गावस्कर का सवाल: 18वें ओवर में अक्षर नहीं, अर्शदीप या मयंक को देनी चाहिए थी गेंद
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने रांची में खेले गए दूसरे टी20 मैच में भारत की गेंदबाजी रणनीति पर तीखी आलोचना की है। उनके अनुसार, वेस्टइंडीज के रिकॉर्ड चेज के दौरान 18वाँ ओवर अक्षर पटेल को सौंपने के बजाय अर्शदीप सिंह या मयंक यादव को यह ज़िम्मेदारी देना बेहतर फैसला होता। भारत 249/5 के विशाल स्कोर की रक्षा करने में विफल रहा और वेस्टइंडीज ने 19.2 ओवर में 252/4 बनाकर 6 विकेट से जीत दर्ज की।
गावस्कर ने क्या कहा
गावस्कर ने एक प्रमुख स्पोर्ट्स चैनल पर कहा, 'मैं अर्शदीप या मयंक में से किसी एक को चुनता। हाँ, अर्शदीप ने अपने आखिरी ओवर में काफी रन दिए, लेकिन मयंक ने शुरुआती झटके दिए थे।' उन्होंने आगे जोड़ा कि मयंक का इकॉनमी रेट लगभग 12 रन प्रति ओवर था और उस वक्त वेस्टइंडीज को इससे अधिक रनों की दरकार थी। गावस्कर के मुताबिक यदि मयंक को 18वाँ ओवर दिया जाता और एक विकेट मिल जाता, तो मैच का रुख पलट सकता था।
नौवें ओवर के फैसले पर भी उठाया सवाल
गावस्कर ने केवल 18वें ओवर पर नहीं, बल्कि नौवें ओवर में शिवम दुबे को गेंद सौंपने के फैसले पर भी आपत्ति जताई। उनका तर्क था कि उस दौर में वेस्टइंडीज के बल्लेबाज अभी अपनी नजरें जमा रहे थे, इसलिए कुलदीप यादव को मौका देना रणनीतिक रूप से अधिक प्रभावी साबित हो सकता था।
उन्होंने कहा, 'एक बार जब आपको विकेट मिल जाता है, तो अचानक विरोधी टीम बैकफुट पर आ जाती है। नए बल्लेबाज को क्रीज पर आना पड़ता है। नौवें ओवर में शिवम दुबे को लाना ठीक नहीं था — उस समय कुलदीप को लाना बेहतर आइडिया होता।'
मैच का घटनाक्रम
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 249/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो साधारण परिस्थितियों में आसानी से बचाव योग्य माना जाता। लेकिन वेस्टइंडीज के कप्तान शे होप ने 45 गेंदों पर 102 रन की नाबाद पारी खेलकर मेहमान टीम को असाधारण जीत दिलाई। उनके साथ शेरफेन रदरफोर्ड ने 37 गेंदों पर 84 रन जोड़े। दोनों ने 120 रनों की अहम साझेदारी की।
मयंक यादव ने तीन विकेट लेकर भारत को शुरुआती सफलता दिलाई, परंतु टीम वेस्टइंडीज के हमलावर रवैये पर अंकुश नहीं लगा सकी। वेस्टइंडीज का यह सफल चेज भारत के खिलाफ उनका सबसे बड़ा रन-चेज था।
सीरीज पर असर
इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने पाँच मैचों की सीरीज को 1-1 से बराबर कर लिया। गौरतलब है कि पहला टी20 भारत ने जीता था। अब सीरीज के शेष तीन मैच निर्णायक महत्व के हो गए हैं और भारतीय टीम प्रबंधन को गेंदबाजी संयोजन पर गंभीरता से विचार करना होगा।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
गावस्कर की आलोचना इस मायने में महत्वपूर्ण है क्योंकि वे भारत के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों और क्रिकेट विश्लेषकों में शुमार हैं। उनका मानना है कि डेथ ओवरों में गेंदबाजी चयन की यह चूक एक ऐसा पहलू है जिस पर भारत की टीम मैनेजमेंट को ध्यान देना चाहिए। आने वाले मैचों में यदि भारत को सीरीज जीतनी है, तो गेंदबाजी रणनीति में बदलाव अपरिहार्य लगता है।