वोट चोरी देशद्रोह के समान: कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत, UP में 20 नवंबर से जन जागरण अभियान
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 5 नवंबर 2026 को लखनऊ में कहा कि वोट चोरी महज चुनावी धांधली नहीं, बल्कि यह देशद्रोह के समान है। दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई महारैली के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने उत्तर प्रदेश में वोट चोरी के मुद्दे पर बड़े जन जागरण अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी 20 नवंबर के बाद पूरे प्रदेश में ताबड़तोड़ रैलियाँ और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगी।
सुरेंद्र राजपूत के तीखे आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि यह अभियान गाँव के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जाएगा, ताकि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और वोट चोरी के खेल को जनता के सामने लाया जा सके। उन्होंने दावा किया, 'वोट चोरी नागरिकता की चोरी भी है — आज जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, कल उन्हें नागरिकता से भी अलग किया जा सकता है।' राजपूत के अनुसार, 'वोट चोरी राष्ट्र की आत्मा पर, लोकतंत्र पर और संविधान पर प्रहार है।'
राहुल गांधी और ज्ञानेश कुमार का संदर्भ
राजपूत ने बताया कि ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में हुई कथित वोट चोरी के विरुद्ध यह जन जागरण अभियान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली से शुरू किया है। उन्होंने कहा कि अब 'बच्चा-बच्चा' यह नारा दे रहा है — 'वोट चोर, गद्दी छोड़।' यह आरोप कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और ज्ञानेश कुमार पर लगाया है, जिसका BJP की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई।
समाजवादी पार्टी की सतर्क प्रतिक्रिया
कांग्रेस के गठबंधन सहयोगी समाजवादी पार्टी (SP) के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने इस अभियान पर सधी हुई प्रतिक्रिया दी। वर्मा ने कहा कि कांग्रेस को अपना जनाधार मज़बूत करने और ज़मीनी स्तर पर काम करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया, 'समाजवादी पार्टी शुरू से यही कहती है — केवल चुनाव लड़ना लक्ष्य नहीं, चुनाव जीतना लक्ष्य होना चाहिए।' यह बयान गठबंधन के भीतर रणनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर सूक्ष्म मतभेद की ओर संकेत करता है।
आम जनता पर असर
कांग्रेस का यह अभियान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की सरगर्मियाँ तेज़ हो रही हैं। मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा — विशेषकर नामों के विलोपन का — विपक्षी दलों के लिए एक बड़ा चुनावी नैरेटिव बन सकता है। गौरतलब है कि मतदाता सूची विवाद अतीत में भी उत्तर प्रदेश चुनावों में उठाया जाता रहा है, परंतु इस बार विपक्ष इसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का प्रयास कर रहा है।
आगे क्या होगा
20 नवंबर 2026 के बाद कांग्रेस उत्तर प्रदेश के हर ज़िले में रैलियाँ और जन संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रही है। पार्टी का दावा है कि यह अभियान गाँव स्तर तक पहुँचेगा। समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया यह भी संकेत देती है कि गठबंधन में समन्वय और सीट-बँटवारे को लेकर आगे चर्चा होगी।