एएफसी ने महिला रेफरी और खिलाड़ी को मैच फिक्सिंग के लिए क्रमशः 10 और 5 साल का बैन दिया
सारांश
मुख्य बातें
एशियन फुटबॉल कन्फेडरेशन (एएफसी) ने बुधवार को मंगोलिया की महिला मैच अधिकारी मुंखत्सेत्सेग बातखू और खिलाड़ी नामूना नारमंदख पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा की है। दोनों को एएफसी विमेंस चैंपियंस लीग 2025/26 के एक मैच में परिणाम हेरफेर की साजिश रचने का दोषी पाया गया, जिसके कारण अधिकारी को 10 साल और खिलाड़ी को 5 साल का फुटबॉल से संबंधित सभी गतिविधियों में प्रतिबंध लगाया गया है। एएफसी की अनुशासन और नैतिकता समिति ने यह निर्णय लिया है।
मैच फिक्सिंग की घटना
रिपोर्ट के अनुसार, 25 अगस्त 2025 को स्टैलियन लगुना एफसी (फिलीपींस) और खोवद वेस्टर्न एफसी (मंगोलिया) के बीच खेले गए मैच में दोनों को परिणाम में हेरफेर करने की साजिश में पाया गया था। यह कार्रवाई एएफसी अनुशासन और नैतिकता संहिता के अनुच्छेद 66.1 का स्पष्ट उल्लंघन था, जो मैच में अखंडता के साथ समझौते को प्रतिबंधित करता है।
एएफसी की कड़ी नीति
गौरतलब है कि यह कार्रवाई एएफसी की मैच फिक्सिंग के विरुद्ध 'जीरो-टॉलरेंस' नीति को प्रदर्शित करती है। एशियन फुटबॉल की गरिमा और अखंडता की रक्षा के प्रति एएफसी की यह निरंतर प्रतिबद्धता है। इसके अलावा, ये प्रतिबंध इंटरनेशनल बेटिंग इंटीग्रिटी एसोसिएशन (आईबीआईए) के साथ 2024 में हस्ताक्षरित 4 वर्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अनुरूप हैं।
वैश्विक संदर्भ में महत्व
यह अनुशासनात्मक कार्रवाई फीफा की मैच फिक्सिंग के विरुद्ध नीति के भी अनुरूप है। फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने पिछले साल फीफा इंटीग्रिटी समिट में कहा था कि मैच में हेरफेर का खतरा अभी टला नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि इससे तभी प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है जब फीफा और उसके सदस्य संघ संयुक्त रूप से इस मुद्दे पर कार्य करें। एएफसी की यह कार्रवाई दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशियाई फुटबॉल में खेल की सत्यनिष्ठा बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भेजती है।
महिला फुटबॉल में पारदर्शिता
महिला फुटबॉल में एक अधिकारी के विरुद्ध इस कार्रवाई को एशिया में महिला खेल की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के एएफसी के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। यह घटना दर्शाती है कि खेल की अखंडता सुरक्षित करने के लिए सभी स्तरों पर कठोर निगरानी आवश्यक है।