एसीबी ने नूर अहमद का एनओसी रद्द किया, सीपीएल 2026 में सेंट लूसिया किंग्स को बड़ा झटका
सारांश
मुख्य बातें
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) ने बाएं हाथ के स्पिनर नूर अहमद का नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) रद्द कर दिया है, जिससे वे कैरेबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) 2026 के शेष मैचों में सेंट लूसिया किंग्स के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। 20 अगस्त को सामने आई इस खबर ने किंग्स की गेंदबाजी योजनाओं पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
एनओसी रद्द होने का असर
नूर अहमद सीपीएल 2024 में सेंट लूसिया किंग्स के लिए 12 मैचों में 22 विकेट लेकर टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाज रहे थे और टीम को खिताब दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई थी। इस बार उनकी अनुपस्थिति किंग्स की गेंदबाजी इकाई के लिए निस्संदेह एक बड़ी चुनौती है।
फ्रेंचाइजी की प्रतिक्रिया
सेंट लूसिया किंग्स ने एक आधिकारिक बयान में कहा, 'नूर अब बाकी टूर्नामेंट में सेंट लूसिया किंग्स का प्रतिनिधित्व करने के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। फ्रेंचाइजी इस बात से निराश है कि नूर टीम में शामिल नहीं हो पाएंगे। हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं।' बयान में यह भी जोड़ा गया कि टीम टिम सीफर्ट का स्वागत करने के लिए उत्सुक है, जो स्क्वाड में शामिल होने के लिए सेंट लूसिया रवाना हो चुके हैं।
टिम सीफर्ट: नया विकल्प
नूर अहमद के स्थान पर किंग्स ने न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज और विकेटकीपर टिम सीफर्ट को साइन किया है। सीफर्ट इन दिनों शानदार फॉर्म में हैं — हाल ही में 'द हंड्रेड' में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स के लिए 10 मैचों में 394 रन बनाकर वे टूर्नामेंट के दूसरे शीर्ष स्कोरर रहे। फाइनल में उन्होंने 38 गेंदों पर 72 रन की विस्फोटक पारी खेलकर टीम को चैंपियन बनाया और प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीता।
सीफर्ट का सीपीएल अनुभव
सीफर्ट सीपीएल के लिए नए नहीं हैं। वे 2020 से 2022 के बीच ट्रिनबागो नाइट राइडर्स का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, लिहाजा कैरेबियन पिचों और परिस्थितियों से उनकी पहचान पुरानी है। यह अनुभव किंग्स की बल्लेबाजी को नई ऊर्जा दे सकता है।
नूर अहमद का किंग्स से रिश्ता
गौरतलब है कि नूर अहमद ने 2020 में किंग्स — तब सेंट लूसिया जॉक्स के नाम से जानी जाती थी — के साथ करार किया था। वीजा संबंधी दिक्कतों के चलते उन्हें शुरुआत में टीम के लिए खेलने का मौका नहीं मिला। सीपीएल 2024 में उन्होंने वापसी की और अपनी गेंदबाजी से टीम को ऐतिहासिक खिताब दिलाया। अब एसीबी के इस फैसले से वह अधूरे टूर्नामेंट में किंग्स के साथ नहीं रह पाएंगे।