सीएम योगी का सपा पर हमला: '2017 से पहले देख सपाई, बिटिया घबराई' — गोरखपुर में ₹8 करोड़ के महिला शरणालय का उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 सितंबर 2026 को गोरखपुर के चरगांवा में ₹8 करोड़ 5 लाख 42 हजार की लागत से निर्मित राजकीय महिला शरणालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में 'देख सपाई, बिटिया घबराई' जैसी कहावत आम हो गई थी। 100 महिलाओं की क्षमता वाला यह शरणालय घरेलू हिंसा पीड़िताओं और परिवार से बिछड़ी महिलाओं के लिए आश्रय का काम करेगा।
सपा शासन पर आरोप
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले पूरे प्रदेश में गुंडागर्दी, ज़मीन पर कब्जे और अराजकता का माहौल था। उनके अनुसार, तत्कालीन सरकार के गुंडों ने बेटियों की पढ़ाई और सुरक्षा को खतरे में डाल रखा था — कई जिलों में अभिभावक बच्चियों को स्कूल भेजने से घबराते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के 'शोहदे' बेटियों को परेशान करते थे और जबरन उठा ले जाते थे। योगी ने दावा किया कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश कर्फ्यू, दंगा, भय, गुंडागर्दी और अवैध कब्जे से मुक्त हुआ है।
महिला कल्याण योजनाओं की गिनाई उपलब्धियाँ
योगी ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से स्नातक तक ₹25,000 की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में ₹1 लाख की व्यवस्था है। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते-मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1.10 करोड़ परिवारों को सालाना ₹12,000 पेंशन और 65 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिए गए हैं।
रोज़गार और स्टार्टअप पर विपक्ष को चुनौती
सीएम योगी ने सपा पर रोज़गार के मुद्दे पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'आप गिनते जाइए, हम नौकरी बांटते जाएंगे। आप गिनते-गिनते थक जाएंगे, हम यूपी के नौजवानों को नौकरी देते-देते नहीं थकेंगे।' उन्होंने बताया कि मिशन रोजगार के तहत अब तक साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। प्रदेश में 96 लाख MSME इकाइयों के माध्यम से 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोज़गार मिला है, जिनमें बड़ी संख्या में इकाइयाँ महिलाएं चला रही हैं। 24,000 से अधिक स्टार्टअप के साथ उत्तर प्रदेश का युवा अब नौकरी देने वाला भी बन रहा है।
स्वास्थ्य और अवसंरचना में बदलाव के दावे
योगी ने कहा कि 2017 से पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से केवल बीआरडी मेडिकल कॉलेज में करीब 500 बच्चों की सालाना मौत होती थी, जो अब सरकारी प्रयासों से शून्य पर आ गई है। गोरखपुर में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी में सुधार का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि अब वाराणसी की यात्रा करीब ढाई घंटे में पूरी हो रही है। इस अवसर पर उन्होंने 100 किशोरों की क्षमता वाले निर्माणाधीन राजकीय संप्रेक्षण गृह का भी निरीक्षण किया, जो ₹14 करोड़ 87 लाख की लागत से बनाया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण की आगे की राह
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी कार्यक्रमों के ज़रिए महिलाएं स्वावलंबन की नई कहानी लिख रही हैं। नारी वंदन अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के प्रतिनिधित्व का मार्ग सुनिश्चित किया गया है। योगी ने महिला कल्याण विभाग से शरणालय का बेहतर संचालन सुनिश्चित करने की अपेक्षा की और कहा कि घर छोड़ने को मजबूर किसी भी बेटी को अब दर-दर की ठोकर नहीं खानी पड़ेगी।