एशियन गेम्स 2026: भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने साउथ कोरिया को 63-31 से रौंदा, ग्रुप ए में लगातार दूसरी जीत
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में अपना विजयी अभियान जारी रखते हुए मंगलवार, 22 सितंबर को नागोया में ग्रुप ए के दूसरे मुकाबले में साउथ कोरिया को 63-31 के बड़े अंतर से पराजित किया। कप्तान सुनील कुमार की अगुआई में टीम ने शुरुआत से अंत तक मैच पर एकतरफा नियंत्रण बनाए रखा और कोरियाई टीम को कहीं से भी वापसी का अवसर नहीं दिया।
मुख्य घटनाक्रम
पहले हाफ में भारतीय रेडर्स पूरी तरह हावी रहे और टीम ने 34-14 की बड़ी बढ़त के साथ ब्रेक लिया। इस दौरान भारत ने 23 रेड प्वाइंट्स और 7 बोनस प्वाइंट्स अर्जित किए, साथ ही दो बार साउथ कोरिया को ऑलआउट भी किया। कोरियाई रेडर्स भारतीय डिफेंस लाइन में सेंध लगाने में बुरी तरह नाकाम रहे और पहले हाफ में केवल 10 टच प्वाइंट्स ही जुटा सके।
दूसरे हाफ में साउथ कोरिया ने कुछ प्रतिरोध दिखाने की कोशिश की, लेकिन भारत का दबदबा कम नहीं हुआ। भारत ने दूसरे हाफ में 29 और अंक जोड़े तथा मैच में कुल बोनस प्वाइंट्स की संख्या 17 तक पहुँचाई। भारतीय रेडिंग यूनिट ने पूरे मैच में कोरिया के 23 प्वाइंट्स के मुकाबले कुल 38 प्वाइंट्स हासिल किए, जबकि रक्षा पंक्ति ने लगातार सफल टैकल से अपनी श्रेष्ठता साबित की।
ग्रुप ए में भारत की स्थिति
इस जीत के साथ भारत ग्रुप ए में शीर्ष स्थान पर मजबूती से काबिज है। टीम ने अपने दोनों मुकाबलों में दमदार प्रदर्शन किया है — पहले मैच में जापान को भी एकतरफा अंदाज में हराया था। टीम का अगला मुकाबला 23 सितंबर को ग्रुप ए में बांग्लादेश से होगा।
गौरतलब है कि भारतीय पुरुष कबड्डी टीम एशियाई खेलों के पिछले 10 संस्करणों में 9वाँ स्वर्ण पदक जीतने की महत्वाकांक्षा लेकर उतरी है।
एशियन गेम्स में कबड्डी का भारतीय इतिहास
एशियाई खेलों में कबड्डी के इतिहास में भारत निर्विवाद रूप से सबसे सफल देश रहा है। अब तक हुए 13 टूर्नामेंट्स में से 11 बार भारत ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। पुरुष टीम ने 9 संस्करणों में से 8 बार शीर्ष पायदान पर कदम रखा है — एकमात्र अपवाद जकार्ता 2018 रहा, जहाँ टीम को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था। महिला टीम का रिकॉर्ड भी प्रभावशाली है: 4 में से 3 बार स्वर्ण और 2018 में रजत।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय कबड्डी पर प्रो कबड्डी लीग के बाद वैश्विक निगाहें हैं और टीम पर घरेलू दर्शकों की भारी उम्मीदें हैं। भारत की इस एकतरफा जीत से यह स्पष्ट है कि टीम स्वर्ण के प्रबल दावेदार के रूप में आगे बढ़ रही है।
आगे का सफर
ग्रुप चरण के बाद भारतीय टीम नॉकआउट दौर में प्रवेश की ओर अग्रसर है। 23 सितंबर को बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबला एक और जाँच होगी, लेकिन असली परीक्षा सेमीफाइनल और फाइनल में होगी जहाँ ईरान और पाकिस्तान जैसी टीमें कड़ी चुनौती दे सकती हैं।