क्या यूपी का आबकारी विभाग नई आबकारी नीति के जरिए डिस्टिलरी प्लांट को बढ़ावा देने जा रहा है?
सारांश
Key Takeaways
- नई आबकारी नीति डिस्टिलरी प्लांट को बढ़ावा देगी।
- राजस्व में वृद्धि और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
- किसानों को भी लाभ होगा।
लखनऊ, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और राजस्व संसाधनों को सशक्त करने की दिशा में प्रदेश सरकार एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी कर रही है। इस संदर्भ में, आबकारी विभाग नई आबकारी नीति 2026-27 पर विचार कर रहा है।
नई नीति के अंतर्गत प्रदेश में डिस्टिलरी प्लांट की स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा, और निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न सुविधाओं पर गंभीरता से चर्चा चल रही है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि राज्य की अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजस्व में वृद्धि, निवेश को आकर्षित करना, और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाना आवश्यक है। इसी क्रम में, आबकारी विभाग को राजस्व वृद्धि के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे। इन निर्देशों के अनुसार, विभाग ने डिस्टिलरी प्लांट्स को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है, जिससे न केवल राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।
इसके लिए, प्रदेश में नई डिस्टिलरी इकाइयों की स्थापना को सरल और आकर्षक बनाया जाएगा। लाइसेंस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने, शुल्क संरचना को युक्तिसंगत बनाने, और आवश्यक अनुमतियों में सहूलियत देने का प्रस्ताव है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और उत्तर प्रदेश डिस्टिलरी उद्योग के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा। यह ध्यान देने योग्य है कि निवेश मित्र, सिंगल विंडो सिस्टम, और उद्योग अनुकूल नीतियों के माध्यम से प्रदेश ने रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए हैं। नई आबकारी नीति इसी श्रृंखला का एक हिस्सा है।
आबकारी विभाग की नई नीति में निर्यात पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में उत्पादित स्पिरिट, अल्कोहल, और इससे जुड़े उत्पादों के निर्यात को आसान बनाने के लिए नियमों में ढील देने, लॉजिस्टिक्स को सुगम बनाने, और अतिरिक्त प्रोत्साहन देने पर विचार किया जा रहा है। इससे प्रदेश के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनेंगे और विदेशी मुद्रा अर्जन में भी वृद्धि होगी।
डिस्टिलरी प्लांट्स के विस्तार से आबकारी विभाग को राजस्व में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसके साथ ही, कृषि आधारित कच्चे माल की मांग भी बढ़ेगी, जिससे किसानों को लाभ होगा। गन्ना, अनाज, और अन्य कृषि उत्पादों की खपत में वृद्धि से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। डिस्टिलरी उद्योग के विस्तार से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर उत्पन्न होने की संभावना है।