पश्चिम बंगाल: 1 सितंबर से सड़क पर निर्माण सामग्री छोड़ने पर जुर्माना, मंत्री अग्निमित्रा पॉल का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की नगर निगम एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने रविवार, 2 अगस्त को स्पष्ट किया कि घर निर्माण के दौरान सड़क पर पत्थर, रेत या ईंटें छोड़ने पर अब जुर्माना लगाया जाएगा। यह नई व्यवस्था 1 सितंबर 2026 से पूरे राज्य में लागू होगी। मंत्री ने यह घोषणा सिलीगुड़ी में आयोजित कई नगर निगम कार्यक्रमों के दौरान मीडिया से बातचीत में की।
मुख्य घोषणाएँ
मंत्री पॉल ने कहा कि घर बनाते समय निर्माण सामग्री को घर के भीतर ही रखना अनिवार्य होगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'सड़क आपकी निजी संपत्ति नहीं है।' उनके अनुसार इस नियम का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
खाली जमीन की सफाई की जिम्मेदारी
मंत्री ने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति खाली जमीन खरीदता है, तो उस जमीन की साफ-सफाई की जिम्मेदारी संबंधित मालिक की होगी। उन्होंने बताया कि कई बार लोग जमीन खरीदने के 30 वर्षों बाद तक निर्माण शुरू नहीं करते, जिससे उस जमीन पर झाड़ियाँ, नालियाँ और तालाब बन जाते हैं। पॉल ने चेतावनी दी कि ऐसी उपेक्षित जमीनें डेंगू जैसी बीमारियों के लिए प्रजनन स्थल बन सकती हैं, जो पड़ोसियों के लिए खतरनाक है।
अवैध पार्किंग पर भी कड़ा रुख
मंत्री पॉल ने अवैध पार्किंग के खिलाफ भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े किए जा सकते हैं। फुटपाथ पर गाड़ी या बाइक खड़ी करने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य सरकार कोलकाता और उसके आसपास के क्षेत्रों में पार्किंग प्रबंधन के लिए एक नया ऐप लाने की तैयारी में है।
फेरीवालों पर दुर्गा पूजा तक राहत
फुटपाथ पर कब्जा जमाए फेरीवालों के संदर्भ में मंत्री ने कहा कि उन्होंने सभी फेरीवालों से पीछे हटने और पैदल चलने वालों के लिए जगह छोड़ने को कहा है। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा तक किसी भी फेरीवाले को उनकी जगह से नहीं हटाया जाएगा — यह आश्वासन मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा की गई पूर्व घोषणा के अनुरूप है।
आगे क्या होगा
1 सितंबर 2026 से लागू होने वाले इन नियमों के साथ राज्य के नगर निगमों को प्रवर्तन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब कोलकाता और अन्य शहरी क्षेत्रों में अतिक्रमण और अनियोजित निर्माण एक बड़ी समस्या बनी हुई है। पार्किंग ऐप और जुर्माना प्रणाली की विस्तृत रूपरेखा जल्द जारी होने की उम्मीद है।