सोशल मीडिया पर CM सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ 'अपमानजनक' पोस्ट, कोलकाता में युवक गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता के नागरबाजार पुलिस स्टेशन ने सोमवार, 27 अक्टूबर 2026 को आकाश सरकार नामक एक युवक को गिरफ्तार किया, जिस पर सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई नेताओं के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियाँ करने और झूठी जानकारी फैलाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, उत्तरी कोलकाता के नागरबाजार थाने में दर्ज लिखित शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आकाश सरकार लंबे समय से सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बारे में कथित तौर पर अभद्र और भद्दी टिप्पणियाँ करता आ रहा था। इसके अलावा, आरोप है कि वह पश्चिम बंगाल BJP के कई नेताओं के नाम पर भ्रामक और असत्य जानकारी भी प्रसारित करता था।
नागरबाजार थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने प्रारंभिक जाँच शुरू की और आकाश को हिरासत में लिया। उसे सोमवार को बैरकपुर की अदालत में पेश किया गया, जहाँ पुलिस ने आगे की पूछताछ के लिए उसकी रिमांड का आवेदन दिया है। जाँच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह किस उद्देश्य से इस प्रकार की पोस्ट कर रहा था।
पश्चिम मिदनापुर में दूसरी गिरफ्तारी
इस घटना से एक दिन पहले, रविवार को पश्चिम मिदनापुर जिले में भी एक अन्य युवक को इसी तरह के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार युवक की पहचान सुरजीत शी के रूप में हुई है।
सुरजीत पर आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं, प्रधानमंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री के बारे में कथित तौर पर विकृत और व्यंग्यात्मक पोस्ट किए। हाल ही में हिंदुत्व संगठनों के कई सदस्यों ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
अदालत में पेश होने के बाद न्यायाधीश ने सुरजीत शी को 4 नवंबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सोशल मीडिया पर राजनेताओं और धार्मिक प्रतीकों के खिलाफ पोस्ट करने के मामलों में गिरफ्तारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और विपक्षी BJP के बीच तनाव की पृष्ठभूमि में ऐसे मामले राजनीतिक रूप से संवेदनशील माने जाते हैं। आलोचकों का कहना है कि सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों के लिए गिरफ्तारियाँ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करती हैं, जबकि कानून-प्रवर्तन एजेंसियों का तर्क है कि मानहानिकारक और भ्रामक सामग्री कानून का उल्लंघन करती है।
आगे क्या होगा
आकाश सरकार के मामले में पुलिस रिमांड पर अदालत का फैसला अभी आना बाकी है। वहीं, सुरजीत शी को 4 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रखा जाएगा और मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी। दोनों मामलों में अभी आरोप-पत्र दाखिल होना बाकी है।