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पेट्रोल, डीजल और ATF निर्यात पर विंडफॉल टैक्स में कटौती, केंद्र की पखवाड़ा समीक्षा में बड़ा बदलाव

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पेट्रोल, डीजल और ATF निर्यात पर विंडफॉल टैक्स में कटौती, केंद्र की पखवाड़ा समीक्षा में बड़ा बदलाव

सारांश

केंद्र सरकार ने पखवाड़ा समीक्षा में पेट्रोल निर्यात शुल्क ₹0.5, डीजल ₹20 और ATF ₹15 प्रति लीटर SAED पर तय किया। घरेलू एक्साइज ड्यूटी अपरिवर्तित है। अगस्त में की गई बढ़ोतरी के बाद यह उलटफेर रिफाइनरियों के लिए राहत, लेकिन वैश्विक तेल कीमतों पर सरकार की निर्भरता का संकेत भी है।

मुख्य बातें

वित्त मंत्रालय ने 17 सितंबर 2026 को पेट्रोलियम निर्यात शुल्क संशोधित किए।
पेट्रोल पर निर्यात शुल्क (SAED) ₹0.5 प्रति लीटर , डीजल पर ₹20 प्रति लीटर और ATF पर ₹15 प्रति लीटर निर्धारित।
घरेलू पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं ; उपभोक्ता कीमतें अप्रभावित।
1 सितंबर की पिछली समीक्षा में डीजल विंडफॉल टैक्स ₹24 से घटाकर ₹19 और निर्यात शुल्क ₹3 से घटाकर ₹1 प्रति लीटर किया गया था।
अगस्त में ATF शुल्क ₹14.5 से बढ़ाकर ₹22 और डीजल ₹15.5 से ₹25.5 प्रति लीटर किया गया था — अब दोनों में कटौती।
शुल्क की समीक्षा हर पखवाड़े वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और रिफाइनरी मार्जिन के आधार पर होती है।

केंद्र सरकार ने 17 सितंबर 2026 को पेट्रोलियम उत्पादों की पखवाड़ा शुल्क-समीक्षा के तहत पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स और निर्यात शुल्क में उल्लेखनीय कटौती की है। वित्त मंत्रालय की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह संशोधन वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और रिफाइनरी मार्जिन में आए बदलावों के मद्देनज़र किया गया है।

नई शुल्क दरें: विस्तार से

पेट्रोल के निर्यात पर कुल शुल्क घटाकर ₹0.5 प्रति लीटर कर दिया गया है। इसमें स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) के रूप में ₹0.5 प्रति लीटर शामिल है, जबकि रेवेन्यू इंटीग्रेशन चार्ज (RIC) शून्य बना हुआ है।

डीजल के निर्यात पर शुल्क ₹20 प्रति लीटर SAED निर्धारित किया गया है और RIC इस पर भी शून्य रखा गया है। ATF के निर्यात पर SAED के माध्यम से शुल्क ₹15 प्रति लीटर तय किया गया है।

घरेलू उपभोक्ताओं पर असर

वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि घरेलू खपत के लिए जारी किए जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा एक्साइज ड्यूटी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अर्थात, पेट्रोल पंप पर उपभोक्ताओं को मिलने वाली कीमतें इस संशोधन से अप्रभावित रहेंगी; यह कटौती विशेष रूप से रिफाइनरियों के निर्यात पर लागू होती है।

पिछली समीक्षाओं से तुलना

यह ताज़ा संशोधन पिछले कुछ महीनों में हुए कई बदलावों की श्रृंखला में नवीनतम है। 1 सितंबर से प्रभावी समीक्षा में सरकार ने डीजल पर निर्यात शुल्क ₹3 प्रति लीटर से घटाकर ₹1 प्रति लीटर और विंडफॉल टैक्स ₹24 से घटाकर ₹19 प्रति लीटर किया था।

गौरतलब है कि अगस्त में दिशा बिल्कुल उलट थी — तब पेट्रोल पर निर्यात शुल्क ₹2.5 से बढ़ाकर ₹3.5 प्रति लीटर, डीजल पर कुल शुल्क ₹15.5 से बढ़ाकर ₹25.5 प्रति लीटर और ATF पर ₹14.5 से बढ़ाकर ₹22 प्रति लीटर किया गया था। इस उतार-चढ़ाव से स्पष्ट है कि सरकार वैश्विक ऊर्जा बाज़ार की अस्थिरता के साथ तेज़ी से तालमेल बिठा रही है।

समीक्षा प्रक्रिया और पृष्ठभूमि

सरकार घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात शुल्क की समीक्षा हर पखवाड़े करती है। यह तंत्र जुलाई 2022 में तब शुरू किया गया था, जब अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेज़ उछाल के बीच रिफाइनरियाँ घरेलू बाज़ार की जगह निर्यात को प्राथमिकता देने लगी थीं।

यह ऐसे समय में आया है जब भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, शुल्क में कटौती से भारतीय रिफाइनरियों की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ सकती है।

आगे की राह

अगली पखवाड़ा समीक्षा अक्टूबर के पहले सप्ताह में अपेक्षित है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें नरम बनी रहीं, तो शुल्क में और कटौती संभव है। उद्योग जगत इस कदम को रिफाइनरी मार्जिन के लिए अल्पकालिक राहत के रूप में देख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी बारंबार और तीव्र दिशा-परिवर्तन वाली प्रकृति निवेशकों और रिफाइनरी संचालकों के लिए अनिश्चितता पैदा करती है। घरेलू उपभोक्ताओं पर फिलहाल कोई असर नहीं है, परंतु वैश्विक ऊर्जा कीमतें यदि अचानक बढ़ीं तो सरकार के पास विकल्प सीमित होंगे।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विंडफॉल टैक्स क्या होता है और यह पेट्रोलियम निर्यात पर क्यों लगता है?
विंडफॉल टैक्स वह अतिरिक्त शुल्क है जो सरकार तब लगाती है जब अंतरराष्ट्रीय कीमतें अचानक बढ़ने से रिफाइनरियों को असाधारण मुनाफ़ा होता है। भारत ने यह तंत्र जुलाई 2022 में शुरू किया था ताकि रिफाइनरियाँ घरेलू आपूर्ति की जगह महँगे निर्यात को प्राथमिकता न दें।
17 सितंबर 2026 की समीक्षा में पेट्रोल, डीजल और ATF पर नई शुल्क दरें क्या हैं?
पेट्रोल पर SAED ₹0.5 प्रति लीटर, डीजल पर SAED ₹20 प्रति लीटर और ATF पर SAED ₹15 प्रति लीटर निर्धारित की गई है। तीनों पर RIC शून्य है।
क्या इस कटौती से पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें घटेंगी?
नहीं। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह संशोधन केवल निर्यात शुल्क से संबंधित है।
सरकार पेट्रोलियम निर्यात शुल्क की समीक्षा कितने समय पर करती है?
केंद्र सरकार हर पखवाड़े (15 दिन) यह समीक्षा करती है। यह वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और रिफाइनरी मार्जिन में होने वाले बदलावों के आधार पर की जाती है।
पिछली समीक्षाओं में क्या बदलाव हुए थे?
1 सितंबर की समीक्षा में डीजल निर्यात शुल्क ₹3 से घटाकर ₹1 और विंडफॉल टैक्स ₹24 से ₹19 प्रति लीटर किया गया था। इससे पहले अगस्त में पेट्रोल शुल्क ₹2.5 से ₹3.5, डीजल ₹15.5 से ₹25.5 और ATF ₹14.5 से ₹22 प्रति लीटर बढ़ाया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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