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निर्माण श्रमिक सशक्तिकरण: मुंबई में 11-12 सितंबर को राष्ट्रीय BOCW सम्मेलन, डॉ. मांडविया करेंगे अध्यक्षता

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निर्माण श्रमिक सशक्तिकरण: मुंबई में 11-12 सितंबर को राष्ट्रीय BOCW सम्मेलन, डॉ. मांडविया करेंगे अध्यक्षता

सारांश

केंद्र और महाराष्ट्र सरकार मिलकर 11-12 सितंबर को मुंबई में BOCW राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कर रही हैं। डॉ. मांडविया की अध्यक्षता में यह आयोजन करोड़ों निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा, डिजिटल पंजीकरण और कल्याण योजनाओं की समीक्षा का मंच बनेगा।

मुख्य बातें

मनसुख मांडविया 11-12 सितंबर को मुंबई में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय BOCW सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे।
सम्मेलन केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे सहित विभिन्न राज्यों के श्रम मंत्री, BOCW बोर्ड अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
नवंबर 2025 में शुरू की गई तीन पहलों — डिजिटल लेबर चौक , लेबर चौक-सह-सुविधा केंद्र और ऑनलाइन BOCW उपकर पोर्टल — की प्रगति की समीक्षा होगी।
श्रमिक पंजीकरण, कल्याण कोष उपयोग, कौशल विकास और अंतरराष्ट्रीय श्रम गतिशीलता प्रमुख चर्चा विषय रहेंगे।

श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया 11 और 12 सितंबर को मुंबई में आयोजित होने वाले दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे, जो भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों (BOCW) के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है। केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन की घोषणा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 9 सितंबर को की।

सम्मेलन में कौन-कौन होंगे शामिल

इस राष्ट्रीय आयोजन में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे भी भाग लेंगी। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के श्रम मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, BOCW कल्याण बोर्डों के अध्यक्ष और सचिव तथा केंद्र-राज्य दोनों स्तरों के प्रतिनिधि इसमें सम्मिलित होंगे। मंत्रालय के अनुसार, यह व्यापक भागीदारी केंद्र, राज्यों और कल्याण बोर्डों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य चर्चा बिंदु और एजेंडा

सम्मेलन में श्रमिकों का पंजीकरण, कल्याणकारी योजनाओं की पहुँच, वैधानिक दायित्व, कल्याण कोष का उपयोग और निगरानी तंत्र जैसे विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श होगा। इसके अतिरिक्त, तकनीक-आधारित सेवाओं के माध्यम से श्रमिकों तक सुविधाओं की पहुँच बढ़ाने और विभिन्न योजनाओं के बेहतर समन्वय पर भी चर्चा की जाएगी।

यह आयोजन नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) के लागू होने के संदर्भ में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इनके अंतर्गत BOCW ढाँचे की व्यापक समीक्षा और कल्याण बोर्डों की कार्यप्रणाली को पुनर्गठित करना अनिवार्य हो गया है।

नवंबर 2025 की तीन पहलों की प्रगति समीक्षा

सम्मेलन का एक अहम हिस्सा नवंबर 2025 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के दौरान शुरू की गई तीन प्रमुख पहलों की प्रगति की समीक्षा होगी। इनमें स्टेट BOCW डिजिटल लेबर चौक, लेबर चौक-सह-सुविधा केंद्र और ऑनलाइन BOCW उपकर संग्रह पोर्टल शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य रोजगार सुविधा को मजबूत करना, श्रमिकों को सम्मानजनक सेवाएँ उपलब्ध कराना और उपकर संग्रह में पारदर्शिता लाना है।

राज्यों के बीच सफल मॉडलों का आदान-प्रदान

दो दिवसीय कार्यक्रम का एक विशेष सत्र राज्यों के BOCW कल्याण बोर्डों द्वारा अपनाई गई सफल पहलों और नवाचारों को साझा करने पर केंद्रित रहेगा। सरकार का मानना है कि इस ज्ञान-आदान-प्रदान से विभिन्न राज्य एक-दूसरे के अनुभवों से सीखकर बेहतर मॉडल अपना सकेंगे।

गौरतलब है कि भारत में निर्माण क्षेत्र रोजगार का एक बड़ा स्रोत है और करोड़ों श्रमिकों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय श्रम गतिशीलता, कौशल विकास, रोजगार अवसर, श्रम सांख्यिकी और लेबर स्टैक जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।

क्या होगा आगे

मंत्रालय के अनुसार, इस सम्मेलन का लक्ष्य क्रियान्वयन संबंधी कमियों की पहचान करना और निर्माण श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा, कल्याण योजनाओं तथा रोजगार अवसरों की अधिक प्रभावी व सुलभ व्यवस्था सुनिश्चित करना है। सम्मेलन के निष्कर्ष आगामी नीतिगत दिशा तय करने में सहायक होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि BOCW कल्याण बोर्डों में वर्षों से जमा हजारों करोड़ रुपये के उपकर कोष का उपयोग अब तक श्रमिकों तक प्रभावी ढंग से क्यों नहीं पहुँचा। नए श्रम संहिताओं और डिजिटल पोर्टलों की घोषणाएँ पहले भी होती रही हैं, परंतु पंजीकरण की दरें और योजनाओं का वास्तविक लाभार्थी आधार अब भी सीमित है। राज्यों के बीच 'सफल मॉडलों के आदान-प्रदान' की बात तब तक अधूरी है जब तक क्रियान्वयन की जवाबदेही तय न हो। सम्मेलन की सार्थकता इसके निष्कर्षों की बाध्यकारी प्रकृति पर निर्भर करेगी, न कि केवल संकल्पों पर।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BOCW राष्ट्रीय सम्मेलन क्या है और यह कब आयोजित होगा?
यह भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों (BOCW) के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार व्यवस्था पर केंद्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन है, जो 11 और 12 सितंबर को मुंबई में आयोजित होगा। इसे केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार मिलकर आयोजित कर रही हैं।
इस सम्मेलन की अध्यक्षता कौन करेंगे?
श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया इस सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे सहित विभिन्न राज्यों के श्रम मंत्री और BOCW बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी इसमें भाग लेंगे।
सम्मेलन में किन विषयों पर चर्चा होगी?
सम्मेलन में श्रमिकों का पंजीकरण, कल्याण कोष का उपयोग, कल्याणकारी योजनाओं की पहुँच, तकनीक-आधारित सेवाएँ, कौशल विकास, अंतरराष्ट्रीय श्रम गतिशीलता और लेबर स्टैक जैसे विषयों पर चर्चा होगी। नवंबर 2025 में शुरू की गई तीन डिजिटल पहलों की प्रगति की समीक्षा भी होगी।
नवंबर 2025 की तीन पहलें कौन-सी हैं जिनकी समीक्षा होगी?
नवंबर 2025 के राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में शुरू की गई तीन पहलें हैं — स्टेट BOCW डिजिटल लेबर चौक, लेबर चौक-सह-सुविधा केंद्र और ऑनलाइन BOCW उपकर संग्रह पोर्टल। इनका उद्देश्य रोजगार सुविधा को सुदृढ़ करना और उपकर संग्रह में पारदर्शिता लाना है।
इस सम्मेलन से निर्माण श्रमिकों को क्या फायदा होगा?
सम्मेलन का लक्ष्य क्रियान्वयन की कमियों की पहचान कर श्रमिकों तक कल्याण योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार अवसरों की पहुँच अधिक प्रभावी बनाना है। राज्यों के बीच सफल मॉडलों के आदान-प्रदान से बेहतर नीतिगत क्रियान्वयन की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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