अरुणाचल प्रदेश फाइनल वोटर लिस्ट 2026: 3,52,315 महिला मतदाता, पुरुषों से ज़्यादा; जेंडर रेश्यो 1,025
सारांश
मुख्य बातें
अरुणाचल प्रदेश की फाइनल इलेक्टोरल रोल 2026 में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक दर्ज की गई है — मणिपुर और मिजोरम के बाद यह पूर्वोत्तर का तीसरा राज्य बन गया है जहाँ यह प्रवृत्ति सामने आई है। चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) पवन कुमार सैन ने 22 सितंबर 2026 को ईटानगर में फाइनल वोटर लिस्ट जारी करते हुए बताया कि राज्य में अब कुल 6,96,026 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 3,52,315 महिलाएँ, 3,43,709 पुरुष और 2 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
मुख्य आँकड़े और जेंडर अनुपात
फाइनल इलेक्टोरल रोल में अरुणाचल प्रदेश का जेंडर रेश्यो 1,025 दर्ज हुआ है — यानी प्रति 1,000 पुरुष मतदाताओं पर 1,025 महिला मतदाता। यह आँकड़ा राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। तुलनात्मक रूप से, मिजोरम का जेंडर रेश्यो 1,073 और मणिपुर का 1,056 है।
गौरतलब है कि मिजोरम और मणिपुर की फाइनल इलेक्टोरल रोल क्रमशः 8 सितंबर और 6 सितंबर 2026 को प्रकाशित की गई थीं। अरुणाचल प्रदेश इस श्रृंखला में तीसरा राज्य है जहाँ विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी हुई है।
SIR प्रक्रिया और वोटर संख्या में बदलाव
चुनाव आयोग के 14 मई 2026 के निर्देशों के बाद अरुणाचल प्रदेश में SIR प्रक्रिया 5 जून 2026 से शुरू हुई। 21 जुलाई 2026 को प्रकाशित ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में कुल 7,18,046 मतदाता थे, जिनमें 3,64,079 महिला मतदाता शामिल थीं।
SIR से पहले यानी ड्राफ्ट रोल जारी होने से पूर्व राज्य में वोटरों की संख्या 8,87,505 थी। फाइनल लिस्ट में यह घटकर 6,96,026 रह गई — अर्थात 1,91,479 मतदाता कम हुए।
CEO सैन के अनुसार, ड्राफ्ट रोल प्रकाशन के बाद 8,803 नए मतदाता जोड़े गए, जबकि 1,924 को हटाया गया।
मतदाता सूची से हटाए जाने के कारण
जिन मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म वापस नहीं मिले, उनकी सूची भी प्रकाशित की गई। इसमें बताए गए संभावित कारण इस प्रकार हैं: अनुपस्थित या गैर-अनुरेखण योग्य (54,678), स्थानांतरित (78,980), मृत्यु (25,573), डुप्लीकेट (4,947) और अन्य कारण (5,281)।
यह ऐसे समय में आया है जब मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी है। SIR के ज़रिए फर्जी या स्थानांतरित मतदाताओं को सूची से बाहर करने की यह प्रक्रिया पूर्वोत्तर राज्यों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राष्ट्रीय औसत से आगे पूर्वोत्तर
अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और मिजोरम — तीनों राज्यों का जेंडर रेश्यो राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है, जो इन पूर्वोत्तर राज्यों में महिला मतदाताओं की उच्च भागीदारी को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन राज्यों में महिलाओं की सामाजिक-सांस्कृतिक सक्रियता और उच्च साक्षरता दर इस अनुपात में योगदान देती है।
आगे आने वाले चुनावों में यह लिंग-आधारित मतदाता संरचना राजनीतिक दलों की रणनीति और उम्मीदवारों के चयन को प्रभावित कर सकती है।