तेजस्वी यादव युवाओं को गुमराह करना बंद करें: संतोष कुमार सुमन का नीट पेंशन वादे पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने 28 जुलाई को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीट आंदोलन से जुड़े छात्रों को सरकारी नौकरी और पेंशन देने का तेजस्वी का वादा महज चुनावी राजनीति है, न कि युवाओं के प्रति वास्तविक प्रतिबद्धता।
मुख्य आरोप: संकट में साथ न देना
डॉ. सुमन ने सवाल उठाया कि जब छात्र अपने भविष्य को लेकर सड़कों पर संघर्ष कर रहे थे, उस कठिन दौर में तेजस्वी यादव उनके साथ क्यों नहीं खड़े हुए। उन्होंने कहा कि असली नेतृत्व की पहचान मुश्किल घड़ी में साथ देने से होती है, न कि चुनाव की आहट सुनते ही बड़े-बड़े वादों की झड़ी लगाने से।
बिहार सरकार की कार्रवाई वापसी का संदर्भ
बिहार सरकार ने नीट आंदोलन से जुड़े मामलों में दर्ज केसों को वापस लेने का निर्णय पहले ही ले लिया है। डॉ. सुमन के अनुसार, ऐसे में विपक्ष का यह कदम केवल राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की भावनाओं को वोट बैंक की राजनीति के लिए इस्तेमाल करना अनुचित है।
जेपी आंदोलन की विरासत पर विवाद
डॉ. सुमन ने तेजस्वी यादव को याद दिलाया कि जेपी सेनानी सम्मान पेंशन की जिस परंपरा का हवाला देकर नई घोषणाएं की जा रही हैं, वह व्यवस्था मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने लागू की थी — लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में नहीं। उन्होंने कहा कि इतिहास के तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना राजनीतिक बेईमानी है।
तेजस्वी का वादा क्या था
गौरतलब है कि तेजस्वी यादव ने कहा था कि यदि भविष्य में उनकी सरकार बनती है, तो नीट आंदोलन के दौरान गिरफ्तार छात्रों के लिए जेपी आंदोलन के प्रतिभागियों की तर्ज पर पेंशन देने पर विचार किया जाएगा। इसी वादे को डॉ. सुमन ने 'खोखली घोषणा' करार दिया।
बिहार के युवा और राजनीतिक जागरूकता
डॉ. सुमन ने कहा कि लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की जोड़ी वर्षों से युवाओं को झूठे सपने दिखाकर राजनीति करती रही है। उनके अनुसार, अब बिहार का युवा जागरूक हो चुका है और वह केवल घोषणाओं के आधार पर नहीं, बल्कि काम, विश्वसनीयता और जनहित में लिए गए निर्णयों के आधार पर नेतृत्व का मूल्यांकन करेगा। आने वाले समय में यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप बिहार की चुनावी रणनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।