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पश्चिम बंगाल: थूकने पर ₹100, कूड़ा फेंकने-यूरिनेशन पर ₹200 जुर्माना, 1 सितंबर से लागू

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पश्चिम बंगाल: थूकने पर ₹100, कूड़ा फेंकने-यूरिनेशन पर ₹200 जुर्माना, 1 सितंबर से लागू

सारांश

पश्चिम बंगाल में 1 सितंबर से शहरी सफाई के लिए कड़ा कदम — थूकने पर ₹100, कूड़ा फेंकने और पेशाब करने पर ₹200 जुर्माना। मंत्री अग्निमित्रा पॉल के नेतृत्व में जुलाई-अगस्त के जागरूकता अभियान के बाद यह व्यवस्था लागू हुई है। जुर्माना केवल डिजिटल माध्यम से देय होगा।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल में 1 सितंबर 2026 से शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर थूकने, कूड़ा फेंकने और पेशाब करने पर जुर्माना लागू।
थूकने पर ₹100 ; कूड़ा फेंकने, सार्वजनिक पेशाब और प्रतिबंधित प्लास्टिक थैले ले जाने पर ₹200 जुर्माना।
जुर्माने का भुगतान केवल डिजिटल माध्यम से — नकद स्वीकार नहीं।
सभी नगर निगम, नगरपालिकाएँ और अधिसूचित क्षेत्र इस नियम के दायरे में; सभी जिला मजिस्ट्रेटों को अधिसूचना भेजी गई।
120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले एकल-उपयोग प्लास्टिक पर भी प्रतिबंध — विक्रेता और खरीदार दोनों पर लागू।
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने जुलाई-अगस्त में स्वयं सड़कों पर उतरकर जागरूकता अभियान चलाया।

पश्चिम बंगाल के शहरी क्षेत्रों में 1 सितंबर 2026 से सार्वजनिक स्थानों पर थूकने, कूड़ा फेंकने और पेशाब करने पर वित्तीय जुर्माने की व्यवस्था लागू हो गई है। राज्य की नगर पालिका एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने स्पष्ट किया था कि जुलाई-अगस्त में व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाने के बाद समय-सीमा में किसी भी प्रकार का विस्तार नहीं किया जाएगा।

जुर्माने की दरें और नियम

नए नियमों के तहत सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर ₹100 का जुर्माना निर्धारित किया गया है। वहीं, सार्वजनिक स्थानों पर पेशाब करने, कूड़ा फेंकने और 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्रतिबंधित प्लास्टिक थैले ले जाने पर ₹200 का जुर्माना देना होगा।

उल्लेखनीय है कि यह जुर्माना नकद नहीं लिया जाएगा — भुगतान केवल डिजिटल माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा। दुकान मालिकों को भी सार्वजनिक सड़कों पर अपनी दुकानों के बाहर कचरा जमा करने से प्रतिबंधित किया गया है।

कहाँ-कहाँ होगी निगरानी

राज्य प्रशासन के अनुसार, सड़कें, सीवर, जल निकाय, बाज़ार, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, धार्मिक स्थल और सरकारी भवन — सभी कड़ी निगरानी के दायरे में रहेंगे। सभी नगर निगम, नगरपालिकाएँ और अधिसूचित क्षेत्र इस नियम के अंतर्गत आ गए हैं।

नगर निगम एवं शहरी विकास विभाग के एक अधिकारी ने बताया, 'जुलाई और अगस्त के दौरान जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें स्वयं मंत्री जी ने अग्रणी भूमिका निभाई। सितंबर से सार्वजनिक स्थानों पर थूकने, कूड़ा फेंकने और पेशाब करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।' सभी जिला मजिस्ट्रेटों को अधिसूचना भेज दी गई है।

मंत्री की भूमिका और जागरूकता अभियान

मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने स्वयं जागरूकता फैलाने के लिए कई बार सड़कों पर उतरकर अभियान चलाया — कभी झाड़ू से सड़कें साफ करते हुए, तो कभी लोगों को कूड़ेदान वितरित करते हुए। राज्य सरकार का नारा है: 'कूड़ा न फैलाएं। सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, अस्पतालों आदि में थूकें नहीं। बंगाल को स्वच्छ रखें।'

यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्य स्वच्छता सूचकांक में सुधार के लिए कड़े उपाय अपना रहे हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने एकल-उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध को भी इसी अभियान के साथ जोड़ा है, जो विक्रेताओं और खरीदारों — दोनों पर समान रूप से लागू होगा।

आम जनता पर असर

यह नियम पश्चिम बंगाल के सभी शहरी निवासियों, दुकानदारों, विक्रेताओं और सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने वाले लोगों को प्रभावित करेगा। डिजिटल भुगतान की अनिवार्यता ने कुछ वर्गों में — विशेषकर वृद्ध और कम तकनीक-साक्षर नागरिकों में — व्यावहारिक चिंताएँ भी उठाई हैं।

अधिकारियों के अनुसार, अनुपालन सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी स्थानीय निकायों और जिला प्रशासन की होगी। आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ज़मीनी स्तर पर इस नियम का क्रियान्वयन कितना प्रभावी रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की है — जागरूकता अभियान और नीति-घोषणा से आगे बढ़कर ज़मीनी स्तर पर निगरानी और जुर्माना वसूली की व्यवस्था कितनी मज़बूत है, यह देखना बाकी है। डिजिटल-केवल भुगतान का नियम प्रगतिशील है, लेकिन यह उन नागरिकों के लिए बाधा बन सकता है जो अभी भी कैशलेस लेनदेन से अपरिचित हैं — और यही खामी अनुपालन को कमज़ोर कर सकती है। देश के अन्य राज्यों में इसी तरह के प्रयोग — जैसे महाराष्ट्र और दिल्ली में — मिश्रित परिणाम दे चुके हैं, जहाँ जुर्माने की घोषणा के बाद भी प्रवर्तन ढीला पड़ गया। बंगाल को यह सुनिश्चित करना होगा कि यह नियम सिर्फ सुर्खियों तक सीमित न रहे।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में थूकने और कूड़ा फेंकने पर कितना जुर्माना है?
पश्चिम बंगाल में 1 सितंबर 2026 से सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर ₹100 और कूड़ा फेंकने या पेशाब करने पर ₹200 जुर्माना लगाया जाएगा। प्रतिबंधित प्लास्टिक थैले ले जाने पर भी ₹200 का जुर्माना है।
पश्चिम बंगाल का यह नया स्वच्छता नियम कब से लागू हुआ?
यह नियम 1 सितंबर 2026 की सुबह 6 बजे से लागू हो गया है। मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि जुलाई-अगस्त के जागरूकता अभियान के बाद समय-सीमा में कोई विस्तार नहीं होगा।
जुर्माने का भुगतान कैसे करना होगा?
जुर्माने का भुगतान केवल डिजिटल माध्यम से किया जाना अनिवार्य है। नकद जुर्माना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह नियम किन-किन स्थानों पर लागू होगा?
पश्चिम बंगाल के सभी नगर निगम, नगरपालिकाएँ और अधिसूचित क्षेत्र इस नियम के दायरे में हैं। सड़कें, सीवर, जल निकाय, बाज़ार, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, धार्मिक स्थल और सरकारी भवन — सभी पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
क्या प्लास्टिक थैलों पर भी प्रतिबंध है?
हाँ, राज्य सरकार 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाले एकल-उपयोग प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू कर रही है। यह प्रतिबंध विक्रेताओं और खरीदारों — दोनों पर समान रूप से लागू होता है और उल्लंघन पर ₹200 जुर्माना है।
राष्ट्र प्रेस
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