क्या आपातकाल के दौरान तानाशाह की तरह फैसले लिए गए थे? : योगेश कदम

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क्या आपातकाल के दौरान तानाशाह की तरह फैसले लिए गए थे? : योगेश कदम

सारांश

योगेश कदम ने आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर कांग्रेस पर तीखा हमला किया है। उन्होंने उस समय के तानाशाही फैसलों और जनता पर अत्याचारों की चर्चा की। इस लेख में जानें उनकी राय और उस काल की यादें।

मुख्य बातें

आपातकाल के दौरान लिए गए तानाशाही फैसले कांग्रेस पर आरोप और उनके प्रभाव जनता पर अत्याचारों की यादें सामाजिक और राजनीतिक स्थिति का अध्ययन भविष्य में लोकतंत्र की रक्षा के उपाय

मुंबई, 25 जून (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर कांग्रेस पार्टी पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के समय किसी को भी सरकार से सवाल पूछने का अधिकार नहीं था। इस दौर को काला दिन बताते हुए उन्होंने कहा कि उस समय निर्णय तानाशाह की तरह लिए गए।

मंत्री योगेश कदम ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "जब आपातकाल लगाया गया, तब जो भी सरकार के खिलाफ बोलता था उसे जेल में डाल दिया जाता था। उस समय तानाशाह की तरह फैसले लिए जाते थे। आपातकाल का यह समय काले दिन जैसा था, जिसे हम याद नहीं करना चाहते।"

उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान को खतरे में बताकर भाजपा पर आरोप लगाती रही है, लेकिन उसे पहले 50 साल पहले के आपातकाल को याद करना चाहिए। आपातकाल के दौरान जनता पर बहुत अत्याचार किया गया था। यह समय देश के लिए बहुत कठिन था।

उद्धव ठाकरे गुट के नेता और सांसद संजय राउत द्वारा आपातकाल के फैसले का स्वागत करने पर उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे वोट बैंक के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। उनके दल ने अब बालासाहेब ठाकरे के विचारों को छोड़ दिया है। उनकी पार्टी को लगता है कि महानगरपालिका चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस की विचारधारा को अपनाना पड़ेगा।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है, जिससे चुनाव आयोग ने सवालों के जवाब देने के लिए उन्हें बुलाया है। इस पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपनी पार्टी की हार को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। यह जनता का निर्णय है और हमारी सरकार जनहित के काम कर रही है। मतदान केंद्र 6 बजे बंद होते हैं, और जो लोग 6 बजे से पहले पहुंचते हैं, उन्हें वोट डालने का अधिकार होता है। राहुल गांधी को यह छोटी बात समझनी चाहिए।

ऑपरेशन सिंधु की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभी देशों के साथ अच्छे संबंध हैं, जिसके कारण ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को वहां से निकालने में मदद मिली। इसी तरह यूक्रेन युद्ध के दौरान भी भारतीय नागरिकों को वतन लाया गया था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आपातकाल के दौरान क्या हालात थे?
आपातकाल के दौरान सरकार के खिलाफ बोलने पर रोक थी और कई लोगों को जेल में डाल दिया गया था।
योगेश कदम ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाया?
योगेश कदम ने कांग्रेस पर आपातकाल के समय के अत्याचारों को भूलने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने आपातकाल के बारे में क्या कहा?
कांग्रेस ने आपातकाल को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है।
क्या उद्धव ठाकरे का समर्थन आपातकाल के फैसले को सही ठहराता है?
योगेश कदम ने कहा कि उद्धव ठाकरे वोट बैंक के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
आपातकाल से क्या सबक लिया जा सकता है?
आपातकाल से यह सिखने को मिलता है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सतर्क रहना आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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