आरती सिंह राव: स्कीट शूटिंग में 4 एशियन पदक, अब हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय स्कीट निशानेबाजी की अग्रणी खिलाड़ी आरती सिंह राव ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के लिए एशियन चैंपियनशिप में चार पदक जीते और अब हरियाणा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में एक नई पारी खेल रही हैं। खेल और राजनीति — दोनों क्षेत्रों में उनकी यह यात्रा एक ऐसे परिवार की पृष्ठभूमि से निकली है, जिसने हरियाणा की राजनीति और शूटिंग दोनों को गहराई से प्रभावित किया है।
डर से शुरू हुई निशानेबाजी की यात्रा
3 जुलाई 1979 को रेवाड़ी, हरियाणा में जन्मी आरती का शूटिंग से पहला परिचय बेहद अप्रत्याशित रहा। बचपन में एक दिन घर पर अचानक गोली चलने की आवाज सुनकर वह घबरा गईं। उनकी माँ ने बताया कि उनके पिता राव इंद्रजीत सिंह अभ्यास कर रहे हैं। इसके बाद राव इंद्रजीत सिंह ने आरती को अपने साथ शूटिंग रेंज ले जाना शुरू किया, ताकि उनके मन से डर निकल सके। यही निर्णय आगे चलकर एक शानदार खेल करियर की आधारशिला बना।
राष्ट्रीय रिकॉर्ड और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ
आरती ने स्कीट निशानेबाजी में वह मुकाम हासिल किया जो पहले किसी ने नहीं किया था। उन्होंने दिग्गज निशानेबाज मनशेर सिंह के 14 बार के राष्ट्रीय चैंपियन बनने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। एशियन चैंपियनशिप में उनका प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा — 2003 में नई दिल्ली में महिला स्कीट स्पर्धा में रजत पदक, 2004 में बैंकॉक में कांस्य पदक, 2005 में स्वर्ण पदक और 2009 में पुनः रजत पदक जीतकर उन्होंने देश का नाम रोशन किया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और पारिवारिक विरासत
दिल्ली विश्वविद्यालय से शिक्षित आरती हरियाणा के एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके दादा राव बीरेंद्र सिंह हरियाणा के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जबकि उनके पिता राव इंद्रजीत सिंह केंद्र सरकार में मंत्री हैं। इस राजनीतिक विरासत ने आरती को खेल के बाद सार्वजनिक जीवन में कदम रखने की प्रेरणा दी।
राजनीति में प्रवेश और वर्तमान भूमिका
2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में आरती ने अटेली सीट से जीत दर्ज की और विधायक बनीं। वर्तमान में वह हरियाणा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के पद पर कार्यरत हैं। इसके साथ ही वह हरियाणा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष के रूप में दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
खेल से राजनीति तक का सफर
आरती सिंह राव की कहानी यह दर्शाती है कि खेल के मैदान पर अर्जित अनुशासन और दृढ़ता किस तरह सार्वजनिक सेवा में भी काम आती है। शूटिंग रेंज से विधानसभा तक की उनकी यह यात्रा हरियाणा की उभरती महिला नेतृत्व का एक सशक्त उदाहरण है। आने वाले समय में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में उनकी नीतिगत पहलें और पैरा स्पोर्ट्स में उनका योगदान उनकी दोहरी विरासत को और मज़बूत करेगा।