यमुना झाग टेंडर विवाद: वित्तीय बोली खुलने से पहले साइट पर पहुंची आइकॉन इंस्ट्रूमेंट्स, AAP का DJB पर भ्रष्टाचार का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 21 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के यमुना झाग हटाने के टेंडर में गंभीर अनियमितता हुई है — ठेकेदार कंपनी आइकॉन इंस्ट्रूमेंट्स वित्तीय बोली खुलने से पहले ही कालिंदी कुंज के पास टेंट और उपकरणों के साथ साइट पर पहुंच गई। भारद्वाज के अनुसार, यह स्थिति निविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
मुख्य आरोप
भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए सवाल उठाया कि जब DJB के टेंडर की वित्तीय बोली अभी तक नहीं खोली गई है, तो आइकॉन इंस्ट्रूमेंट्स को कार्य-स्थल पर तैयारियाँ करने की अनुमति कैसे मिली। उन्होंने इसे कथित तौर पर ठेकेदार के पूर्व-निर्धारित चयन का संकेत बताया।
भारद्वाज का कहना है, 'जब वित्तीय बोली ही नहीं खुली तो संबंधित कंपनी को साइट पर तैयारी करने की अनुमति कैसे मिली?' — यह सवाल उन्होंने मंत्री प्रवेश वर्मा के सामने सीधे रखा है।
PWD से जोड़ा मामला
भारद्वाज ने इस आरोप को दिल्ली लोक निर्माण विभाग (PWD) के सड़क निर्माण में कथित भ्रष्टाचार से भी जोड़ा। उनका तर्क है कि पहले PWD में अनियमितताएँ उजागर हुईं और अब DJB में भी इसी तरह के सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि कथित तौर पर दोनों विभाग — PWD और DJB — मंत्री प्रवेश वर्मा के अधीन हैं।
भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार उजागर करने वालों के मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की गई। उन्होंने मंत्री से सीधा सवाल किया कि क्या सरकार संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी या शिकायतकर्ताओं को निशाना बनाया जाएगा।
यमुना झाग की समस्या: पृष्ठभूमि
कालिंदी कुंज के पास यमुना की सतह पर सफेद झाग की समस्या वर्षों से चिंता का विषय रही है। नदी में अमोनिया और फॉस्फेट युक्त सीवेज के मिलने से यह झाग बनता है। इसे हटाने के लिए समय-समय पर सार्वजनिक धन से कदम उठाए जाते रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली सरकार यमुना की सफाई को लेकर पहले से ही राजनीतिक दबाव में है।
DJB और सरकार की स्थिति
फिलहाल दिल्ली जल बोर्ड या मंत्री प्रवेश वर्मा की ओर से AAP के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि वित्तीय बोली खोले जाने से पहले किसी कंपनी को कार्य-स्थल पर तैयारी करने की अनुमति देने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सरकारी खरीद नियमों के उल्लंघन का गंभीर मामला बन सकता है।
आगे क्या
भारद्वाज ने DJB की निविदा प्रक्रिया की निष्पक्ष जाँच की माँग की है। इस विवाद के बीच यह देखना होगा कि दिल्ली सरकार टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता के सवालों का जवाब कैसे देती है और क्या कोई प्रशासनिक कार्रवाई होती है।