18 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या 2025 की पहली छमाही में रिटेल लीजिंग का 60 प्रतिशत हिस्सा फैशन और अपैरल ब्रांड के पास रहेगा?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या 2025 की पहली छमाही में रिटेल लीजिंग का 60 प्रतिशत हिस्सा फैशन और अपैरल ब्रांड के पास रहेगा?

सारांश

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 की पहली छमाही में फैशन और अपैरल ब्रांड्स ने रिटेल लीजिंग में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की है। यह आंकड़ा डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स की बढ़ती लोकप्रियता और ओमनीचैनल रणनीतियों को दर्शाता है। जानें और क्या बदल रहा है भारत के रिटेल बाजार में।

मुख्य बातें

फैशन और अपैरल ब्रांड्स की रिटेल लीजिंग में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी।
ऑनलाइन शॉपिंग के बावजूद फिजिकल खरीदारी का महत्व।
डीटूसी ब्रांड्स का ओमनीचैनल होना।
दिल्ली-एनसीआर में रिटेल लीजिंग का सबसे अधिक हिस्सा।
फिजिकल स्टोर्स से ब्रांड की विश्वसनीयता बढ़ती है।

नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। इस वर्ष की पहली छमाही में डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (डीटूसी) ब्रांड्स द्वारा रिटेल लीजिंग में फैशन और अपैरल ब्रांड्स की लगभग 60 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की गई है। यह जानकारी बुधवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई।

इसके बाद 12 प्रतिशत के साथ होमवेयर और फर्निशिंग, 12 प्रतिशत के साथ ज्वेलरी और 6 प्रतिशत के साथ हेल्थ और पर्सनल केयर की हिस्सेदारी रही।

2020 और 2022 के बीच कई डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स ने बढ़त दर्ज की, जो मुख्य रूप से कोरोना के दौरान ऑनलाइन शॉपिंग में बढ़ोतरी के कारण थी। वे अब ओमनीचैनल हो रहे हैं।

सीबीआरई की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, इन न्यू-एज ब्रांड द्वारा रिटेल लीजिंग का हिस्सा 2024 की पहली छमाही में 8 प्रतिशत था, जो कि इस वर्ष की पहली छमाही में बढ़कर 18 प्रतिशत हो गया है। यह बढ़त न्यू-एज ब्रांड्स के पॉप-अप, फ्लैगशिप आउटलेट्स और फ्रैंचाइज स्टोर का अधिक इस्तेमाल करने के साथ देखा गया है।

सीबीआरई के इंडिया, साउथ-ईस्ट एशिया, मिडल ईस्ट अफ्रिका के चेयरमैन और सीईओ अंशुमन मैगजीन ने कहा, "ऑनलाइन शॉपिंग बढ़ने के बावजूद भी फिजिकल खरीदारी लेनदेन का अधिकांश हिस्सा है, जिससे ओमनीचैनल ग्रोथ महत्वपूर्ण हो जाती है।"

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पहले केवल मॉल की तुलना में, डीटूसी ब्रांड अपने आउटलेट्स के लोकेशन को भी डाइवर्सिफाई कर रहे हैं।

2025 की पहली छमाही में इन ब्रांड का कुल लीजिंग का 46 प्रतिशत हिस्सा हाई स्ट्रीट पर था।

रिपोर्ट में कहा गया, "इसके बाद मॉल में 40 प्रतिशत और स्टैंडअलोन आउटलेट्स में 14 प्रतिशत हिस्सा था।"

जनवरी से जून के बीच सभी प्रमुख शहरों में दिल्ली-एनसीआर में रिटेल लीजिंग का सबसे अधिक 26 प्रतिशत हिस्सा था। इसके बाद बेंगलुरु में 22 प्रतिशत और हैदराबाद में 18 प्रतिशत था।

सीबीआरई इंडिया के लीजिंग सर्विसेज मैनेजिंग डायरेक्टर राम चंदनानी ने कहा कि ऑफलाइन मौजूदगी ब्रांड को पारंपरिक ग्राहकों तक पहुंचने और निचले स्तर के शहरों में अपनी पहुंच बढ़ाने में मदद करती है।

उन्होंने आगे कहा, "फिजिकल स्टोर ब्रांड के भरोसे और विश्वसनीयता को बढ़ाते हैं और ग्राहकों को प्रोडक्ट की क्वालिटी के बारे में आश्वस्त करते हैं। वे ब्रांड को एक खास शॉपिंग माहौल बनाने की भी सुविधा देते हैं। डिजिटल पहुंच और ऑफलाइन अनुभव का यह दोहरी भूमिका भारत में रिटेल ग्रोथ के अगले अध्याय को परिभाषित करने वाली होगी।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारत में ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीदारी का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। रिटेल लीजिंग में फैशन और अपैरल ब्रांड्स की बढ़ती हिस्सेदारी यह दर्शाती है कि उपभोक्ता अनुभव को प्राथमिकता दी जा रही है। देश के रिटेल क्षेत्र में यह बदलाव नई संभावनाओं को जन्म दे रहा है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रिटेल लीजिंग में फैशन और अपैरल ब्रांड्स का हिस्सा कितना है?
फैशन और अपैरल ब्रांड्स का हिस्सा रिटेल लीजिंग में लगभग 60 प्रतिशत है।
क्या डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स ने रिटेल लीजिंग में बढ़त बनाई है?
हाँ, डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स ने रिटेल लीजिंग में महत्वपूर्ण बढ़त बनाई है।
भारत के प्रमुख शहरों में रिटेल लीजिंग का हिस्सा क्या है?
दिल्ली-एनसीआर में 26 प्रतिशत, बेंगलुरु में 22 प्रतिशत और हैदराबाद में 18 प्रतिशत हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले