23 जुलाई 2026
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विस्फोटक कंपनियों में हादसे रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार का बड़ा कदम, 'विस्फोटक नियम 2008' में संशोधन का प्रस्ताव केंद्र को भेजेगी

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विस्फोटक कंपनियों में हादसे रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार का बड़ा कदम, 'विस्फोटक नियम 2008' में संशोधन का प्रस्ताव केंद्र को भेजेगी

सारांश

महाराष्ट्र सरकार विस्फोटक निर्माण कंपनियों में हादसे रोकने के लिए 'विस्फोटक नियम 2008' में संशोधन का प्रस्ताव केंद्र को भेजेगी। CM फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों को अनिवार्य बनाने पर सहमति बनी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में 7 जून 2026 को विस्फोटक सुरक्षा पर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई।
महाराष्ट्र सरकार 'विस्फोटक नियम, 2008' में संशोधन का प्रस्ताव केंद्र सरकार के समक्ष रखेगी।
प्रस्तावित बदलावों में रोबोटिक्स और ऑटोमेशन का उपयोग, मानव हस्तक्षेप में कमी और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पालन शामिल है।
इन नियमों का प्रशासन PESO (पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन) द्वारा किया जाता है।
संशोधन लागू होने के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी आवश्यक होगी।

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में विस्फोटक निर्माण कंपनियों में होने वाली दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में 7 जून 2026 को एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें 'विस्फोटक नियम, 2008' में संशोधन के प्रस्ताव पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष यह संशोधन प्रस्ताव रखेगी।

बैठक में क्या हुआ

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्वयं एक्स पर पोस्ट कर कहा कि विस्फोटक निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करना 'समय की जरूरत' है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित संशोधनों का मुख्य उद्देश्य दुर्घटनाओं की रोकथाम और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

प्रस्तावित बदलावों में क्या शामिल है

सीएम फडणवीस के अनुसार, प्रस्तावित संशोधनों में तीन प्रमुख बिंदु शामिल हैं। पहला — उच्च जोखिम वाले कार्यों में रोबोटिक्स और ऑटोमेशन का अधिकतम उपयोग। दूसरा — मानव हस्तक्षेप को न्यूनतम स्तर पर लाना। तीसरा — अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना। मुख्यमंत्री का मानना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

विस्फोटक नियम 2008 क्या है

गौरतलब है कि 'विस्फोटक नियम, 2008' देशभर में विस्फोटकों के निर्माण, भंडारण, उपयोग, बिक्री, परिवहन, आयात और निर्यात को नियंत्रित करता है। महाराष्ट्र सहित पूरे देश में इन नियमों का पालन अनिवार्य है। इन नियमों का प्रशासन पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (PESO) द्वारा किया जाता है, जो केंद्र सरकार के अधीन काम करता है।

यह कदम क्यों अहम है

राज्य सरकार का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब औद्योगिक सुरक्षा और तकनीकी आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में विस्फोटक एवं रासायनिक इकाइयों में हादसों को लेकर चिंता बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वचालन और रोबोटिक्स जैसी तकनीकों को अनिवार्य बनाने से न केवल जान-माल का नुकसान कम होगा, बल्कि उद्योग की दीर्घकालिक उत्पादकता भी बढ़ेगी।

आगे क्या होगा

राज्य सरकार अब यह संशोधन प्रस्ताव औपचारिक रूप से केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्तुत करेगी। चूँकि PESO केंद्रीय नियामक संस्था है, इसलिए किसी भी संशोधन के लिए केंद्र की मंजूरी आवश्यक होगी। माना जा रहा है कि प्रस्तावित संशोधन लागू होने के बाद विस्फोटक उद्योग में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा भविष्य में दुर्घटनाओं को रोकने में सहायता मिलेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया और PESO के क्रियान्वयन में होगी — क्योंकि विस्फोटक नियमन एक केंद्रीय विषय है और राज्य केवल सिफारिश कर सकते हैं। रोबोटिक्स और ऑटोमेशन की बात नई नहीं है; पहले भी ऐसे सुझाव आए हैं, लेकिन लागत और छोटे उद्यमों की क्षमता की बाधाएँ इन्हें ज़मीन पर उतारने में रुकावट बनती रही हैं। बिना समयबद्ध क्रियान्वयन ढाँचे और स्वतंत्र निरीक्षण तंत्र के, यह प्रस्ताव भी पिछली घोषणाओं की तरह कागज़ पर ही सीमित रह सकता है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र सरकार 'विस्फोटक नियम 2008' में संशोधन क्यों चाहती है?
राज्य में विस्फोटक निर्माण कंपनियों में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। CM फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में सुरक्षा मानकों को आधुनिक तकनीक से मजबूत बनाने पर सहमति बनी।
प्रस्तावित संशोधनों में क्या बदलाव होंगे?
प्रस्तावित बदलावों में उच्च जोखिम वाले कार्यों में रोबोटिक्स और ऑटोमेशन का अधिकतम उपयोग, मानव हस्तक्षेप को न्यूनतम करना और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना शामिल है।
विस्फोटक नियम 2008 क्या है और इसे कौन लागू करता है?
'विस्फोटक नियम, 2008' देशभर में विस्फोटकों के निर्माण, भंडारण, उपयोग, बिक्री, परिवहन, आयात और निर्यात को नियंत्रित करता है। इसका प्रशासन केंद्र सरकार के अधीन PESO (पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन) द्वारा किया जाता है।
क्या महाराष्ट्र सरकार सीधे यह नियम बदल सकती है?
नहीं। चूँकि विस्फोटक नियमन एक केंद्रीय विषय है, राज्य सरकार केवल संशोधन प्रस्ताव केंद्र सरकार के समक्ष रख सकती है। कोई भी बदलाव केंद्र की मंजूरी और PESO के माध्यम से ही लागू होगा।
यह बैठक कब और किसकी अध्यक्षता में हुई?
यह उच्चस्तरीय बैठक 7 जून 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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