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चेतन चौहान: बिना शतक 2,000 टेस्ट रन बनाने वाले विश्व के पहले बल्लेबाज, गावस्कर को बैन से बचाया था

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चेतन चौहान: बिना शतक 2,000 टेस्ट रन बनाने वाले विश्व के पहले बल्लेबाज, गावस्कर को बैन से बचाया था

सारांश

चेतन चौहान — वह बल्लेबाज जिन्होंने बिना एक शतक के टेस्ट क्रिकेट में 2,084 रन बनाए और विश्व रिकॉर्ड कायम किया। 1981 के मेलबर्न विवाद में उनकी सूझबूझ ने गावस्कर को संभावित पाँच साल के बैन से बचाया।

मुख्य बातें

चेतन चौहान टेस्ट क्रिकेट में बिना शतक के 2,000 रन पूरे करने वाले विश्व के पहले बल्लेबाज थे।
उन्होंने भारत के लिए 40 टेस्ट में 2,084 रन और 7 वनडे में 153 रन बनाए।
करियर में 80 से 97 के बीच के स्कोर पर 9 बार आउट हुए, लेकिन कभी शतक नहीं जुटा सके।
घरेलू क्रिकेट में 179 प्रथम श्रेणी मैचों में 11,143 रन , 21 शतक और 59 अर्धशतक ।
1981 मेलबर्न टेस्ट में उन्होंने सुनील गावस्कर को मैच बहिष्कार से रोककर संभावित पाँच साल के बैन से बचाया।
16 अगस्त, 2020 को 73 वर्ष की आयु में कोविड-19 के कारण निधन।

भारतीय क्रिकेट के सबसे जुझारू सलामी बल्लेबाजों में से एक चेतन चौहान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वह मुकाम हासिल किया जो उनसे पहले किसी ने नहीं किया था — वह टेस्ट क्रिकेट में बिना एक भी शतक लगाए 2,000 रन पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने। 21 जुलाई, 1947 को उत्तर प्रदेश के बरेली में जन्मे चेतन का क्रिकेट से गहरा नाता बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे एक यादगार अंतरराष्ट्रीय करियर में बदल गया।

घरेलू क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर

चेतन चौहान ने घरेलू क्रिकेट में अपना डेब्यू 1967 में किया और लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। उन्होंने 179 प्रथम श्रेणी मैचों में 40 की औसत से 11,143 रन बनाए, जिनमें 21 शतक और 59 अर्धशतक शामिल रहे। घरेलू क्रिकेट में इस दमदार प्रदर्शन के बल पर 1978 में उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली।

अनोखा अंतरराष्ट्रीय करियर और ऐतिहासिक रिकॉर्ड

चेतन ने भारत के लिए 40 टेस्ट और 7 एकदिवसीय मैच खेले। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 2,084 रन बनाए, जबकि वनडे में 153 रन उनके खाते में आए। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वह कभी शतक नहीं जुटा सके — अपने करियर में वह 80 से 97 के बीच के स्कोर पर 9 बार आउट हुए। बावजूद इसके, टेस्ट क्रिकेट में बिना शतक के 2,000 रन पूरे करने वाले वह विश्व के पहले बल्लेबाज बने — एक रिकॉर्ड जो कई वर्षों तक अटूट रहा।

मेलबर्न 1981: गावस्कर विवाद और चेतन की सूझबूझ

1981 में मेलबर्न के मैदान पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए टेस्ट मैच में एक नाटकीय घटना हुई। तेज गेंदबाज डेनिस लिली की एक गेंद सुनील गावस्कर के पैड पर लगी और अंपायर ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट करार दिया। गावस्कर इस फैसले से नाखुश थे और मैदान छोड़ने को तैयार नहीं थे। बहस लंबी खिंची और तत्कालीन कप्तान गावस्कर अपने सलामी जोड़ीदार चेतन का हाथ थामकर मैदान से बाहर जाने लगे — वह मैच का बहिष्कार करना चाहते थे।

इस नाजुक मौके पर चेतन ने संयम और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने पहले गावस्कर को समझाने की कोशिश की और फिर टीम इंडिया के ग्रुप कैप्टन शाहिद अली खां दुर्रानी को मैदान की ओर आने का इशारा किया। दुर्रानी के हस्तक्षेप के बाद गावस्कर शांत हुए और मामला सुलझ गया। क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार, यदि चेतन ने गावस्कर को नहीं रोका होता, तो उन पर इस आचरण के लिए पाँच साल तक का प्रतिबंध लग सकता था।

विरासत और निधन

बड़े से बड़े गेंदबाजों का डटकर सामना करने वाले चेतन चौहान का 16 अगस्त, 2020 को 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया। कोविड-19 से जूझते हुए वह जिंदगी की यह लड़ाई हार गए। उनका जाना भारतीय क्रिकेट के लिए एक अपूरणीय क्षति था — एक ऐसे खिलाड़ी की विदाई जिन्होंने मैदान पर और मैदान के बाहर, दोनों जगह अपनी समझदारी और साहस का लोहा मनवाया।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी 2,084 रन बनाए। यह सिर्फ आँकड़ों की विडंबना नहीं, बल्कि उस दौर के टेस्ट क्रिकेट के दबाव और भारतीय बल्लेबाजी क्रम की संरचना का प्रतिबिंब है। 1981 के मेलबर्न प्रसंग में उनकी भूमिका — जो अक्सर गावस्कर की कहानी में दब जाती है — यह दर्शाती है कि मैदान पर संयम और टीम-भावना कभी-कभी रन से भी बड़ी विरासत छोड़ती है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चेतन चौहान का विश्व रिकॉर्ड क्या था?
चेतन चौहान टेस्ट क्रिकेट में बिना एक भी शतक लगाए 2,000 रन पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज थे। उन्होंने 40 टेस्ट मैचों में कुल 2,084 रन बनाए और यह रिकॉर्ड कई वर्षों तक अटूट रहा।
चेतन चौहान का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
चेतन चौहान का जन्म 21 जुलाई, 1947 को उत्तर प्रदेश के बरेली में हुआ था। उन्होंने 1967 में घरेलू क्रिकेट में डेब्यू किया और 1978 में भारतीय टीम में जगह बनाई।
1981 मेलबर्न टेस्ट में गावस्कर विवाद क्या था?
1981 के मेलबर्न टेस्ट में डेनिस लिली की गेंद पर सुनील गावस्कर को एलबीडब्ल्यू आउट दिया गया, जिससे असहमत गावस्कर मैच का बहिष्कार करने के इरादे से चेतन का हाथ थामकर मैदान से बाहर जाने लगे। चेतन ने सूझबूझ दिखाते हुए उन्हें रोका और शाहिद अली खां दुर्रानी की मदद से मामला सुलझाया।
चेतन चौहान ने गावस्कर को बैन से कैसे बचाया?
चेतन ने पहले गावस्कर को समझाने की कोशिश की, फिर टीम के ग्रुप कैप्टन शाहिद अली खां दुर्रानी को मैदान की ओर बुलाया। दुर्रानी के हस्तक्षेप के बाद गावस्कर शांत हुए। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि चेतन ने हस्तक्षेप न किया होता तो गावस्कर पर पाँच साल तक का प्रतिबंध लग सकता था।
चेतन चौहान का निधन कब हुआ?
चेतन चौहान का निधन 16 अगस्त, 2020 को 73 वर्ष की आयु में हुआ। वह कोविड-19 से संक्रमित हुए थे और इस बीमारी से जिंदगी की लड़ाई हार गए।
राष्ट्र प्रेस
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