पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर 'पश्चिम बंग' होगा, विधानसभा में बिल लाने की तैयारी; अग्निमित्रा पॉल का विपक्ष पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार राज्य का नाम बदलकर सभी भाषाओं में 'पश्चिम बंग' करने के लिए विधानसभा के आगामी सत्र में एक नया विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इस प्रस्ताव के लागू होने के बाद 'वेस्ट बंगाल' और 'पश्चिम बंगाल' जैसे प्रचलित नामों का आधिकारिक इस्तेमाल समाप्त हो जाएगा। 6 अक्टूबर 2026 को यह घटनाक्रम उस दिन सामने आया जब राज्य के कई विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव मतदान चल रहा था।
भाजपा नेता का ऐतिहासिक संदर्भ
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने जलपाईगुड़ी में मीडिया से बात करते हुए इस माँग को ऐतिहासिक धरातल पर रखा। उन्होंने कहा, 'यह माँग समिक भट्टाचार्य या सुवेंदु अधिकारी की नहीं है। यह भारतीय जनता पार्टी के किसी कार्यकर्ता की भी माँग नहीं है। जब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी, और आचार्य देव प्रसाद तथा श्यामा प्रसाद मुखर्जी के निधन के बाद जो व्यक्ति अध्यक्ष बने, उनकी भी यही माँग थी कि इतिहास को नहीं भूलना चाहिए।'
भट्टाचार्य ने आगे कहा, 'सभी अंग-बंग-कलिंग नाम से परिचित थे, लेकिन बंगाल के विभाजन के बाद हमने 20 जून 1947 को जिसे पश्चिम बंग कहा गया, उसका निर्माण किया। उस समय कांग्रेस के सभी हिंदू विधायकों ने भी उस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया था। यह वेस्ट बंगाल नहीं है, और न ही किसी अन्य रूप में पश्चिम बंगाल है — यह पश्चिम बंग ही होगा, चाहे बांग्ला में हो या अंग्रेजी में।'
मंत्री अग्निमित्रा पॉल की प्रतिक्रिया
राज्य सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने नाम बदलने के विधेयक का स्वागत करते हुए कहा, 'यह बहुत अच्छी बात है, पश्चिम बंगाल के नामकरण के लिए बिल लाया जाएगा, यह बहुत बड़ी बात है।' उन्होंने इसे राज्य की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ा।
विपक्ष पर तीखा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, 'विपक्ष जीत जाए तो ईवीएम ठीक और हार जाए तो ईवीएम खराब। ये बंगाल के लोगों को भी पता है, देश के 140 करोड़ लोगों को भी पता है।' गौरतलब है कि यह बयान उपचुनाव मतदान के दिन आया, जब नंदीग्राम और रेजानगर विधानसभा क्षेत्रों में मतदान जारी था।
उपचुनाव और मतदान का माहौल
अग्निमित्रा पॉल ने नंदीग्राम और रेजानगर उपचुनाव पर कहा, 'आज सुबह से यहाँ उपचुनाव हो रहे हैं। यहाँ की जनता को समझ में आ गया है कि किसको वोट देना है। सभी को विकास चाहिए।' यह ऐसे समय में आया है जब राज्य की राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ हैं।
हुमायूं कबीर की गिरफ्तारी
आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर को पश्चिम बंगाल पुलिस ने रेजानगर विधानसभा उपचुनाव के दौरान गिरफ्तार किया। अग्निमित्रा पॉल ने इस गिरफ्तारी पर कहा, 'हुमायूं कबीर को गिरफ्तार करने का कारण है — जिस तरीके से वह सांप्रदायिक बात करते हैं। वे ऐसी बातें करके माहौल को खराब करना चाह रहे हैं, जो हम लोग करने नहीं देंगे।'
आगे क्या होगा
राज्य का नाम बदलने की यह पहल नई नहीं है — तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पहले भी इस दिशा में प्रयास कर चुकी है, लेकिन केंद्र की स्वीकृति और संसदीय प्रक्रिया आड़े आती रही है। संविधान की अनुसूची एक में संशोधन के लिए संसद की मंज़ूरी अनिवार्य है, जो इस प्रक्रिया को राज्य विधानसभा से आगे भी ले जाती है। विधेयक के पेश होने और उसके बाद की केंद्रीय प्रक्रिया पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।