21 अक्टूबर 2026
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यमुना झाग टेंडर विवाद: वित्तीय बोली खुलने से पहले साइट पर पहुंची आइकॉन इंस्ट्रूमेंट्स, AAP का DJB पर भ्रष्टाचार का आरोप

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यमुना झाग टेंडर विवाद: वित्तीय बोली खुलने से पहले साइट पर पहुंची आइकॉन इंस्ट्रूमेंट्स, AAP का DJB पर भ्रष्टाचार का आरोप

सारांश

AAP के सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि यमुना झाग हटाने का टेंडर खुलने से पहले ही आइकॉन इंस्ट्रूमेंट्स कालिंदी कुंज पर पहुंच गई। DJB और PWD दोनों मंत्री प्रवेश वर्मा के अधीन हैं — यह विवाद दिल्ली की खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सीधा सवाल है।

मुख्य बातें

AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 21 अक्टूबर 2026 को दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की टेंडर प्रक्रिया पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
आरोप के अनुसार, आइकॉन इंस्ट्रूमेंट्स वित्तीय बोली खुलने से पहले ही कालिंदी कुंज साइट पर टेंट और उपकरणों के साथ पहुंच गई।
भारद्वाज ने इसे ठेकेदार के पूर्व-निर्धारित चयन का संकेत बताते हुए निष्पक्ष जाँच की माँग की।
कथित तौर पर PWD और DJB दोनों विभाग मंत्री प्रवेश वर्मा के अधीन हैं।
DJB या मंत्री की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 21 अक्टूबर 2026 को आरोप लगाया कि दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के यमुना झाग हटाने के टेंडर में गंभीर अनियमितता हुई है — ठेकेदार कंपनी आइकॉन इंस्ट्रूमेंट्स वित्तीय बोली खुलने से पहले ही कालिंदी कुंज के पास टेंट और उपकरणों के साथ साइट पर पहुंच गई। भारद्वाज के अनुसार, यह स्थिति निविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

मुख्य आरोप

भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए सवाल उठाया कि जब DJB के टेंडर की वित्तीय बोली अभी तक नहीं खोली गई है, तो आइकॉन इंस्ट्रूमेंट्स को कार्य-स्थल पर तैयारियाँ करने की अनुमति कैसे मिली। उन्होंने इसे कथित तौर पर ठेकेदार के पूर्व-निर्धारित चयन का संकेत बताया।

भारद्वाज का कहना है, 'जब वित्तीय बोली ही नहीं खुली तो संबंधित कंपनी को साइट पर तैयारी करने की अनुमति कैसे मिली?' — यह सवाल उन्होंने मंत्री प्रवेश वर्मा के सामने सीधे रखा है।

PWD से जोड़ा मामला

भारद्वाज ने इस आरोप को दिल्ली लोक निर्माण विभाग (PWD) के सड़क निर्माण में कथित भ्रष्टाचार से भी जोड़ा। उनका तर्क है कि पहले PWD में अनियमितताएँ उजागर हुईं और अब DJB में भी इसी तरह के सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि कथित तौर पर दोनों विभाग — PWD और DJB — मंत्री प्रवेश वर्मा के अधीन हैं।

भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार उजागर करने वालों के मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की गई। उन्होंने मंत्री से सीधा सवाल किया कि क्या सरकार संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी या शिकायतकर्ताओं को निशाना बनाया जाएगा।

यमुना झाग की समस्या: पृष्ठभूमि

कालिंदी कुंज के पास यमुना की सतह पर सफेद झाग की समस्या वर्षों से चिंता का विषय रही है। नदी में अमोनिया और फॉस्फेट युक्त सीवेज के मिलने से यह झाग बनता है। इसे हटाने के लिए समय-समय पर सार्वजनिक धन से कदम उठाए जाते रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली सरकार यमुना की सफाई को लेकर पहले से ही राजनीतिक दबाव में है।

DJB और सरकार की स्थिति

फिलहाल दिल्ली जल बोर्ड या मंत्री प्रवेश वर्मा की ओर से AAP के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि वित्तीय बोली खोले जाने से पहले किसी कंपनी को कार्य-स्थल पर तैयारी करने की अनुमति देने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सरकारी खरीद नियमों के उल्लंघन का गंभीर मामला बन सकता है।

आगे क्या

भारद्वाज ने DJB की निविदा प्रक्रिया की निष्पक्ष जाँच की माँग की है। इस विवाद के बीच यह देखना होगा कि दिल्ली सरकार टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता के सवालों का जवाब कैसे देती है और क्या कोई प्रशासनिक कार्रवाई होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गहरे में यह दिल्ली की सरकारी खरीद प्रक्रिया की पुरानी कमज़ोरी को उजागर करता है — जहाँ वित्तीय बोली खुलने से पहले ही किसी कंपनी का साइट पर मौजूद होना, प्रक्रियागत पारदर्शिता पर मूलभूत सवाल खड़ा करता है। आरोप AAP की ओर से हैं, जो अभी विपक्ष में है — इसलिए राजनीतिक प्रेरणा को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। लेकिन असली जवाबदेही तब होगी जब DJB या मंत्री प्रवेश वर्मा टेंडर दस्तावेज़ सार्वजनिक कर यह स्पष्ट करें कि कंपनी को साइट पर अनुमति किस आधार पर मिली। यमुना की सफाई पर हर वर्ष सार्वजनिक धन खर्च होता है — यदि खरीद में अनियमितता सिद्ध हुई तो यह जवाबदेही का नहीं, जवाबदेही की कमी का उदाहरण बनेगा।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमुना झाग हटाने के टेंडर पर विवाद क्या है?
AAP के सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि DJB के यमुना झाग हटाने के टेंडर की वित्तीय बोली अभी खुली नहीं है, फिर भी ठेकेदार कंपनी आइकॉन इंस्ट्रूमेंट्स कालिंदी कुंज पर टेंट और उपकरणों के साथ पहुंच गई। इसे उन्होंने पूर्व-निर्धारित चयन का संकेत बताया है।
आइकॉन इंस्ट्रूमेंट्स कौन है और उस पर क्या आरोप है?
आइकॉन इंस्ट्रूमेंट्स वह ठेकेदार कंपनी है जिस पर AAP ने आरोप लगाया है कि वह DJB की वित्तीय बोली खुलने से पहले ही साइट पर काम की तैयारी करने पहुंच गई। यह कथित तौर पर सरकारी खरीद नियमों का उल्लंघन हो सकता है।
सौरभ भारद्वाज ने PWD से इस मामले को क्यों जोड़ा?
भारद्वाज का कहना है कि PWD और DJB — दोनों विभाग कथित तौर पर मंत्री प्रवेश वर्मा के अधीन हैं, और PWD में पहले भी सड़क निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं। उनके अनुसार यह एक व्यापक पैटर्न का हिस्सा है।
कालिंदी कुंज पर यमुना में झाग की समस्या क्यों होती है?
कालिंदी कुंज के पास यमुना में अमोनिया और फॉस्फेट युक्त अनुपचारित सीवेज के मिलने से नदी की सतह पर सफेद झाग बनता है। यह समस्या वर्षों से बनी हुई है और इसे हटाने के लिए समय-समय पर सरकारी धन से प्रयास किए जाते रहे हैं।
DJB या सरकार ने इन आरोपों पर क्या कहा है?
21 अक्टूबर 2026 तक DJB या मंत्री प्रवेश वर्मा की ओर से AAP के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भारद्वाज ने माँग की है कि सरकार टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्ष जाँच कराए।
राष्ट्र प्रेस
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