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अदाणी समूह का टियर-2 और टियर-4 शहरों पर ध्यान, छात्रों के लिए नए अवसर: करण अदाणी

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अदाणी समूह का टियर-2 और टियर-4 शहरों पर ध्यान, छात्रों के लिए नए अवसर: करण अदाणी

सारांश

अदाणी समूह ने टियर-2 और टियर-4 शहरों के छात्रों को नए अवसर देने का निर्णय लिया है। करण अदाणी के अनुसार, इन शहरों के युवाओं की मेहनत और लगन कंपनी के भविष्य में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।

मुख्य बातें

अदाणी समूह का ध्यान छोटे शहरों पर है।
हर साल 2 लाख करोड़ रुपए का निवेश।
स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना।
कंपनी की औसत आयु 38 वर्ष है।
महिलाओं की भागीदारी 15 प्रतिशत है।

नई दिल्ली, 21 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। अदाणी समूह का उद्देश्य टियर-2 और टियर-4 शहरों के छात्रों को अधिक अवसर प्रदान करना है, क्योंकि छोटे शहरों के युवाओं में दृढ़ संकल्प और लगन होती है, और ये कंपनी के भविष्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह जानकारी अदाणी पोर्ट्स और एसईजेड लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अदाणी ने दी।

राष्ट्रीय राजधानी में अखिल भारतीय प्रबंधन संघ द्वारा आयोजित प्लेटिनम जयंती (70वां) स्थापना दिवस और 20वें राष्ट्रीय प्रबंधन दिवस के कार्यक्रम में बोलते हुए, करण अदाणी ने समूह की योजनाओं और कार्यबल की रणनीति पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि समूह का मुख्य ध्यान एनर्जी, पोर्ट्स, एयरपोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित है।

उन्होंने एनर्जी को उसके सभी रूपों में अगला बड़ा अवसर बताया। साथ ही कहा कि 2010 से, समूह रेटिंग और फंडिंग के लिए वैश्विक बॉन्ड बाजारों का उपयोग कर रहा है।

करण अदाणी ने बताया कि समूह वर्तमान में एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है और वह हर साल ग्रीनफील्ड परियोजनाओं में 2 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए गति और तेजी से विस्तार करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा, “संगठन, जिसमें अध्यक्ष से लेकर सबसे निचले स्तर तक 16 स्तर हैं, निचले स्तर के कर्मचारियों को अधिक निर्णय लेने का अधिकार देकर उन्हें सशक्त करने की दिशा में कार्य कर रहा है।”

उन्होंने बताया कि समूह उपकरण संचालकों, ट्रक चालकों और रखरखाव टीमों सहित संपूर्ण पोर्ट सिस्टम का संचालन स्वयं करता है।

उन्होंने कहा, “यह दृष्टिकोण इसलिए अपनाया गया क्योंकि पहले कोई स्थापित प्रणाली नहीं थी और कंपनी को निरंतर सुधार के माध्यम से अपना ढांचा खुद बनाना पड़ा।”

करण अदाणी ने बताया कि भारत की 1.4 अरब की आबादी के बावजूद, कुशल मानव संसाधन की अभी भी कमी है।

उन्होंने कहा, “इस समस्या से निपटने के लिए, प्रत्येक परियोजना बड़े पैमाने पर स्थानीय भर्तियों और आस-पास के क्षेत्रों में सुनियोजित कौशल विकास पर केंद्रित है। इससे न केवल परियोजनाएं समय पर पूरी होती हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होते हैं।”

भविष्य के कार्यबल लक्ष्यों पर प्रकाश डालते हुए, करण अदाणी ने कहा कि कंपनी कर्मचारियों की औसत आयु को कम करना चाहती है, जो वर्तमान में 38 वर्ष है, और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना चाहती है, जो कार्यबल का 15 प्रतिशत हैं।

करण अदाणी ने कहा, “अधिक प्रौद्योगिकी और एआई को अपनाने के लिए युवा कार्यबल की आवश्यकता है।”

उन्होंने आगे कहा कि समूह के कई लीडर्स ने आंतरिक रूप से ही तरक्की की है, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत ने प्रशिक्षु के रूप में शुरुआत की और बाद में सीईओ बने।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो छोटे शहरों के युवाओं के लिए नए अवसरों का सृजन कर रही है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अदाणी समूह कौन से क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है?
अदाणी समूह का ध्यान एनर्जी, लॉजिस्टिक्स, और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर है।
करण अदाणी ने किस प्रकार की योजनाओं की घोषणा की?
उन्होंने टियर-2 और टियर-4 शहरों के छात्रों के लिए नए अवसरों की घोषणा की।
कंपनी ने कितने निवेश का वादा किया है?
कंपनी ने हर साल 2 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने का वादा किया है।
कंपनी की औसत आयु क्या है?
कंपनी की औसत आयु वर्तमान में 38 वर्ष है।
महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी कितनी है?
महिलाएं कार्यबल का 15 प्रतिशत हैं।
राष्ट्र प्रेस
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