8 जुलाई 2026
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बंगाल में भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती का वादा: CM सुवेंदु अधिकारी ने कहा — अब OMR शीट की कार्बन कॉपी मिलेगी अभ्यर्थियों को

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बंगाल में भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती का वादा: CM सुवेंदु अधिकारी ने कहा — अब OMR शीट की कार्बन कॉपी मिलेगी अभ्यर्थियों को

सारांश

सत्ता बदलते ही पश्चिम बंगाल में भर्ती सुधार की बड़ी घोषणा — CM सुवेंदु अधिकारी ने OMR कार्बन कॉपी अनिवार्य की, इंटरव्यू में मनमाने अंक देने की व्यवस्था खत्म करने का वादा किया और 26,000 शिक्षक नियुक्ति रद्द के बाद बदनाम हुई राज्य की भर्ती प्रणाली को पारदर्शी बनाने का संकल्प लिया।

मुख्य बातें

CM सुवेंदु अधिकारी ने 23 मई 2026 को कोलकाता के सियालदह में भर्ती सुधार की घोषणा की।
अब सभी भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को OMR शीट की कार्बन कॉपी अनिवार्य रूप से दी जाएगी।
मौखिक परीक्षा में अतिरिक्त अंक देने की व्यवस्था समाप्त ; अब न्यूनतम अंक निर्धारित होंगे।
नई भर्ती नीति आगामी बजट सत्र में विधानसभा में पेश होने की संभावना।
SC, ST, OBC और दिव्यांग अभ्यर्थियों के आरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
पूर्व में 26,000 शिक्षकों की नियुक्तियाँ रद्द होने के बाद राज्य की भर्ती व्यवस्था गंभीर सवालों के घेरे में थी।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 23 मई 2026 को कोलकाता के सियालदह में आयोजित एक सरकारी रोजगार मेले में राज्य की भर्ती प्रक्रिया में आमूल बदलाव का ऐलान किया। उन्होंने घोषणा की कि अब से सभी भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को ओएमआर (OMR) शीट की कार्बन कॉपी अनिवार्य रूप से दी जाएगी — एक ऐसा कदम जिसे सरकार भर्ती घोटालों की पुनरावृत्ति रोकने की दिशा में निर्णायक मानती है।

मुख्य घोषणाएँ

रोजगार मेले के मंच से अधिकारी ने स्पष्ट किया, 'हर युवक और युवती को OMR शीट की कार्बन कॉपी दी जानी चाहिए। अब तक OMR प्रणाली से परीक्षाएं होने के बावजूद कार्बन कॉपी नहीं दी जाती थी। भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार की जड़ यहीं से शुरू होती है। इसलिए अब से कार्बन कॉपी दी जाएगी।'

उन्होंने यह भी बताया कि लिखित परीक्षा और शैक्षणिक अंकों के अलावा मौखिक परीक्षा में अतिरिक्त अंक देने की पुरानी व्यवस्था समाप्त की जाएगी। इसके स्थान पर मौखिक परीक्षा में न्यूनतम अंक निर्धारित किए जाएंगे, ताकि इंटरव्यू चरण में पक्षपात की कोई गुंजाइश न रहे।

नई भर्ती नीति और विधानसभा में प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि नई सरकार के तहत एक समग्र भर्ती नीति लागू की जाएगी और संभावना है कि इसे आगामी बजट सत्र में विधानसभा के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का एकमात्र लक्ष्य 100 प्रतिशत भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।

अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के कार्यकाल में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में संवैधानिक प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। उनके अनुसार अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), मूल ओबीसी और दिव्यांग अभ्यर्थियों के आरक्षण नियमों की भी अनदेखी की गई।

पिछले भर्ती घोटालों का संदर्भ

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में 26,000 शिक्षकों की नियुक्तियाँ रद्द होने और कथित तौर पर पैसे लेकर अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरी दिलाने के मामलों के बाद राज्य की भर्ती व्यवस्था न्यायिक और सार्वजनिक जाँच के घेरे में आ गई थी। अधिकारी ने दावा किया कि इन घोटालों के कारण रेलवे और अर्धसैनिक बलों जैसी केंद्रीय एजेंसियाँ भी राज्य की भर्ती प्रक्रिया को लेकर सतर्क हो गई थीं।

यह ऐसे समय में आया है जब बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार पर पारदर्शिता साबित करने का दबाव है। आलोचकों का कहना है कि OMR कार्बन कॉपी जैसे उपाय तभी प्रभावी होंगे जब उनके साथ स्वतंत्र निगरानी तंत्र भी स्थापित किया जाए।

आरक्षण और निष्पक्षता पर जोर

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नई भर्ती नीति में SC, ST, OBC और दिव्यांग वर्गों के लिए संवैधानिक आरक्षण का कड़ाई से पालन होगा। उन्होंने पिछली सरकार पर आरोप लगाया कि इंटरव्यू में मनमाने ढंग से अतिरिक्त अंक देकर अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरी दिलाई गई।

आगे की राह

अधिकारी ने भरोसा दिलाया कि 'डबल इंजन सरकार' के कार्यकाल में पश्चिम बंगाल के युवाओं को पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त रोजगार के अवसर मिलेंगे। नई भर्ती नीति का मसौदा बजट सत्र तक तैयार होने की उम्मीद है, जिसके बाद राज्य में भर्ती प्रक्रिया का नया अध्याय शुरू होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी। बंगाल के भर्ती घोटाले महज प्रक्रियागत खामियों का नतीजा नहीं थे — वे एक संस्थागत विफलता थे जिसमें भर्ती बोर्ड, राजनीतिक संरक्षण और न्यायिक निगरानी की कमी एक साथ शामिल थी। नई सरकार की घोषणाएँ दिशा सही है, पर बिना स्वतंत्र निगरानी तंत्र और सत्यापन-योग्य रोजगार डेटा के, ये वादे भी पिछली सरकार की तरह सुर्खियों तक सिमट सकते हैं। 26,000 नियुक्तियाँ रद्द होने के बाद जो युवा न्याय का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए घोषणाएँ नहीं — नतीजे मायने रखते हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में OMR शीट की कार्बन कॉपी देने का नियम क्या है?
CM सुवेंदु अधिकारी की घोषणा के अनुसार, अब राज्य की सभी भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को उनकी OMR शीट की कार्बन कॉपी अनिवार्य रूप से दी जाएगी। यह कदम भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और भाई-भतीजावाद रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पश्चिम बंगाल में नई भर्ती नीति कब लागू होगी?
मुख्यमंत्री अधिकारी ने संकेत दिया है कि नई भर्ती नीति का प्रस्ताव आगामी बजट सत्र में विधानसभा में पेश किया जाएगा। हालाँकि, सटीक तिथि की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
बंगाल के पुराने भर्ती घोटाले क्या थे जिनका जिक्र CM ने किया?
पश्चिम बंगाल में 26,000 शिक्षकों की नियुक्तियाँ रद्द की गई थीं और कथित तौर पर पैसे लेकर अयोग्य उम्मीदवारों को नौकरी देने के मामले सामने आए थे। इन घोटालों के कारण राज्य की भर्ती व्यवस्था न्यायिक जाँच के घेरे में आई और देशभर में बंगाल की बदनामी हुई।
नई भर्ती नीति में मौखिक परीक्षा के नियम कैसे बदलेंगे?
CM अधिकारी ने कहा कि इंटरव्यू में मनमाने ढंग से अतिरिक्त अंक देने की व्यवस्था समाप्त होगी और मौखिक परीक्षा में न्यूनतम अंक निर्धारित किए जाएंगे। यह बदलाव पक्षपात और भाई-भतीजावाद की शिकायतों को देखते हुए किया जा रहा है।
नई नीति से SC, ST और OBC अभ्यर्थियों को क्या फायदा होगा?
CM अधिकारी ने स्पष्ट किया कि नई भर्ती नीति में SC, ST, मूल OBC और दिव्यांग अभ्यर्थियों के संवैधानिक आरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। पिछली सरकार पर आरोप था कि इन वर्गों के आरक्षण की अनदेखी की गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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