नायडू सरकार पर वाईएसआरसीपी का हमला: जगन के 11 लाख अधूरे घर, सूखे पर भी सवाल
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश में विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने 4 अक्टूबर 2026 को टीडीपी नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए — कि पिछली सरकार द्वारा शुरू की गई आवास परियोजनाओं को जानबूझकर अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे लाखों गरीब परिवार बेघर रहने को मजबूर हैं। पोन्नूर निर्वाचन क्षेत्र के वाईएसआरसीपी समन्वयक अंबाती मुरली कृष्णा ने ताडेपल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए ये आरोप लगाए।
आवास योजनाओं की स्थिति
मुरली कृष्णा के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के कार्यकाल में राज्य सरकार ने 31.19 लाख परिवारों को आवास भूखंड आवंटित किए और 17,005 वाईएसआर जगनन्ना कॉलोनियाँ स्थापित की गईं। उन्होंने दावा किया कि कुल 22,80,358 घरों को स्वीकृति मिली और उनमें से 9 लाख से अधिक का निर्माण पूरा हो चुका था।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान नायडू सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में एक भी नया घर नहीं बनाया और करीब 11 लाख घर निर्माण के विभिन्न चरणों में अधूरे पड़े हैं। उनका कहना था कि जब तक ये घर पूरे नहीं होते, सरकार को गरीबों को आवास देने का श्रेय लेने का कोई अधिकार नहीं है।
अदालती मामलों पर आरोप
मुरली कृष्णा ने यह भी आरोप लगाया कि टीडीपी ने आवासीय भूखंडों के पट्टे वितरण को रोकने के लिए 1,000 से अधिक अदालती मामले दायर किए। उनके अनुसार, जगन मोहन रेड्डी को सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा और तब जाकर पट्टे वितरण की अनुमति मिली।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमरावती में सरकार ने 50,000 गरीब परिवारों के पट्टे को लेकर अदालत में मुकदमा किया और बाद में उन्हें रद्द कर दिया, जिससे वे परिवार अपने आवास अधिकार से वंचित हो गए।
सूखे का मुद्दा और किसानों की चिंता
मुरली कृष्णा ने सवाल उठाया कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में हुई बैठक में राज्य के सूखे की स्थिति का मुद्दा क्यों नहीं उठाया गया। उनके अनुसार, राज्य के 688 मंडलों में से 388 मंडल सूखाग्रस्त घोषित किए जा चुके हैं — इनमें मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के अपने निर्वाचन क्षेत्र कुप्पम के मंडल भी शामिल हैं।
उन्होंने धान, कपास, मक्का, लाल चना, हरा चना और काला चना जैसी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर भी सरकार से जवाब माँगा। उनका कहना था कि किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा और कल्याणकारी योजनाओं के भुगतान में कमी से ग्रामीण अर्थव्यवस्थाएँ दबाव में हैं।
जाँच की चुनौती और स्थानीय निकाय चुनाव
मंत्री नादेंडला मनोहर द्वारा आवास संबंधी कथित अनियमितताओं की जाँच की माँग पर प्रतिक्रिया देते हुए मुरली कृष्णा ने कहा कि वाईएसआरसीपी किसी भी जाँच के लिए तैयार है। उन्होंने पलटवार करते हुए सरकार को काकीनाडा में चावल वितरण से जुड़े मुद्दे की भी जाँच करने की चुनौती दी।
स्थानीय निकाय चुनावों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वाईएसआरसीपी चुनावों का विरोध नहीं करती, लेकिन पार्टी सटीक मतदाता सूचियाँ चाहती है — जिनमें मृत मतदाताओं और फर्जी वोटों को लेकर पारदर्शिता हो।
आगे क्या होगा
आवास विवाद, सूखे की मार और किसानों की MSP माँग — ये तीनों मुद्दे मिलकर आंध्र प्रदेश की राजनीति में तेज होती जा रही खींचतान को दर्शाते हैं। वाईएसआरसीपी के लगातार हमलों के बीच नायडू सरकार की प्रतिक्रिया और अधूरे घरों के निर्माण की दिशा पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।