यूथ अड्डा से जेन जी को उद्यमी बनाएगी योगी सरकार, 2027 तक 5 लाख युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने जेनरेशन जेड (जेन जी) को नौकरी तलाशने वाले से रोजगार सृजित करने वाला बनाने के उद्देश्य से यूथ अड्डा नामक समग्र उद्यमिता मंच विकसित किया है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) के अंतर्गत संचालित यह पहल 28 जुलाई 2026 को सक्रिय रूप से प्रदेश के युवाओं तक अपनी पहुँच बढ़ा रही है। इसका क्रियान्वयन उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीकॉन) द्वारा किया जा रहा है।
यूथ अड्डा क्या है और यह कैसे काम करता है
यूथ अड्डा को पारंपरिक प्रशिक्षण केंद्र के बजाय एक समग्र उद्यमिता इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया गया है। यहाँ बिजनेस आइडिया तैयार करने से लेकर वित्तीय सहायता, तकनीकी प्रशिक्षण, डिजिटल मार्केटिंग, फ्रेंचाइजी मॉडल, सरकारी योजनाओं की जानकारी और अनुभवी उद्यमियों का मार्गदर्शन — सब कुछ एक ही मंच पर उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा 100 से अधिक तैयार फ्रेंचाइजी मॉडल भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे पहली बार व्यवसाय शुरू करने वाले युवाओं का जोखिम कम हो सके।
यह मंच बैंकर्स मीट, टेक फेस्ट, स्टार्टअप क्लिनिक, बिजनेस आइडिएशन वर्कशॉप, फाउंडर्स टॉक, नारी शक्ति श्रृंखला और कॉलेज आउटरीच कार्यक्रम जैसे आयोजनों के माध्यम से वर्षभर सक्रिय रहता है। युवाओं को उद्यम पंजीकरण, जीएसटी, डिजिटल ब्रांडिंग, गूगल बिजनेस प्रोफाइल, वॉट्सएप बिजनेस और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक लगातार मार्गदर्शन देने की व्यवस्था की गई है।
तकनीक और भविष्य पर फोकस
योगी सरकार ने यह माना है कि भविष्य की अर्थव्यवस्था तकनीक-आधारित होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए यूथ अड्डा में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी), डिजिटल कॉमर्स और ई-कॉमर्स पर विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। यह फोकस विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, पॉलीटेक्निक और आईटीआई के विद्यार्थियों पर रखा गया है, ताकि उद्यमिता की शुरुआत कॉलेज के दिनों से ही हो सके।
गौरतलब है कि 1997 के बाद जन्मी जेन जी पीढ़ी इंटरनेट, स्मार्टफोन और डिजिटल तकनीक के साथ बड़ी हुई है। इस पीढ़ी को केवल रोजगार नहीं, बल्कि अवसर, मेंटरशिप, नेटवर्किंग और उद्यमिता का पूरा इकोसिस्टम चाहिए — और यूथ अड्डा इसी माँग को पूरा करने की कोशिश है।
75 जिलों तक विस्तार और ग्रामीण समावेश
यूथ अड्डा की अवधारणा केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। सरकार का लक्ष्य इसे प्रदेश के सभी 75 जिलों तक पहुँचाना है। महिला स्वयं सहायता समूहों को पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग का सहयोग देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को व्यावसायिक पहचान दिलाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
यूपीकॉन की भूमिका और लक्ष्य
यूपीकॉन के प्रबंध निदेशक प्रवीण सिंह के अनुसार, यूथ अड्डा को प्रदेश में उद्यमिता के एक सशक्त मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है। यूपीकॉन युवाओं को प्रशिक्षण, मेंटरशिप, परियोजना परामर्श, बैंकिंग सहायता, डिजिटल सशक्तीकरण और उद्योग जगत से जुड़ाव जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ विभिन्न विभागों, वित्तीय संस्थानों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच समन्वय स्थापित कर रहा है।
प्रदेश सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक 5 लाख युवाओं को इस पहल से जोड़ना, ₹1,000 करोड़ से अधिक का ऋण उपलब्ध कराना, 10,000 से अधिक नए उद्यम एवं फ्रेंचाइजी स्थापित करना तथा 25,000 से अधिक एमएसएमई को मजबूत बनाना है।
व्यापक आर्थिक लक्ष्य से जुड़ाव
सरकार का मानना है कि यदि युवा रोजगार माँगने की बजाय रोजगार देने वाले बनते हैं, तो इससे उत्तर प्रदेश के एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को नई गति मिलेगी। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में है। आने वाले महीनों में यूथ अड्डा के विस्तार की गति और इसके वास्तविक रोजगार परिणाम इस पहल की सफलता की असली कसौटी होंगे।