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प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में केवाईसी और पासवर्ड सुरक्षा पर दिया जोर

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प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में केवाईसी और पासवर्ड सुरक्षा पर दिया जोर

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में केवाईसी और पासवर्ड बदलने के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने नागरिकों को साइबर ठगी से सतर्क रहने और सशक्त नागरिक बनने का संदेश दिया। जानें इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के बारे में।

मुख्य बातें

केवाईसी और री-केवाईसी आपके बैंक खाते की सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं।
डिजिटल ठगी से बचने के लिए सतर्क रहें।
अपनी जानकारी केवल अधिकृत माध्यमों के जरिए साझा करें।
नियमित रूप से पासवर्ड बदलें।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कृषि में बढ़ रहा है।

नई दिल्ली, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' में केवाईसी, री-केवाईसी और नियमित रूप से पासवर्ड बदलने के महत्व पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने कहा, "सही केवाईसी और समय पर री-केवाईसी आपके बैंक खाते की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। सशक्त नागरिक बनें, क्योंकि यही नागरिक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करेंगे।"

प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम के 131वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे पहले भी डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों पर चर्चा कर चुके हैं। इसके बावजूद, ऐसे मामले बढ़ते जा रहे हैं, इसलिए लोगों को डिजिटल अरेस्ट जैसी ठगी से सतर्क रहना चाहिए।

केवाईसी (नो योर कस्टमर) के विषय में बताते हुए, जो बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा की जाने वाली एक अनिवार्य सत्यापन प्रक्रिया है, प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि बैंक से केवाईसी या री-केवाईसी का संदेश प्राप्त हो, तो घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, भले ही पहले यह प्रक्रिया पूरी कर ली गई हो, क्योंकि यह आपके धन की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

उन्होंने कहा, "आज पेंशन, सब्सिडी, बीमा, यूपीआई सब कुछ बैंक से संबंधित है। इसलिए समय-समय पर री-केवाईसी कराना आवश्यक है।"

प्रधानमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि कुछ अपराधी फर्जी कॉल और लिंक भेजकर लोगों को ठगने का प्रयास करते हैं, इसलिए नागरिकों को ऐसे जाल में नहीं फंसना चाहिए।

उन्होंने कहा, "केवाईसी या री-केवाईसी केवल बैंक की शाखा, आधिकारिक ऐप या अधिकृत माध्यम से ही करें। अपनी जानकारी या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।" साथ ही उन्होंने नियमित रूप से पासवर्ड बदलने की सलाह दी।

इस बीच, 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भविष्य में एआई की शक्ति के उपयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा।

उन्होंने कहा, "समिट में मुझे दुनिया के नेताओं और टेक कंपनियों के सीईओ से मिलने का अवसर मिला। इस सम्मेलन में बताया गया कि एआई किस प्रकार जानवरों के इलाज में मदद कर रहा है और किसान चौबीसो घंटे एआई के माध्यम से अपनी डेयरी और पशुओं की निगरानी कर रहे हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह संदेश हर भारतीय के लिए महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

री-केवाईसी क्यों जरूरी है?
री-केवाईसी आपके बैंक खाते की सुरक्षा को सुनिश्चित करती है और समय-समय पर इसे अपडेट करना आवश्यक है।
डिजिटल अरेस्ट से कैसे बचें?
फर्जी कॉल या लिंक से बचें और अपनी जानकारी केवल अधिकृत माध्यमों के जरिए साझा करें।
पासवर्ड बदलने का महत्व क्या है?
नियमित रूप से पासवर्ड बदलने से आपके खाते की सुरक्षा बढ़ती है और धोखाधड़ी के जोखिम कम होते हैं।
क्या मुझे हमेशा केवाईसी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए?
हां, बैंक से भेजे गए केवाईसी संदेशों पर ध्यान दें और प्रक्रिया को समय पर पूरा करें।
राष्ट्र प्रेस
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