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एटीएफ की कीमत ₹5 प्रति लीटर घटी, दिल्ली में दाम ₹110 प्रति लीटर; एयरलाइंस को राहत

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एटीएफ की कीमत ₹5 प्रति लीटर घटी, दिल्ली में दाम ₹110 प्रति लीटर; एयरलाइंस को राहत

सारांश

सरकारी तेल कंपनियों ने 1 जुलाई से ATF की कीमत ₹5 प्रति लीटर घटाकर दिल्ली में ₹110 प्रति लीटर कर दी है। मध्य पूर्व में शांति वार्ता से कच्चे तेल में गिरावट और SAED में बदलाव — दोनों मिलकर विमानन क्षेत्र को राहत दे रहे हैं।

मुख्य बातें

सरकारी OMC ने 1 जुलाई 2026 से ATF की कीमत ₹5 प्रति लीटर घटाई।
नई दिल्ली में ATF का नया भाव लगभग ₹110 प्रति लीटर ।
ब्रेंट क्रूड $73.21 प्रति बैरल और WTI क्रूड $69.73 प्रति बैरल पर आया।
पेट्रोल निर्यात पर SAED ₹1.5 से बढ़कर ₹4 प्रति लीटर ; डीजल पर ₹14 से घटकर ₹8.5 प्रति लीटर ।
ATF निर्यात शुल्क ₹12.5 से घटकर ₹7.5 प्रति लीटर ; घरेलू पेट्रोल-डीजल पर कोई बदलाव नहीं।

सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMC) ने 1 जुलाई 2026 से एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में ₹5 प्रति लीटर की कटौती की है। इस संशोधन के बाद नई दिल्ली में ATF का दाम घटकर लगभग ₹110 प्रति लीटर रह गया है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव में कमी के चलते अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट इस कटौती की मुख्य वजह है।

कीमत घटने की वजह

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के बाद मध्य पूर्व में तनाव में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे वैश्विक कच्चे तेल के बाज़ार में नरमी देखी गई। ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का भाव $73.21 प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि WTI क्रूड फ्यूचर्स $70 प्रति बैरल की सीमा से नीचे $69.73 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। चूँकि ATF की कीमतें काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की दरों से जुड़ी होती हैं, इसलिए वैश्विक नरमी का सीधा असर घरेलू विमान ईंधन की दरों पर पड़ा है।

एयरलाइंस पर असर

ATF किसी भी एयरलाइन की कुल परिचालन लागत का 30–40% हिस्सा होता है, इसलिए यह कटौती घरेलू विमानन कंपनियों के लिए सीधी राहत है। हालाँकि, विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तविक बचत प्रत्येक एयरलाइन की ईंधन खरीद रणनीति और हेजिंग नीति पर निर्भर करेगी। जिन एयरलाइनों ने पहले से ऊँचे दामों पर ईंधन हेज किया हुआ है, उन्हें इस कटौती का तत्काल लाभ नहीं मिल सकता।

विंडफॉल टैक्स में भी बदलाव

केंद्र सरकार ने एक साथ पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाले विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) में भी संशोधन किया है। पेट्रोल निर्यात पर SAED को ₹1.5 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹4 प्रति लीटर कर दिया गया है। इसके विपरीत, डीजल निर्यात पर शुल्क को ₹14 प्रति लीटर से घटाकर ₹8.5 प्रति लीटर किया गया है। ATF के निर्यात पर भी शुल्क ₹12.5 प्रति लीटर से कम होकर ₹7.5 प्रति लीटर हो गया है। गौरतलब है कि घरेलू स्तर पर आपूर्ति किए जाने वाले पेट्रोल और डीजल के उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय विमानन क्षेत्र यात्री संख्या में तेज़ बढ़ोतरी के बावजूद ईंधन लागत के दबाव से जूझ रहा है। ATF की कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे हवाई किराए की प्रतिस्पर्धात्मकता को प्रभावित करता है। विश्लेषकों के अनुसार, यदि कच्चे तेल में यह नरमी बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में एयरलाइनों के मार्जिन में सुधार देखा जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह राहत उतनी सीधी नहीं जितनी दिखती है — हेजिंग रणनीतियों के कारण कई एयरलाइनों को यह लाभ तत्काल नहीं मिलेगा। असली परीक्षा यह है कि क्या कच्चे तेल की यह नरमी टिकाऊ है या मध्य पूर्व में तनाव की वापसी इसे पलट देगी। SAED में एक साथ पेट्रोल पर बढ़ोतरी और डीजल-ATF पर कटौती यह संकेत देती है कि सरकार निर्यात-आय संतुलन को सावधानी से साध रही है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल-डीजल के दाम अपरिवर्तित रहना यह भी दर्शाता है कि सरकार खुदरा ईंधन राजनीति में अभी कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ATF की कीमत कितनी घटाई गई है और यह कब से लागू है?
सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने ATF की कीमत ₹5 प्रति लीटर घटाई है, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी है। इसके बाद दिल्ली में ATF का दाम लगभग ₹110 प्रति लीटर हो गया है।
ATF की कीमत क्यों घटाई गई?
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के बाद मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव कम हुआ, जिससे वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें गिरीं। ब्रेंट क्रूड $73.21 और WTI क्रूड $69.73 प्रति बैरल तक आ गया, और इसी के अनुरूप घरेलू ATF दरों में संशोधन किया गया।
क्या इस कटौती से हवाई किराए सस्ते होंगे?
ATF कटौती से एयरलाइनों की परिचालन लागत घटने की संभावना है, लेकिन हवाई किराए पर असर प्रत्येक एयरलाइन की हेजिंग नीति और ईंधन खरीद रणनीति पर निर्भर करेगा। जिन कंपनियों ने पहले से ऊँचे दामों पर ईंधन हेज किया है, उन्हें तत्काल लाभ नहीं मिलेगा।
विंडफॉल टैक्स (SAED) में क्या बदलाव हुए हैं?
केंद्र सरकार ने पेट्रोल निर्यात पर SAED ₹1.5 से बढ़ाकर ₹4 प्रति लीटर किया है। डीजल निर्यात पर शुल्क ₹14 से घटाकर ₹8.5 और ATF निर्यात पर ₹12.5 से घटाकर ₹7.5 प्रति लीटर किया गया है। घरेलू पेट्रोल और डीजल के उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं हुआ।
क्या घरेलू पेट्रोल-डीजल के दाम भी बदले हैं?
नहीं। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू स्तर पर आपूर्ति किए जाने वाले पेट्रोल और डीजल के उत्पाद शुल्क में कोई संशोधन नहीं किया गया है। केवल निर्यात पर लगने वाले SAED में बदलाव हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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