गैरी कर्स्टन ने पीसीबी की दखलअंदाजी के चलते कोच पद छोड़ा
सारांश
Key Takeaways
- गैरी कर्स्टन ने पीसीबी की दखलअंदाजी से परेशान होकर इस्तीफा दिया।
- उन्होंने अनुबंध से संबंधित कई मुद्दों का उल्लेख किया।
- कर्स्टन ने भारतीय टीम को 2011 में विश्व कप जीताने में मदद की थी।
- वह अब श्रीलंका के मुख्य कोच बन गए हैं।
- उनका कार्यकाल 2028 में समाप्त होगा।
नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान क्रिकेट टीम अपने लगातार बदलते कप्तानों और कोचों के कारण चर्चा का विषय बनी रहती है। गैरी कर्स्टन को भी पीसीबी ने काफी धूमधाम से पाकिस्तान टीम का मुख्य कोच बनाया था, लेकिन उनका कार्यकाल भी अपेक्षित समय तक नहीं चल सका। कर्स्टन ने इसके पीछे का कारण बताया है।
भारत को 2011 में वनडे विश्व कप जीताने में बतौर कोच महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर गैरी कर्स्टन को टी20 विश्व कप 2024 से पूर्व दो साल के अनुबंध पर व्हाइट बॉल क्रिकेट का मुख्य कोच नियुक्त किया गया था। हालाँकि, कर्स्टन ने केवल छह महीने बाद ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अब पाकिस्तान टीम के हेड कोच के पद से हटने का कारण बताया है।
गैरी कर्स्टन ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की दखलअंदाजी के कारण उन्होंने यह निर्णय लिया।
कर्स्टन ने कहा कि बाहरी दबाव का स्तर इतना अधिक था कि खिलाड़ियों के साथ एक स्थिर माहौल बनाना मुश्किल हो गया। दखलअंदाजी का यह स्तर उन्हें परेशान करता था और उन्होंने पहले कभी ऐसा अनुभव नहीं किया।
उन्होंने यह भी कहा कि जब टीम के परिणाम उम्मीदों के अनुरूप नहीं होते, तो कोच अक्सर आसान लक्ष्य बन जाता है। ऐसी परिस्थितियों में, कोच को टीम के प्रदर्शन का दोषी ठहराना आसान हो जाता है।
इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने पीसीबी पर अनुबंध से संबंधित अनियमितताओं, बकाया राशि और बार-बार अनुबंध तोड़ने के आरोप भी लगाए, जिन्हें उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे के कारणों में शामिल किया।
भारत और पाकिस्तान के बाद, गैरी को श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने अपनी टीम का नया मुख्य कोच नियुक्त किया है। टी20 विश्व कप 2026 में श्रीलंका टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद, हेड कोच सनथ जयसूर्या ने पद छोड़ दिया था, जिसके बाद कर्स्टन को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। कर्स्टन 15 अप्रैल से कार्यभार संभालेंगे। उनका कार्यकाल दो साल का है और यह 2028 में समाप्त होगा।