रक्रिया पर कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन हार आते ही इसे मुद्दा बनाया जाता है।
विपक्ष पर पाठक का सीधा हमला
पाठक ने कहा कि यह रवैया केवल अपनी साख बचाने की कोशिश है, न कि लोकतंत्र की रक्षा की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष तुष्टीकरण की राजनीति करता है, जबकि देश की जनता अब जागरूक हो चुकी है। उनके अनुसार, देश के युवा, महिलाएँ, गरीब और किसान अब विकास और स्थिर नेतृत्व को प्राथमिकता दे रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पूरे देश में एक बड़े जनादेश के साथ आगे बढ़ रही है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल के नतीजों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर चिंता
पाठक ने पश्चिम बंगाल की बदलती परिस्थितियों पर चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि राज्य में वंशवादी राजनीति और भ्रष्टाचार का लंबे समय से प्रभाव रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सीमावर्ती इलाकों की जनसांख्यिकी में तेज़ी से बदलाव हो रहा था। इन परिस्थितियों के बीच, उनके अनुसार, पश्चिम बंगाल की जनता ने सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल कभी भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक रहा है। पाठक ने कहा कि पश्चिम बंगाल से लेकर दक्षिण भारत तक BJP का प्रभाव बढ़ रहा है और