वंदे मातरम विवाद: CM शिवकुमार का BJP पर आरोप — कर्नाटक में अशांति फैलाने की कोशिश
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि विपक्षी दल 'वंदे मातरम' मुद्दे को बहाना बनाकर राज्य में जानबूझकर अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है। उनका यह बयान BJP के उस प्रस्तावित आंदोलन की आलोचना में आया जो एक पुलिस अधिकारी के विवादित बयान से उपजा था।
मुख्य घटनाक्रम
शिवकुमार ने केआर सर्कल, बेंगलुरु में प्रख्यात इंजीनियर सर एम. विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह बयान दिए। उन्होंने कहा, 'अगर आप BJP नेताओं का सीना भी चीरकर देखें, तो उसमें राज्य के कल्याण की चिंता का कोई भाव नहीं मिलेगा। उनकी सोच सिर्फ राजनीतिक है। उन्हें सुधारा नहीं जा सकता।'
यह विवाद उस पुलिस अधिकारी के बयान से शुरू हुआ था जिसने संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर पहले से सावधान किया था। शिवकुमार ने उस अधिकारी का बचाव करते हुए कहा, 'पुलिस अधिकारी ने क्या गलती की है? उसने बस चेतावनी दी थी ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। इसके लिए BJP इस मुद्दे को सड़कों पर ले आई है।'
विपक्ष पर निशाना
मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि विपक्ष के नेता समेत अन्य नेता एक 'पंचायत स्तर' के मामले में क्यों हस्तक्षेप कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'विपक्ष के नेता का पद एक संवैधानिक पद है। मैं उनसे बेहतर आचरण की उम्मीद करता हूँ।'
BJP नेताओं के सोशल मीडिया पोस्ट का संदर्भ देते हुए शिवकुमार ने पूछा कि समाज में कानूनों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने BJP नेताओं से ऐसी गतिविधियाँ तुरंत बंद करने का आग्रह किया।
उन्होंने चेताया, 'कर्नाटक की वजह से भारत का सम्मान बढ़ रहा है। अगर यहाँ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इससे भारत को नुकसान होगा। यहाँ के BJP नेता ऐसी राजनीति कर रहे हैं जिससे देश के लिए प्रधानमंत्री के विजन पर असर पड़ सकता है।'
BJP को सीधी अपील
शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विरोध करने का अधिकार हर दल को है, लेकिन उसकी एक सीमा होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'राजनीति करें और विरोध प्रदर्शन करें, लेकिन मैं आपसे अपील करता हूँ कि अशांति न फैलाएँ और राज्य का नाम खराब न करें।'
गौरतलब है कि यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस और BJP के बीच कई मोर्चों पर तनाव चल रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक अखाड़े में खींचना जनता के धार्मिक और देशभक्ति की भावनाओं को प्रभावित करने का एक पुराना तरीका रहा है।
सूखे की स्थिति पर भी बोले CM
इसी प्रेस वार्ता में शिवकुमार ने कर्नाटक में कम बारिश और संभावित सूखे की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने विधायकों से इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने की अपील की और बताया कि केंद्र सरकार के आकलन से पहले राज्य सरकार एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है।
उन्होंने कहा, 'जब केंद्र सरकार आकलन के लिए आएगी, तो हमारी रिपोर्ट गलत नहीं होनी चाहिए। कुछ इलाकों में सर्वे पूरे हो चुके हैं, जबकि बाकी इलाकों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।' मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बावजूद राज्य के कई हिस्सों में बारिश कम रही है, जिससे बिजली की कमी और पेयजल आपूर्ति पर दबाव बढ़ रहा है। सूखे की स्थिति पर विचार के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है और किसानों से बातचीत के बाद अतिरिक्त उपायों की घोषणा की जाएगी।
आगे क्या
BJP के प्रस्तावित आंदोलन और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया के बीच अब सभी की नज़रें इस पर होंगी कि यह विवाद आने वाले दिनों में कानून-व्यवस्था को किस हद तक प्रभावित करता है। राज्य में सूखे की स्थिति और राजनीतिक तनाव का यह संयोग शिवकुमार सरकार के लिए एक कठिन परीक्षा बन सकता है।