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कैंसर रातों-रात नहीं आता, यह जीवनशैली के गलत फैसलों का नतीजा है: जोंटी रोड्स

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कैंसर रातों-रात नहीं आता, यह जीवनशैली के गलत फैसलों का नतीजा है: जोंटी रोड्स

सारांश

क्रिकेट के मैदान पर अपनी फुर्ती से दुनिया को चौंकाने वाले जोंटी रोड्स अब एक और मोर्चे पर सक्रिय हैं — कैंसर जागरूकता। मुंबई में उन्होंने साफ कहा: यह बीमारी रातों-रात नहीं आती, हमारी रोज़मर्रा की आदतें और तनाव ही इसकी नींव रखते हैं।

मुख्य बातें

जोंटी रोड्स ने 12 अगस्त को मुंबई में कहा कि कैंसर खराब आदतों, तनाव और जीवनशैली के गलत फैसलों का दीर्घकालिक परिणाम है।
रोड्स एसएसओ कैंसर हॉस्पिटल के ब्रांड एम्बेसडर हैं और साल के पाँच महीने भारत में परिवार के साथ रहते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि फिट रहने वाले लोगों को भी कैंसर हो सकता है, लेकिन सचेत विकल्प जोखिम कम करते हैं।
रोड्स ने बच्चों को भी कठिन लेकिन सही विकल्प चुनना सिखाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत में कैंसर का इलाज संभव है और लोगों को इससे डरने की जरूरत नहीं।

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स ने 12 अगस्त 2026 को मुंबई में एसएसओ कैंसर हॉस्पिटल द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी रातों-रात नहीं होती, बल्कि यह वर्षों की खराब आदतों, मानसिक तनाव और जीवनशैली से जुड़े गलत फैसलों का संचित परिणाम होती है। एसएसओ कैंसर हॉस्पिटल के ब्रांड एम्बेसडर के रूप में रोड्स ने लोगों से सचेत जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया।

रोड्स ने कार्यक्रम में क्या कहा

अपनी विश्वस्तरीय फील्डिंग के लिए प्रसिद्ध रहे जोंटी रोड्स ने कहा, "जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बारे में यही दिलचस्प बात है, और यहाँ हम खासतौर पर कैंसर की बात कर रहे हैं। ये बीमारियाँ हमेशा रातों-रात नहीं होतीं — ये उन आदतों, शरीर पर पड़ने वाले तनाव और जीवनशैली से जुड़े हमारे फैसलों का नतीजा होती हैं, जिन्हें हम अपनाते हैं।" उनका यह वक्तव्य कैंसर-जागरूकता के संदर्भ में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि वे स्वयं एक पेशेवर खिलाड़ी की दृष्टि से इस विषय पर बोल रहे थे।

फिटनेस और सही विकल्पों की भूमिका

रोड्स ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा, "हॉकी और क्रिकेट खिलाड़ी होने के नाते मैं भाग्यशाली रहा कि फिटनेस हमेशा मेरी जीवनशैली का हिस्सा रही। मैं यह नहीं कह रहा कि फिट लोगों को कैंसर नहीं होता, लेकिन मैं हमेशा उन विकल्पों के प्रति सजग रहा जो मैं अपनाता था।" उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने अपने बच्चों को भी कठिन लेकिन सही विकल्प चुनना सिखाया है, ताकि भविष्य में उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

भारत से उनका व्यक्तिगत जुड़ाव

रोड्स ने यह भी बताया कि वे साल के पाँच महीने अपने परिवार के साथ भारत में बिताते हैं, इसलिए वे यहाँ की जीवनशैली और स्वास्थ्य चुनौतियों को करीब से समझते हैं। उन्होंने कहा, "मेरे परिवार में किसी को कैंसर नहीं हुआ है, लेकिन मैं जानता हूँ कि आजकल जिस तरह की जीवनशैली लोग अपना रहे हैं, उसमें कैंसर बहुत आम हो गया है।" उनके अनुसार, उनकी जागरूकता का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि सही जानकारी से वे बेहतर विकल्प चुन सकते हैं।

इलाज संभव है, घबराएँ नहीं

रोड्स ने जोर देकर कहा कि कैंसर का इलाज संभव है और लोगों को इस बीमारी से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत में कैंसर के उपचार के लिए अनेक कुशल चिकित्सक उपलब्ध हैं। उन्होंने एसएसओ कैंसर हॉस्पिटल को विशेष रूप से इसी बीमारी के इलाज के लिए तैयार किया गया संस्थान बताया और कहा कि यही कारण है कि वे इस अस्पताल से जुड़े हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत में कैंसर के मामलों में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है और जन-जागरूकता की माँग पहले से कहीं अधिक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

रणनीति है। एक विदेशी खिलाड़ी का ब्रांड एम्बेसडर बनना अस्पताल की मार्केटिंग रणनीति का हिस्सा हो सकता है, लेकिन उनका मूल संदेश — कि जीवनशैली के निर्णय ही बीमारी की नींव रखते हैं — चिकित्सा विशेषज्ञों की राय से मेल खाता है। असली सवाल यह है कि क्या यह जागरूकता उन तबकों तक पहुँचती है जो सबसे अधिक जोखिम में हैं — ग्रामीण और कम आय वर्ग — या यह केवल शहरी मध्यवर्ग तक सीमित रहती है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जोंटी रोड्स ने कैंसर के बारे में क्या कहा?
जोंटी रोड्स ने कहा कि कैंसर रातों-रात नहीं होता, बल्कि यह वर्षों की खराब आदतों, शारीरिक तनाव और जीवनशैली के गलत फैसलों का नतीजा है। उन्होंने लोगों को सचेत और स्वस्थ विकल्प अपनाने की सलाह दी।
जोंटी रोड्स एसएसओ कैंसर हॉस्पिटल से कैसे जुड़े हैं?
जोंटी रोड्स एसएसओ कैंसर हॉस्पिटल के ब्रांड एम्बेसडर हैं। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल खासतौर पर कैंसर के इलाज के लिए तैयार किया गया है, इसीलिए वे इससे जुड़े हैं।
क्या फिट रहने वाले लोगों को कैंसर नहीं होता?
जोंटी रोड्स ने स्पष्ट किया कि फिट रहने वाले लोगों को भी कैंसर हो सकता है। हालाँकि, सचेत जीवनशैली और सही विकल्प इस जोखिम को कम करने में सहायक होते हैं।
जोंटी रोड्स का भारत से क्या संबंध है?
रोड्स ने बताया कि वे साल के पाँच महीने अपने परिवार के साथ भारत में रहते हैं। इस कारण वे यहाँ की जीवनशैली और स्वास्थ्य चुनौतियों को करीब से समझते हैं।
भारत में कैंसर का इलाज संभव है?
जोंटी रोड्स ने कहा कि कैंसर का इलाज संभव है और लोगों को इससे डरना नहीं चाहिए। उनके अनुसार, भारत में इस बीमारी के उपचार के लिए अनेक कुशल चिकित्सक उपलब्ध हैं।
राष्ट्र प्रेस
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