BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप: आयुष शेट्टी राउंड ऑफ 16 में हारे, अल्वी फरहान ने 21-19, 21-11 से दी मात
सारांश
मुख्य बातें
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के मेंस सिंगल्स राउंड ऑफ 16 में भारत के आयुष शेट्टी का प्रभावशाली अभियान 20 अगस्त को थम गया, जब इंडोनेशिया के अल्वी फरहान ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में उन्हें 21-19, 21-11 से पराजित किया। यह हार उस भारतीय खिलाड़ी के लिए निराशाजनक रही जिसने इस टूर्नामेंट में वर्ल्ड नंबर 1 को चौंकाते हुए अपनी धमाकेदार उपस्थिति दर्ज कराई थी।
पहला गेम: रोमांचक संघर्ष
पहला गेम स्कोरलाइन से कहीं अधिक कड़ा और रोमांचक रहा। इंटरवल तक फरहान ने 11-9 की मामूली बढ़त बनाई, लेकिन कोई भी खिलाड़ी निर्णायक पकड़ नहीं बना पाया। दूसरे हाफ में फरहान ने धीरे-धीरे अंतर बढ़ाया और 18-14 पर चार अंकों की बढ़त ले ली।
ठीक उसी क्षण आयुष शेट्टी ने अपने सर्वश्रेष्ठ खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने लगातार पाँच अंक जीतकर स्कोर 19-18 कर दिया और बढ़त अपने पक्ष में कर ली। हालाँकि, फरहान ने संयम बनाए रखा — उनकी अपीलें खारिज होने के बावजूद उनका ध्यान नहीं भटका — और उन्होंने बढ़त पुनः हासिल करते हुए पहला गेम 21-19 से अपने नाम किया।
दूसरा गेम: फरहान का दबदबा
दूसरे गेम में इंडोनेशियाई खिलाड़ी ने शुरू से ही आक्रामक रुख अपनाया। 3-1 की शुरुआती बढ़त के साथ फरहान ने रैलियों की गति ऐसी रखी कि आयुष के लिए वापसी की गुंजाइश सीमित हो गई। नेट के पास का खेल भारतीय खिलाड़ी के लिए विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण रहा — फरहान बार-बार कोर्ट के उस हिस्से को निशाना बनाते रहे और छोटी रैलियों में अंक बटोरते रहे।
इंटरवल तक फरहान 11-6 से आगे थे और उसके बाद अंतर और बढ़ता गया। पहले गेम जैसी वापसी इस बार आयुष नहीं कर पाए। फरहान ने खेल के अंतिम चरण में पूरा नियंत्रण बनाए रखा और दूसरा गेम 21-11 से जीत लिया।
आयुष का टूर्नामेंट सफर
गौरतलब है कि इस हार से पहले आयुष शेट्टी ने इस टूर्नामेंट में कुछ यादगार जीतें दर्ज की थीं। उन्होंने शुरुआती दौर में वर्ल्ड नंबर 1 और मौजूदा चैंपियन शी यू क्यूई को हराकर बड़ा उलटफेर किया था — यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है। इसके बाद उन्होंने श्रीलंका के डुमिंडु अबेविक्रमा को 21-8, 21-10 से हराकर राउंड ऑफ 16 में जगह बनाई थी।
आगे क्या
अल्वी फरहान की इस जीत के साथ वे क्वार्टरफाइनल में प्रवेश कर गए हैं। भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों के लिए आयुष का यह प्रदर्शन — खासकर वर्ल्ड नंबर 1 को हराना — आने वाले समय में उनकी बड़ी क्षमता का संकेत देता है। यह टूर्नामेंट भले ही राउंड ऑफ 16 में समाप्त हुआ, लेकिन आयुष ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान मज़बूत की है।