ग्रामीण क्षेत्रों में नल का पानी उपलब्धता 81.71 प्रतिशत: जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना

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ग्रामीण क्षेत्रों में नल का पानी उपलब्धता 81.71 प्रतिशत: जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना

सारांश

कृषि और ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण जल जीवन मिशन के तहत, 81.71 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों में नल का पानी उपलब्ध है। जानिए इस मिशन की सफलता और प्रभावशीलता के बारे में।

मुख्य बातें

81.71 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों में नल का पानी उपलब्ध है।
जल जीवन मिशन की शुरुआत अगस्त 2019 में हुई।
98.1 प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन हैं।
84 प्रतिशत घरों को समय पर पानी मिल रहा है।
76 प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन कार्यशील हैं।

नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। देश के लगभग 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से लगभग 15.82 करोड़ (81.71 प्रतिशत) परिवारों में 3 मार्च तक नल का पानी उपलब्ध था। यह जानकारी सोमवार को राज्यसभा में साझा की गई।

जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने एक लिखित उत्तर में बताया कि अगस्त 2019 में जल जीवन मिशन (जेजेएम)—हर घर जल—की शुरुआत के समय, केवल 3.23 करोड़ (16.7 प्रतिशत) ग्रामीण परिवारों में ही नल का पानी उपलब्ध था।

इस पहल के तहत नल के पानी के कनेक्शन के माध्यम से नियमित और दीर्घकालिक आधार पर निर्धारित गुणवत्ता वाले पानी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है।

कार्यक्षमता आकलन: 2024 में यह पाया गया कि सर्वेक्षण किए गए गांवों में 98.1 प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन थे, और नल कनेक्शन वाले 87 प्रतिशत घरों ने पिछले सप्ताह पानी प्राप्त होने की सूचना दी, जो समग्र प्रगति को दर्शाता है।

आकलन 2024 में पाया गया कि 84 प्रतिशत घरों को निर्धारित समय पर पानी मिल रहा है; 80 प्रतिशत घरों को न्यूनतम 55 एलपीसीडी पानी मिल रहा है; 76 प्रतिशत घरों में जीवाणु संक्रमण नहीं पाया गया और आपूर्ति स्रोत के 81 प्रतिशत घरों में रासायनिक संक्रमण नहीं पाया गया। मात्रा, गुणवत्ता और नियमितता के मापदंडों को ध्यान में रखते हुए, 76 प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन कार्यशील पाए गए।

राज्य मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन की योजना बनाने और उसे पूरे देश में तेजी से लागू करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जिनमें नियमित रूप से कार्यान्वयन की समीक्षा, क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण, नॉलेज शेयरिंग के लिए कार्यशालाएं/सम्मेलन/वेबिनार और तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए बहु-विषयक टीम द्वारा क्षेत्र भ्रमण शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के प्रभावी नियोजन और कार्यान्वयन को सुगम बनाने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन के लिए विस्तृत परिचालन दिशानिर्देश; ग्रामीण घरों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ग्राम पंचायतों और पशु एवं पशु कल्याण समितियों के लिए मार्गदर्शक दिशानिर्देश और आंगनवाड़ी केंद्रों, आश्रमशालाओं और विद्यालयों में पाइप द्वारा जल आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए एक विशेष अभियान संबंधी दिशानिर्देश साझा किए गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कि देश के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जल जीवन मिशन की सफलता से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जल जीवन मिशन क्या है?
जल जीवन मिशन (जेजेएम) एक सरकारी पहल है, जिसका उद्देश्य हर ग्रामीण परिवार को नल का पानी उपलब्ध कराना है।
इस मिशन का प्रारंभ कब हुआ था?
जल जीवन मिशन की शुरुआत अगस्त 2019 में हुई थी।
क्या नल कनेक्शन की संख्या में वृद्धि हुई है?
हाँ, 2024 में किए गए आकलन के अनुसार, 98.1 प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन उपलब्ध हैं।
क्या जल गुणवत्ता की समस्या है?
आकलन के अनुसार, 76 प्रतिशत घरों में जीवाणु संक्रमण नहीं पाया गया है।
जल जीवन मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है।
राष्ट्र प्रेस
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