तिरंगा फहराने से छूट मांगने पर कर्नाटक मंत्री जमीर अहमद खान घिरे, भाजपा ने मांगी बर्खास्तगी
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के आवास मंत्री बी. जेड. जमीर अहमद खान ने 15 अगस्त को विजयनगर जिले में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की जिम्मेदारी से छूट माँगी है, जिससे कर्नाटक की राजनीति में तीखी बहस छिड़ गई है। विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे राष्ट्रीय गरिमा का अपमान बताते हुए मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार से मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने की माँग की है।
मंत्री का पत्र और दिए गए कारण
जमीर अहमद खान ने मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार को लिखे एक पत्र में स्पष्ट किया कि उन्हें विजयनगर जिले में 15 अगस्त को ध्वजारोहण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने पत्र में लिखा, 'मुझे 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन मैं कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाऊंगा। इसलिए मुझे इस दायित्व से छूट दी जाए।' उन्होंने बेंगलुरु नगर निकाय चुनाव, अन्य स्थानीय निकाय चुनाव, विधानसभा उपचुनाव और पार्टी संगठन की गतिविधियों को अपनी अनुपस्थिति का कारण बताया।
विजयनगर जिले और सूखे का संदर्भ
खान ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि विजयनगर जिले में सूखे की स्थिति से संबंधित जो रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई थी, वह पहले ही सरकार को सौंप चुके हैं। साथ ही उन्होंने अनुरोध किया कि उन्हें विजयनगर या किसी अन्य जिले का जिला प्रभारी मंत्री नियुक्त न किया जाए। यह अनुरोध ऐसे समय आया है जब राज्य में हालिया मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंत्रियों के विभागों और जिम्मेदारियों का नया बंटवारा हुआ है।
भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और BJP के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने इस मामले पर कांग्रेस सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस बेशर्मी से राष्ट्र से ऊपर पार्टी राजनीति को प्राथमिकता देती है। स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराना केवल एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति सम्मान और कर्तव्य का प्रतीक है।' अशोक ने आरोप लगाया कि चुनावी तैयारियों और पार्टी संगठन का हवाला देकर स्वतंत्रता दिवस समारोह से अनुपस्थित रहने की बात करना उचित नहीं है।
राहुल गांधी से माफी की माँग
आर. अशोक ने इस विवाद को राष्ट्रीय स्तर तक खींचते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी आड़े हाथों लिया और माँग की कि वे इस मुद्दे पर देश से माफी माँगें। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवकुमार से स्पष्ट रूप से कहा कि जमीर अहमद खान को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए, क्योंकि उनके इस कदम से राज्य और राष्ट्रीय ध्वज दोनों का अपमान हुआ है।
आगे क्या होगा
फिलहाल कांग्रेस सरकार की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार खान के अनुरोध को स्वीकार करते हैं या उन्हें विजयनगर में ध्वजारोहण के लिए बाध्य करते हैं। गौरतलब है कि यह विवाद स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उठा है, जो इसे राजनीतिक दृष्टि से और अधिक संवेदनशील बना देता है।