मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आदेश: जमानत पर छूटे आरोपियों की जमानत निरस्त की जाए
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुनीं।
- जमानत पर छूटे आरोपियों की जमानत निरस्त कराने का आदेश दिया।
- कमजोर वर्ग के लोगों की सुरक्षा पर जोर दिया गया।
- आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया गया।
- सभी को न्याय मिलना चाहिए, यह सुनिश्चित किया जाएगा।
गोरखपुर, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गोरखपुर दौरे के दौरान गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को कड़ा आदेश दिया कि जमानत पर छूटकर वादी को धमकाने वाले आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाए और उनकी जमानत को तुरंत निरस्त किया जाए।
महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन परिसर में आयोजित इस जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से आए लगभग 200 लोगों से मुलाकात की। इस दौरान कई कमजोर वर्ग के लोगों ने दबंगों द्वारा धमकाने की शिकायतें की, जिस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में गुंडागर्दी किसी भी हालत में सहन नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने प्राप्त प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए त्वरित और संतोषजनक निस्तारण के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति को न्याय मिलना चाहिए और सभी पात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। इसके साथ ही, भूमाफियाओं और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए।
इस जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने आए लोगों को मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि जब अस्पताल से उपचार का एस्टीमेट प्राप्त होगा, तो सरकार की ओर से आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से भी मुलाकात की, उन्हें स्नेहपूर्वक चॉकलेट देते हुए आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर पीड़ित की समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।